{"_id":"62682cedc90ffb50ea2f0dd8","slug":"plan-made-10-years-ago-not-yet-implemented-etah-news-agr531501949","type":"story","status":"publish","title_hn":"10 साल पहले बनी योजना, क्रियान्वयन अब तक नहीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
10 साल पहले बनी योजना, क्रियान्वयन अब तक नहीं
विज्ञापन
बस स्टैंड के पास जीटी रोड पर खड़ी प्राइवेट बसें। संवाद
- फोटो : ETAH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। शहर में अवैध वाहन स्टैंड की समस्या नई नहीं है, न ही इन्हें हटाने के लिए पहली बार सोचा जा रहा है। करीब दस साल पहले 2012 में तो प्रशासन ने इन सभी स्टैंडों को शहर से हटाकर शहर के बाहर स्थापित कर वैध रूप देने का खाका तैयार किया था। इसे अमली रूप देना था, जो आज तक नहीं दिया जा सका।
बनाई गई योजना के तहत हर प्रमुख मार्ग पर शहर से बाहर वैध स्टैंड बनाए जाने थे, इसकी संख्या आठ तय की गई। इससे वाहनों का शहर के अंदर यहां-वहां सड़कों पर खड़ा होना और शहर में वाहनों की भीड़ कम होती। जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर बनती। इसके लिए पहले सरकारी जमीन ढूंढ़ी गई, जो नहीं मिल सकी। बाद में किराए की जमीन भी तलाश की गई। इस पर लोग अपनी जमीन देने को राजी नहीं हुए।
दृश्य 1: ठंडी सड़क के दोनों ओर चल रहा अवैध बस स्टैंड
शहर के अंदर ठंडी सड़क पर अवैध रूप से बस स्टैंड लंबे समय से चलाया जा रहा है। गंजडुंडवारा, सहावर, अमांपुर के लिए यहां से बसें रवाना होती हैं। ऐसी कोई जगह नहीं हैं, जहां अंदर बसों को खड़ा किया जाए। सड़क किनारे ही दोनों ओर बसें खड़ी कर यात्रियों को चढ़ाया-उतारा जाता है।
विज्ञापन
दृश्य 2: रोडवेज बस स्टैंड के पास ही बना रखा है निजी स्टैंड
निजी वाहन संचालक दबंगई के मामले में भी कम नहीं हैं। रोडवेज बस स्टैंड के आगे ही निजी स्टैंड बना रखा है। सड़क पर बसें खड़ी कर कासगंज के लिए सवारी भरी जाती हैं। कई बार रोडवेज बस चालक-परिचालकों से विवाद हुआ, लेकिन यह स्टैंड खत्म नहीं हो सका।
यह थी वाहन स्टैंड योजना
2012 में जो प्रस्ताव तैयार किया गया था, उसके मुताबिक शहर के अंदर संचालित प्राइवेट वाहन स्टैंडों को हटाकर आठ स्थानों पर स्टैंड बनाए जाने थे। इसमें निधौली कलां मार्ग के वाहनों के लिए रेलवे क्रॉसिंग के उस पार नगला केवल पर, कासगंज की ओर जाने वाले वाहनों के लिए गुरुकुल के पास, आगरा व जलेसर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के पास, अलीगंज की ओर जाने वाले वाहनों के लिए शीतलपुर पेट्रोल पंप के पास स्टैंड बनवाए जाने थे। गंजडुंडवारा और सहावर जाने वाले वाहनों के लिए रामपुर घनश्याम, मैनपुरी की ओर जाने वाले वाहनों के लिए गोशाला के पास, सकीट जाने वाले वाहनों के लिए मैनपुरी चुंगी तिराहा और शिकोहाबाद की ओर जाने वाले वाहनों के लिए साक्षी आश्रम के पास वाहन स्टैंड की स्थापना की जानी थी।
विज्ञापन
बनाई गई योजना के तहत हर प्रमुख मार्ग पर शहर से बाहर वैध स्टैंड बनाए जाने थे, इसकी संख्या आठ तय की गई। इससे वाहनों का शहर के अंदर यहां-वहां सड़कों पर खड़ा होना और शहर में वाहनों की भीड़ कम होती। जिससे यातायात व्यवस्था बेहतर बनती। इसके लिए पहले सरकारी जमीन ढूंढ़ी गई, जो नहीं मिल सकी। बाद में किराए की जमीन भी तलाश की गई। इस पर लोग अपनी जमीन देने को राजी नहीं हुए।
विज्ञापन
दृश्य 1: ठंडी सड़क के दोनों ओर चल रहा अवैध बस स्टैंड
शहर के अंदर ठंडी सड़क पर अवैध रूप से बस स्टैंड लंबे समय से चलाया जा रहा है। गंजडुंडवारा, सहावर, अमांपुर के लिए यहां से बसें रवाना होती हैं। ऐसी कोई जगह नहीं हैं, जहां अंदर बसों को खड़ा किया जाए। सड़क किनारे ही दोनों ओर बसें खड़ी कर यात्रियों को चढ़ाया-उतारा जाता है।
विज्ञापन
दृश्य 2: रोडवेज बस स्टैंड के पास ही बना रखा है निजी स्टैंड
निजी वाहन संचालक दबंगई के मामले में भी कम नहीं हैं। रोडवेज बस स्टैंड के आगे ही निजी स्टैंड बना रखा है। सड़क पर बसें खड़ी कर कासगंज के लिए सवारी भरी जाती हैं। कई बार रोडवेज बस चालक-परिचालकों से विवाद हुआ, लेकिन यह स्टैंड खत्म नहीं हो सका।
यह थी वाहन स्टैंड योजना
2012 में जो प्रस्ताव तैयार किया गया था, उसके मुताबिक शहर के अंदर संचालित प्राइवेट वाहन स्टैंडों को हटाकर आठ स्थानों पर स्टैंड बनाए जाने थे। इसमें निधौली कलां मार्ग के वाहनों के लिए रेलवे क्रॉसिंग के उस पार नगला केवल पर, कासगंज की ओर जाने वाले वाहनों के लिए गुरुकुल के पास, आगरा व जलेसर की ओर जाने वाले वाहनों के लिए क्रिश्चियन इंटर कॉलेज के पास, अलीगंज की ओर जाने वाले वाहनों के लिए शीतलपुर पेट्रोल पंप के पास स्टैंड बनवाए जाने थे। गंजडुंडवारा और सहावर जाने वाले वाहनों के लिए रामपुर घनश्याम, मैनपुरी की ओर जाने वाले वाहनों के लिए गोशाला के पास, सकीट जाने वाले वाहनों के लिए मैनपुरी चुंगी तिराहा और शिकोहाबाद की ओर जाने वाले वाहनों के लिए साक्षी आश्रम के पास वाहन स्टैंड की स्थापना की जानी थी।