फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   people started picketing by keeping dead body Due to encroachment on cremation ground in Etah SDM removed

श्मशान पर शव रखकर धरना: अंतिम संस्कार को पहुंचे तो मिला अतिक्रमण, SDM ने हटवाया कब्जा, फिर हुई अंत्येष्टि

Wed, 29 Mar 2023 06:35 PM IST
भूपेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: भूपेन्द्र सिंह Updated Wed, 29 Mar 2023 06:35 PM IST
सार

एटा में श्मशान की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। बुधवार की सुबह शव का अंतिम संस्कार के लिए लोग पहुंचे। अतिक्रमण देख वह शव रखकर धरने पर बैठ गए। करीब चार घंटे तक शव रखकर बैठे रहे। सूचना अधिकारियों ने पहुंचकर पैमाइश कराई और कब्जा हटवाया। इसके बाद अंत्येष्टि की गई।

विज्ञापन
people started picketing by keeping dead body Due to encroachment on cremation ground in Etah SDM removed
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

उत्तर प्रदेश के एटा में श्मशान की जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा कर लिया। बुधवार की सुबह शव का अंतिम संस्कार के लिए लोग पहुंचे। अतिक्रमण देख वह शव रखकर धरने पर बैठ गए। करीब चार घंटे तक शव रखकर बैठे रहे। सूचना अधिकारियों ने पहुंचकर पैमाइश कराई और कब्जा हटवाया। इसके बाद अंत्येष्टि की गई।

विज्ञापन


मामला जलेसर थाना क्षेत्र के शेरपुर गांव का है। यहां मंगलवार की शाम करीब पांच बजे गांव के किशनलाल (50) की बीमारी के चलते मौत हो गई। परिजन व अन्य लोग बुधवार सुबह करीब सात बजे शव लेकर दाह संस्कार करने के लिए श्मशान पहुंचे। लेकिन श्मशान की भूमि पर फसल हो रही थी। कब्जेदारों ने दाह संस्कार से रोक दिया। काफी देर तक वहां वाद-विवाद चलता रहा। बाद में मृतक के भाई प्रकाश ने मामले की जानकारी कोतवाली पुलिस को दी। पुलिस ने राजस्व विभाग को भी मामले से अवगत कराया।

विज्ञापन

कब्जा हटाने के बाद किया गया शव का अंतिम संस्कार 

एसडीएम रामनयन सिंह क्षेत्रीय लेखपाल व कानूनगो के साथ वहां पहुंचे। जमीन की पैमाइश कराकर श्मशान की भूमि को चिह्नित किया गया। इस पर हो रही गेहूं की फसल को कटवाकर जमीन को कब्जा मुक्त कराया। इसके बाद करीब 11 बजे किशनलाल के शव का अंतिम संस्कार किया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

वाल्मीकि समाज को 20 साल बाद वापस मिला श्मशान

गांव के प्रकाश, राकेश, चोब सिंह, ओमप्रकाश आदि लोगों ने बताया कि श्मशान की चार डेसिमल जमीन पर गांव के कुछ लोगों का कब्जा बीस वर्ष से था। उन्होंने इस जमीन को अपने खेत में मिला लिया था। समाज में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु के बाद शव का अंतिम संस्कार बंबा किनारे या अन्य किसी जगह करना पड़ता था।



एसडीएम रामनयन सिंह ने बताया कि श्मशान की जगह पर गांव के ही व्यक्ति का कब्जा था। मामले की जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचकर कब्जा मुक्त कराकर दाह संस्कार कराया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed