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मंडी में पल्लेदारों ने की हड़ताल, 50 लाख का व्यापार प्रभावित
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मंडी समिति में विरोध प्रदर्शन करते कच्चे पल्लेदार ।संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर नवीन मंडी में करीब 1000 कच्चे पल्लेदारों ने बृहस्पतिवार को हड़ताल कर दी। इससे मंडी में करीब पचास लाख का व्यापार चौपट हो गया। पल्लेदारों की मांग है कि उनकी मजदूरी को दोगुना किया जाए। तौल न होने से मंडी पहुंचने वाले किसान परेशान रहे।
नवीन मंडी में कार्यालय पर 1100 पल्लेदार पंजीकृत हैं। जबकि 1000 पल्लेदार यहां आढ़तों पर पल्लेदारी कर रहे हैं, जो मंडी कार्यालय में पंजीकृत नहीं हैं। इनको मंडी की भाषा में कच्चे पल्लेदार बोला जाता है। यह पल्लेदार किसानों द्वारा लाए गए अनाज की तौल करा उसे गोदाम तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। इसके बदले में पल्लेदारों को 20 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मजदूरी दी जाती है। बृहस्पतिवार को कच्चे पल्लेदारों ने मजदूरी बढ़ाने को लेकर हड़ताल कर दी। उनका कहना था कि उन्हें 40 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मजदूरी दी जाए।
मंडी समिति अध्यक्ष ने हड़ताल पर गए पल्लेदारों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद पल्लेदार मंडी सचिव के पास समस्या को लेकर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी भी की। उधर, तौल का काम ठप होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस समय मंडी में मक्का व मूंगफली की आवक काफी है। बृहस्पतिवार सुबह के समय अपनी मक्का व मूंगफली लेकर तमाम किसान पहुंच गए लेकिन तौल न होने पर काफी देर इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ा।
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आंकड़ों पर एक नजर
मंडी में पक्के पल्लेदार- 1100
मंडी में कच्चे पल्लेदार- 1000
मंडी में पंजीकृत आढ़ती- 450
प्रतिदिन हो रही मूंगफली की आवक- 7000 क्विंटल
प्रतिदिन हो रही मक्का की आवक- 5000 क्विंटल
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नवीन मंडी में कार्यालय पर 1100 पल्लेदार पंजीकृत हैं। जबकि 1000 पल्लेदार यहां आढ़तों पर पल्लेदारी कर रहे हैं, जो मंडी कार्यालय में पंजीकृत नहीं हैं। इनको मंडी की भाषा में कच्चे पल्लेदार बोला जाता है। यह पल्लेदार किसानों द्वारा लाए गए अनाज की तौल करा उसे गोदाम तक पहुंचाने का कार्य करते हैं। इसके बदले में पल्लेदारों को 20 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मजदूरी दी जाती है। बृहस्पतिवार को कच्चे पल्लेदारों ने मजदूरी बढ़ाने को लेकर हड़ताल कर दी। उनका कहना था कि उन्हें 40 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से मजदूरी दी जाए।
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मंडी समिति अध्यक्ष ने हड़ताल पर गए पल्लेदारों को समझाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। इसके बाद पल्लेदार मंडी सचिव के पास समस्या को लेकर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी भी की। उधर, तौल का काम ठप होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। इस समय मंडी में मक्का व मूंगफली की आवक काफी है। बृहस्पतिवार सुबह के समय अपनी मक्का व मूंगफली लेकर तमाम किसान पहुंच गए लेकिन तौल न होने पर काफी देर इंतजार के बाद बैरंग लौटना पड़ा।
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आंकड़ों पर एक नजर
मंडी में पक्के पल्लेदार- 1100
मंडी में कच्चे पल्लेदार- 1000
मंडी में पंजीकृत आढ़ती- 450
प्रतिदिन हो रही मूंगफली की आवक- 7000 क्विंटल
प्रतिदिन हो रही मक्का की आवक- 5000 क्विंटल