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दूसरे मदों से सुधर रही सड़कों की ‘सेहत’
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Fri, 06 Feb 2015 11:27 PM IST
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जिले के कई विभागों में बजट न होने से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं कुछ ऐसे भी हैं जो हर दिन सरकार का खजाना भर रहे हैं, लेकिन खुद की झोली खाली है। ऐसा ही कुछ हाल एटा रोडवेज का है। रोडवेज करोड़ों के राजस्व से हर साल सरकार का खजाना तो भरता है, लेकिन उसे सरकार से मायूसी ही हाथ लगती है। इधर, राज्य सरकार के मंत्री ने सड़कों की सेहत सुधारने के लिए बड़े-बडे़ वादे तो किए, लेकिन पीडब्ल्यूडी को बजट उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। ऐसे में सड़कों की सेहत दूसरे मदों से सुधारी जा रही है।
रोडवेज विभाग की मानें तो चालू वित्तीय वर्ष में विभाग की इनकम 50 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर लेगी। यह पिछले वित्तीय वर्ष से छह प्रतिशत अधिक होगी। यहां यह भी बताते चलें कि विभाग आय कमाने के मामले में कई वर्षों से नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। गत वर्ष अप्रैल से जून तक आय में पूरे प्रदेश में स्थानीय डिपो ने प्रथम स्थान हासिल किया था। इतनी कमाई के बावजूद रोडवेज की हालत दयनीय है। रोडवेज के पास फिलहाल 112 अपनी बसें हैं। इसके चलते उसे 34 अनुबंधित बसों पर निर्भर रहना पड़ता है।
चालू वित्तीय वर्ष में विभाग को एक भी नई बस नहीं मिली है। इसके अलावा रोडवेज बस स्टैंड जीटी रोड से काफी नीचा हो गया है। इसके चलते बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या रहती है। इसके बाद बस स्टैंड का भवन भी जर्जर हो चला है। स्थानीय डिपो ने इन समस्या के लिए कई बार निगम को पत्र लिखा है, लेकिन सुधार नहीं हुआ।
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विभाग की अच्छी इनकम के लिए सभी कर्मचारी प्रयासरत हैं। स्थानीय डिपो को अगले वित्तीय वर्ष में 20 से अधिक नई बसें मिलने की उम्मीद है। बस स्टैंड परिसर को भी सही कराने के लिए निगम को पत्र भेजा जा चुका है।
- संजीव यादव, एआरएम
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मंत्री का विभाग खाली, नहीं चमचर्माइं सड़कें
एटा। सूबे के मंत्री शिवपाल सिंह यादव का पीडब्ल्यूडी फिलहाल खाली हाथ है। चुनाव पूर्व जिले की सड़कों को चमकाने के वादे भी हवा-हवाई साबित हुए हैं। चालू वित्तीय वर्ष को छोड़िए पिछले वित्तीय वर्ष की प्रस्तावित सड़कों पर अभी काम चल रहा है। हालात तो यह हैं कि बजट के अभाव में जिले की कई सड़कों की सेहत नहीं सुधर पा रही है। विभागीय बजट के आंकड़ों की हालत तो यह है कि एटा, निधौलीकलां व जलेसर मार्ग के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इसका निर्माण नावार्ड द्वारा कराया जाएगा। दूसरी ओर जिन सड़कों पर काम चल रहा है उनका पैसा भी ठेकेदारों को तीन किस्तों में दिया जा रहा है।
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रोडवेज विभाग की मानें तो चालू वित्तीय वर्ष में विभाग की इनकम 50 करोड़ रुपये के आंकड़े को पार कर लेगी। यह पिछले वित्तीय वर्ष से छह प्रतिशत अधिक होगी। यहां यह भी बताते चलें कि विभाग आय कमाने के मामले में कई वर्षों से नए रिकॉर्ड स्थापित कर रहा है। गत वर्ष अप्रैल से जून तक आय में पूरे प्रदेश में स्थानीय डिपो ने प्रथम स्थान हासिल किया था। इतनी कमाई के बावजूद रोडवेज की हालत दयनीय है। रोडवेज के पास फिलहाल 112 अपनी बसें हैं। इसके चलते उसे 34 अनुबंधित बसों पर निर्भर रहना पड़ता है।
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चालू वित्तीय वर्ष में विभाग को एक भी नई बस नहीं मिली है। इसके अलावा रोडवेज बस स्टैंड जीटी रोड से काफी नीचा हो गया है। इसके चलते बरसात के दिनों में जलभराव की समस्या रहती है। इसके बाद बस स्टैंड का भवन भी जर्जर हो चला है। स्थानीय डिपो ने इन समस्या के लिए कई बार निगम को पत्र लिखा है, लेकिन सुधार नहीं हुआ।
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विभाग की अच्छी इनकम के लिए सभी कर्मचारी प्रयासरत हैं। स्थानीय डिपो को अगले वित्तीय वर्ष में 20 से अधिक नई बसें मिलने की उम्मीद है। बस स्टैंड परिसर को भी सही कराने के लिए निगम को पत्र भेजा जा चुका है।
- संजीव यादव, एआरएम
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मंत्री का विभाग खाली, नहीं चमचर्माइं सड़कें
एटा। सूबे के मंत्री शिवपाल सिंह यादव का पीडब्ल्यूडी फिलहाल खाली हाथ है। चुनाव पूर्व जिले की सड़कों को चमकाने के वादे भी हवा-हवाई साबित हुए हैं। चालू वित्तीय वर्ष को छोड़िए पिछले वित्तीय वर्ष की प्रस्तावित सड़कों पर अभी काम चल रहा है। हालात तो यह हैं कि बजट के अभाव में जिले की कई सड़कों की सेहत नहीं सुधर पा रही है। विभागीय बजट के आंकड़ों की हालत तो यह है कि एटा, निधौलीकलां व जलेसर मार्ग के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन इसका निर्माण नावार्ड द्वारा कराया जाएगा। दूसरी ओर जिन सड़कों पर काम चल रहा है उनका पैसा भी ठेकेदारों को तीन किस्तों में दिया जा रहा है।