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23 नलकूपों में से 11 ही सही
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Sat, 21 Feb 2015 11:44 PM IST
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एटा। लगातार बढ़ रहे तापमान के साथ अब शहर में पानी की मांग भी बढ़ेगी, लेकिन पालिका प्रशासन के पास अभी लोगों की प्यास बुझाने के लिए पूरी व्यवस्था नहीं हैं। उदाहरण के तौर पर नगर पालिका के पास कुल 23 नलकूप हैं, लेकिन वर्तमान में 11 नलकूप ही चालू हैं। वहीं, पालिका के शहर में कुल 11 ओवर हेड टैंक हैं, जिसमें से वर्तमान में छह ओवरहेड टैंक ही चालू हैं। ऐसी स्थित में पालिका द्वारा भीषण गर्मी में लोगों की प्यास बुझाने के प्रयास सवालों के घेरे में हैं।
गत दिनों से लगातार तापमान बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों की पानी की आवश्यकता भी लगातार बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में पानी की यह मांग और बढ़ेगी। लेकिन, इस मांग को पूरा करने में पालिका के पसीने भी छूट सकते हैं। वर्तमान में पालिका के संसाधनों की स्थित यह है कि आधे से ज्यादा नलकूप और ओवरहेड टैंक खराब पड़े हैं। ऐसे में पालिका के सामने शहरवासियों की आवश्यकता के हिसाब से पानी उपलब्ध कराना एक बढ़ी चुनौती होगी। बता दें कि गत वर्ष भी गर्मियों के दिनों में शहर में पानी की किल्लत को लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया था। तब भी पालिका के पास पानी के लगभग इतने ही संसाधन उपलब्ध थे।
बता दें कि पालिका के मेहता पार्क, जलकल कंपाउंड, कलक्ट्रेट, विक्टोरिया पार्क व वनगांव रोड के ही ओवरहेड टैंक ही चालू हैं। इसके अलावा पालिका को आने वाले समय में बिजली की किल्लत से और जूझना पड़ेगा। गर्मियों में लो वोल्टेज व अनावश्यक ट्रिपिंग की वजह से नलकूप नहीं चल पाते। ऐसे में बचे हुए 11 नलकूपों को पालिका द्वारा जनरेटर से चलाने के हालात सामने आएंगे। इसमें डीजल पर होने वाला खर्च भी पालिका के बजट को बिगाड़ेगा।
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पालिका के पास मौजूद पानी सप्लाई के इंतेजामात
नलकूप-11, ओवरहेड टैंक-6, सीडब्लूआर-4
कुल 23 नलकूपों में से छह नलकूप ऐसे हैं, जो रिबोर के बाद भी ठीक नहीं हुए। इसके अलावा तीन छोटी मोटी कमियों के चलते खराब हैं, जो जल्द ठीक हो जाएंगे।
-- सोबरन सिंह, जलकल प्रभारी।
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गत दिनों से लगातार तापमान बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों की पानी की आवश्यकता भी लगातार बढ़ती जा रही है। आने वाले दिनों में पानी की यह मांग और बढ़ेगी। लेकिन, इस मांग को पूरा करने में पालिका के पसीने भी छूट सकते हैं। वर्तमान में पालिका के संसाधनों की स्थित यह है कि आधे से ज्यादा नलकूप और ओवरहेड टैंक खराब पड़े हैं। ऐसे में पालिका के सामने शहरवासियों की आवश्यकता के हिसाब से पानी उपलब्ध कराना एक बढ़ी चुनौती होगी। बता दें कि गत वर्ष भी गर्मियों के दिनों में शहर में पानी की किल्लत को लेकर लोगों ने जमकर हंगामा किया था। तब भी पालिका के पास पानी के लगभग इतने ही संसाधन उपलब्ध थे।
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बता दें कि पालिका के मेहता पार्क, जलकल कंपाउंड, कलक्ट्रेट, विक्टोरिया पार्क व वनगांव रोड के ही ओवरहेड टैंक ही चालू हैं। इसके अलावा पालिका को आने वाले समय में बिजली की किल्लत से और जूझना पड़ेगा। गर्मियों में लो वोल्टेज व अनावश्यक ट्रिपिंग की वजह से नलकूप नहीं चल पाते। ऐसे में बचे हुए 11 नलकूपों को पालिका द्वारा जनरेटर से चलाने के हालात सामने आएंगे। इसमें डीजल पर होने वाला खर्च भी पालिका के बजट को बिगाड़ेगा।
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पालिका के पास मौजूद पानी सप्लाई के इंतेजामात
नलकूप-11, ओवरहेड टैंक-6, सीडब्लूआर-4
कुल 23 नलकूपों में से छह नलकूप ऐसे हैं, जो रिबोर के बाद भी ठीक नहीं हुए। इसके अलावा तीन छोटी मोटी कमियों के चलते खराब हैं, जो जल्द ठीक हो जाएंगे।
-- सोबरन सिंह, जलकल प्रभारी।