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अधूरी रह गई मन की बात, आज ओडीएफ नहीं होगा एटा
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जिला एटा के एक गांव में अधूरा पड़ा शौचालय- अमर उजाला
- फोटो : ETAH
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एटा। खूब निर्देश दिए गए, काम तेजी से पूरा करने के दावे किए गए, लेकिन फिर भी मन की बात अधूरी रह गई। दो अक्तूबर को देश को ओडीएफ घोषित करने के प्रधानमंत्री के दावे को जिले के अफसरों से खोखला कर दिया। आलम यह है कि जिले के 467 गांव आज भी सत्यापन के लिए लंबित हैं।
जिले में बीते दो साल से स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्ति अभियान में बढ़-चढ़कर काम किया गया। पूरे जिले में दो लाख से ज्यादा शौचालय बनवाने के दावे किए गए, लेकिन हकीकत इससे जुदा है। गांवों में अब तक शौचालय अधूरे पड़े हैं, लेकिन जिले को आनन फानन में अफसरों ने 30 अक्तूबर 2018 को ओडीएफ कर दिया। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्तूबर को देश को ओडीएफ करने की बात कही। इसके बाद जिले के अफसर एक्शन मोड़ में आए। डीएम ने सभी गांवों में 20 सितंबर तक शौचालयों का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्देशों पर अमल नहीं हो सका। ऐसे में आज एटा पूरे देश के साथ ओडीएफ नहीं हो सकेगा।
सीएम को खराब मिली प्रगति
बीती 28 सितंबर को सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी अफसरों के साथ स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा की थी। इसमें जिले की प्रगति खराब पाई गई। मंडलीय ओडीएफ सत्यापन में जिले की स्थिति खराब जिलों में पाई गई। जिले के 467 गांवों में ओडीएफ सत्यापन नहीं हो सका। शौचालय निर्माण में ओवर रिपोर्टिंग पाई गई। साथ ही अपशिष्ट निपटान में जिले की रैंक सबसे खराब 10 जिलों में थी।
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घोटालों ने बिगाड़ा ओडीएफ का हाल
जिले में ओडीएफ की आड़ में घोटालों का बड़ा खेल चला। निजामाबाद में सचिव एक करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया। जबकि तमाम ग्राम पंचायतों में प्रधान और सचिव ने मिलकर खेल किए।
कहते हैं आंकड़े
853 गांव होने थे ओडीएफ
467 गांव सत्यापन को लंबित
576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
31 अक्तूबर 2018 को किया गया ओडीएफ
02 लाख शौचालयों के निर्माण का दावा
े एएलओबी शौचालय पूरे हो चुके हैं। नए 16 हजार शौचालयों के लिए बजट मांगा गया है। खुले में शौेच मुक्ति को लेकरर लोगों में जागरूकता आई है। अधूरे पड़े शौचालयों को पूरा कराया जा रहा है। इसके सत्यापन के लिए अधिकारियों की टीम लगाई गई हैं। मंडलीय सत्यापन पूरा कराने की कवायद की जा रही है।
मदन वर्मा, सीडीओ
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जिले में बीते दो साल से स्वच्छ भारत मिशन के तहत खुले में शौच मुक्ति अभियान में बढ़-चढ़कर काम किया गया। पूरे जिले में दो लाख से ज्यादा शौचालय बनवाने के दावे किए गए, लेकिन हकीकत इससे जुदा है। गांवों में अब तक शौचालय अधूरे पड़े हैं, लेकिन जिले को आनन फानन में अफसरों ने 30 अक्तूबर 2018 को ओडीएफ कर दिया। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दो अक्तूबर को देश को ओडीएफ करने की बात कही। इसके बाद जिले के अफसर एक्शन मोड़ में आए। डीएम ने सभी गांवों में 20 सितंबर तक शौचालयों का निर्माण पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन निर्देशों पर अमल नहीं हो सका। ऐसे में आज एटा पूरे देश के साथ ओडीएफ नहीं हो सकेगा।
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सीएम को खराब मिली प्रगति
बीती 28 सितंबर को सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के सभी अफसरों के साथ स्वच्छ भारत मिशन की प्रगति की समीक्षा की थी। इसमें जिले की प्रगति खराब पाई गई। मंडलीय ओडीएफ सत्यापन में जिले की स्थिति खराब जिलों में पाई गई। जिले के 467 गांवों में ओडीएफ सत्यापन नहीं हो सका। शौचालय निर्माण में ओवर रिपोर्टिंग पाई गई। साथ ही अपशिष्ट निपटान में जिले की रैंक सबसे खराब 10 जिलों में थी।
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घोटालों ने बिगाड़ा ओडीएफ का हाल
जिले में ओडीएफ की आड़ में घोटालों का बड़ा खेल चला। निजामाबाद में सचिव एक करोड़ रुपये लेकर फरार हो गया। जबकि तमाम ग्राम पंचायतों में प्रधान और सचिव ने मिलकर खेल किए।
कहते हैं आंकड़े
853 गांव होने थे ओडीएफ
467 गांव सत्यापन को लंबित
576 ग्राम पंचायतें हैं जिले में
31 अक्तूबर 2018 को किया गया ओडीएफ
02 लाख शौचालयों के निर्माण का दावा
े एएलओबी शौचालय पूरे हो चुके हैं। नए 16 हजार शौचालयों के लिए बजट मांगा गया है। खुले में शौेच मुक्ति को लेकरर लोगों में जागरूकता आई है। अधूरे पड़े शौचालयों को पूरा कराया जा रहा है। इसके सत्यापन के लिए अधिकारियों की टीम लगाई गई हैं। मंडलीय सत्यापन पूरा कराने की कवायद की जा रही है।
मदन वर्मा, सीडीओ