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ओडीएफ को फेल करने में लगे जिम्मेदार,जमकर हो रहा खेल
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एटा। जिले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वच्छ भारत मिशन पूरी तरह से फेल हो गया है। शौचालयों के नाम पर जिम्मेदारों के खेल का आलम यह है कि लगातार घोटाले दर घोटाले सामने आ रहे हैं। जिले के जैथरा और अलीगंज ब्लॉक में शौचालय निर्माण के नाम पर सबसे ज्यादा खेल हुए हैं। मौजूदा दौर में जिला पंचायतराज विभाग में 40 ग्राम पंचायतों की जांच लंबित चल रही है।
जिले के अवागढ़ ब्लॉक के गांव नरौरा में शौचालय निर्माण में गबन पर मंगलवार को पूर्व प्रधान शिशुपाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पहले भी जिले में प्रधान और सचिवों को जेल भेजा जा चुका है। साल 2017 में जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत निजामाबाद में एक करोड़ रुपये के गबन पर सचिव रवि कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके साथ ही अलीगंज की ग्राम पंचायत गढ़िया जगन्नाथ में प्रधान और सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। वहीं जिले की 50 से अधिक ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण के नाम पर खेल हुआ है। जिनकी जांच चल रही है।
अभिलेखों के अभाव में अटक जाती है जांच
जिले में ग्राम पंचायतों की जांचें अेभिलेखों का अभाव में अटक जाती है। अधिकारियों की टीम गांव में पहुंचती है, तो अभिलेख नहीं मिलते। ऐसे में जांच प्रभावित हो जाती हैं।
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विधायक की संस्तुति भी दरकिनार
जिले में ग्राम पंचायतों की जांच के लिए अलीगंज विधायक सत्यपाल राठौर ने भी संस्तुति की थी। मंडल स्तर से भी डीपीआरओ को जांच के निर्देश दिए गए, लेकिन फिर भी तमाम ग्राम पंचायतों में जांच लंबित पड़ी हैं।
ग्राम पंचायतों की जांच के लिए टीमें बनाई गई हैं। अभिलेखों का अभाव बाधा बनता है, लेकिन अब प्रिया सॉफ्ट फीडिंग के आधार जांच कराने के लिए कहा गया है। ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कवायद की जा रही है।
एसएन कुशवाह, डीपीआरओ/डीडीओ, एटा
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जिले के अवागढ़ ब्लॉक के गांव नरौरा में शौचालय निर्माण में गबन पर मंगलवार को पूर्व प्रधान शिशुपाल को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पहले भी जिले में प्रधान और सचिवों को जेल भेजा जा चुका है। साल 2017 में जैथरा ब्लॉक की ग्राम पंचायत निजामाबाद में एक करोड़ रुपये के गबन पर सचिव रवि कुमार को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके साथ ही अलीगंज की ग्राम पंचायत गढ़िया जगन्नाथ में प्रधान और सचिव के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई। वहीं जिले की 50 से अधिक ग्राम पंचायतों में शौचालय निर्माण के नाम पर खेल हुआ है। जिनकी जांच चल रही है।
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अभिलेखों के अभाव में अटक जाती है जांच
जिले में ग्राम पंचायतों की जांचें अेभिलेखों का अभाव में अटक जाती है। अधिकारियों की टीम गांव में पहुंचती है, तो अभिलेख नहीं मिलते। ऐसे में जांच प्रभावित हो जाती हैं।
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विधायक की संस्तुति भी दरकिनार
जिले में ग्राम पंचायतों की जांच के लिए अलीगंज विधायक सत्यपाल राठौर ने भी संस्तुति की थी। मंडल स्तर से भी डीपीआरओ को जांच के निर्देश दिए गए, लेकिन फिर भी तमाम ग्राम पंचायतों में जांच लंबित पड़ी हैं।
ग्राम पंचायतों की जांच के लिए टीमें बनाई गई हैं। अभिलेखों का अभाव बाधा बनता है, लेकिन अब प्रिया सॉफ्ट फीडिंग के आधार जांच कराने के लिए कहा गया है। ग्राम पंचायतों में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने की कवायद की जा रही है।
एसएन कुशवाह, डीपीआरओ/डीडीओ, एटा