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मैदान न शिक्षक, खेल में कैसे नाम कमाएं होनहार
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बीडीआरएस कॉलेज के खेल मैदान में गंदगी और झाड़ियां। संवाद
- फोटो : ETAH
राजा का रामपुर। कामनवेल्थ खेलों में भारत की प्रतिभा का डंका पूरी दुनिया में बजा है। उत्तर प्रदेश के कई जनपदों के खिलाड़ियों ने देश का मान बढ़ाया है। कस्बा और क्षेत्र के भी बच्चे खेल में नाम कमाना चाहते हैं लेकिन यहां विद्यालयों में न तो मैदान हैं और न खेल शिक्षक। ऐसे में होनहारों के अरमान टूट रहे हैं।
कुछ लगनशील बच्चे अपने घर और खेतों में प्रैक्टिस तो करते हैं लेकिन गुरु की कमी खल रही है। आरबीएल आर्य इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज कुमार बताते हैं कि विद्यालय का अपना मैदान नहीं है। हालांकि बच्चों को खेलकूद गतिविधियां कराने के लिए शिक्षक राजेंद्र कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है।
बीडीआरएस इंटर कॉलेज के पीटीआई योगेंद्र कुमार ने बताया कि मैदान में सफाई के लिए विद्यालय प्रबंधन को जानकारी दी है। वहीं चंपा देवी राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रीति यादव ने बताया कि विद्यालय में खेल मैदान और पीटीआई की कमी है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है।
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कुछ लगनशील बच्चे अपने घर और खेतों में प्रैक्टिस तो करते हैं लेकिन गुरु की कमी खल रही है। आरबीएल आर्य इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य मनोज कुमार बताते हैं कि विद्यालय का अपना मैदान नहीं है। हालांकि बच्चों को खेलकूद गतिविधियां कराने के लिए शिक्षक राजेंद्र कुमार सिंह को नियुक्त किया गया है।
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बीडीआरएस इंटर कॉलेज के पीटीआई योगेंद्र कुमार ने बताया कि मैदान में सफाई के लिए विद्यालय प्रबंधन को जानकारी दी है। वहीं चंपा देवी राजकीय कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य प्रीति यादव ने बताया कि विद्यालय में खेल मैदान और पीटीआई की कमी है। इसके लिए उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है।
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