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गोलमाल का घर बन गई नया सवेरा नगर विकास योजना
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एटा। स्थानीय नगर निकायों के तहत संचालित नया सवेरा नगर विकास योजना एटा नगर पालिका में गोलमाल का घर बन गई है। इसमें आया लाखों रुपया दूसरे कार्यों पर खर्च कर दिया गया। सड़क, नाले आदि के निर्माण में वित्तीय अनियमितताएं की गईं। 2014-15 में इस योजना के तहत कई विकास कार्य कराए गए। कार्य का उपभोग प्रमाण पत्र शासन को न मिलने पर नया सवेरा योजना की दूसरी किस्त नगर पालिका को नहीं मिली।
नगर पालिका परिषद के लिए नया सवेरा नगर विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 में एक करोड़ 73 लाख 90 हजार रुपये शासन की ओर विकास कार्य कराने के लिए दिए गए थे। योजना के तहत अवमुक्त की गई धनराशि उन्हीं प्रस्तावित कार्यों पर खर्च करनी थी जिसकी शासन की ओर प्रस्तावित कार्य भेजे गए। लेकिन नगर पालिका ने ऐसा नहीं किया और लाखों रुपये का गोलमाल कर दिया। यहां तक हाथी गेट से सुभाष मूर्ति तक बनाई जाने वाली सीसीरोड का निर्माण तक नहीं कराया।
13 व 14वें वित्त से कराया नया सवेरा योजना का स्वीकृत कार्य:
शासनादेश के अनुसार नया सवेरा योजना के तहत प्रस्तावित कार्य कराए जाने थे जिसके लिए धनराशि स्वीकृति की गई। लेकिन नगर पालिका ने सकीट रोड पर बीएसए कार्यालय से हीरापुर की ओर नाला निर्माण को 13 व 14वें वित्त की धनराशि से बनवाया। जबकि नया सवेरा योजना के तहत करीब 49 लाख रुपये से भी इसे निर्मित दिखा दिया।
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नहीं किया गया सीसी रोड का निर्माण
नया सवेरा योजना के तहत हाथी गेट से सुभाष मूर्ति तक सीसी रोड का निर्माण किया जाना था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसके लिए करीब 9 लाख 52 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृति की गई थी। 2018 में नगर पालिका के तत्कालीन प्रभारी ईओ ने तत्कालीन जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अवगत कराया कि पूर्व रहे ईओ और चेयरमैन ने इस मद का पैसा किसी अन्य मद में खर्च कर दिया है। इस कारण निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। खर्च की गई धनराशि गबन की श्रेणी में आती है।
निर्माण कार्य कराने के बाद नहीं लगा डिस्पले बोर्ड
शासनादेश के अनुसार योजना के तहत करवाए गए कार्यों के डिस्पिले बोर्ड लगाए जाने आवश्यक थे। लेकिन अधिकांश स्थानों पर बोर्ड नहीं लगे हैं। क्योंकि ज्यादातर कार्य किसी अन्य मद से कराए गए हैं।
नया सवेरा योजना से इन कार्यों को कराया जाना था
योजना के माध्यम से रेवले रोड पर इंद्रप्रस्थ होटल के आगे से बिजली घर तक, सकीट रोड पर बीएसए कार्यालय से हीरापुर की ओर पश्चिमी साइड में एक तरफ नाला निर्माण, शिवसिंहपुर से रूद्रपुर खादर की ओर पूर्वी साइड में एक तरफ नाला निर्माण कार्य, कसावर रोड पर पुलिया से नर्सरी के पीछे एक कच्चे नाले की खुदाई व सफाई कार्य, जीटी रोड स्थित हाथी गेट से सुभाष मूर्ति तक सीसी रोड का निर्माण कार्य, घंटाघर रोड पर स्टेट बैंक सिटी ब्रांच से मेहतापार्क रोड तक सीसी रोड का निर्माण कार्य, गांधी मार्केट स्थित गोदाम पुलिस चौकी से शिवदत्त उद्यान पार्क तक रोड पटरियों पर इंटरलॉकिंग कार्य, मारहरा गेट माल गोदाम रोड पर इस्लाम नगर के पुल शुक्ला पत्रकार की कोठी के गेट तक रोड पटरी के दोनों ओर इंटरलॉकिंग कार्य होना प्रस्तावित थे।
नया सवेरा नगर विकास योजना का कार्य मेरे कार्यकाल में नहीं कराया गया। इस संबंध में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है।
- मुन्ना लाल, प्रभारी ईओ, नगर पालिका
नया सवेरा नगर विकास योजना के तहत पहली किस्त में करीब एक करोड़ की धनराशि मिली थी। इससे शहर में कार्य कराए गए लेकिन दूसरी किश्त नहीं आने से कई कार्य अधूरे पड़े हैं। सकीट रोड पर नया सवेरा योजना के तहत कोई कार्य नहीं कराया गया।
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नगर पालिका परिषद के लिए नया सवेरा नगर विकास योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2014-15 में एक करोड़ 73 लाख 90 हजार रुपये शासन की ओर विकास कार्य कराने के लिए दिए गए थे। योजना के तहत अवमुक्त की गई धनराशि उन्हीं प्रस्तावित कार्यों पर खर्च करनी थी जिसकी शासन की ओर प्रस्तावित कार्य भेजे गए। लेकिन नगर पालिका ने ऐसा नहीं किया और लाखों रुपये का गोलमाल कर दिया। यहां तक हाथी गेट से सुभाष मूर्ति तक बनाई जाने वाली सीसीरोड का निर्माण तक नहीं कराया।
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13 व 14वें वित्त से कराया नया सवेरा योजना का स्वीकृत कार्य:
शासनादेश के अनुसार नया सवेरा योजना के तहत प्रस्तावित कार्य कराए जाने थे जिसके लिए धनराशि स्वीकृति की गई। लेकिन नगर पालिका ने सकीट रोड पर बीएसए कार्यालय से हीरापुर की ओर नाला निर्माण को 13 व 14वें वित्त की धनराशि से बनवाया। जबकि नया सवेरा योजना के तहत करीब 49 लाख रुपये से भी इसे निर्मित दिखा दिया।
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नहीं किया गया सीसी रोड का निर्माण
नया सवेरा योजना के तहत हाथी गेट से सुभाष मूर्ति तक सीसी रोड का निर्माण किया जाना था, जो अभी तक पूरा नहीं हुआ है। इसके लिए करीब 9 लाख 52 हजार रुपये की धनराशि स्वीकृति की गई थी। 2018 में नगर पालिका के तत्कालीन प्रभारी ईओ ने तत्कालीन जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अवगत कराया कि पूर्व रहे ईओ और चेयरमैन ने इस मद का पैसा किसी अन्य मद में खर्च कर दिया है। इस कारण निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। खर्च की गई धनराशि गबन की श्रेणी में आती है।
निर्माण कार्य कराने के बाद नहीं लगा डिस्पले बोर्ड
शासनादेश के अनुसार योजना के तहत करवाए गए कार्यों के डिस्पिले बोर्ड लगाए जाने आवश्यक थे। लेकिन अधिकांश स्थानों पर बोर्ड नहीं लगे हैं। क्योंकि ज्यादातर कार्य किसी अन्य मद से कराए गए हैं।
नया सवेरा योजना से इन कार्यों को कराया जाना था
योजना के माध्यम से रेवले रोड पर इंद्रप्रस्थ होटल के आगे से बिजली घर तक, सकीट रोड पर बीएसए कार्यालय से हीरापुर की ओर पश्चिमी साइड में एक तरफ नाला निर्माण, शिवसिंहपुर से रूद्रपुर खादर की ओर पूर्वी साइड में एक तरफ नाला निर्माण कार्य, कसावर रोड पर पुलिया से नर्सरी के पीछे एक कच्चे नाले की खुदाई व सफाई कार्य, जीटी रोड स्थित हाथी गेट से सुभाष मूर्ति तक सीसी रोड का निर्माण कार्य, घंटाघर रोड पर स्टेट बैंक सिटी ब्रांच से मेहतापार्क रोड तक सीसी रोड का निर्माण कार्य, गांधी मार्केट स्थित गोदाम पुलिस चौकी से शिवदत्त उद्यान पार्क तक रोड पटरियों पर इंटरलॉकिंग कार्य, मारहरा गेट माल गोदाम रोड पर इस्लाम नगर के पुल शुक्ला पत्रकार की कोठी के गेट तक रोड पटरी के दोनों ओर इंटरलॉकिंग कार्य होना प्रस्तावित थे।
नया सवेरा नगर विकास योजना का कार्य मेरे कार्यकाल में नहीं कराया गया। इस संबंध में मेरे पास कोई जानकारी नहीं है।
- मुन्ना लाल, प्रभारी ईओ, नगर पालिका
नया सवेरा नगर विकास योजना के तहत पहली किस्त में करीब एक करोड़ की धनराशि मिली थी। इससे शहर में कार्य कराए गए लेकिन दूसरी किश्त नहीं आने से कई कार्य अधूरे पड़े हैं। सकीट रोड पर नया सवेरा योजना के तहत कोई कार्य नहीं कराया गया।