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Etah News: मौसम में बदलाव के साथ निमोनिया और डायरिया की चपेट में आ रहे बच्चे
Wed, 25 Jan 2023 11:29 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 25 Jan 2023 11:29 PM IST
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बच्चाें के देखते डॉक्टर
- फोटो : बच्चाें के देखते डॉक्टर
एटा। मौसम से बदलाव से सर्दी बढ़ गई है। इससे निमोनिया और डायरिया के मरीज बढ़ने लगे हैं। सबसे अधिक बच्चे इसकी चपेट में आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी में प्रतिदिन पहुंचने वाले बच्चों की संख्या 7 से 10 पहुंच गई है जो बीते कई दिनों से अधिक है। ऐसे में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव गुप्ता व डॉ. ओमकार ने बच्चों को निमोनिया, डायरिया से बचाने की सलाह दी है।
मेडिकल कॉलेज में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव गुप्ता ने बताया कि सर्दी के मौसम में अपने बच्चों को सर्दी-खांसी, जुकाम जैसे तरह-तरह के वायरल और दूसरी बीमारियों से बचाने के लिए उनका खास ख्याल रखें। कहा कि आपके बच्चे जब पार्क में जाएं तो उन्हें समझाएं कि उन जगहों के पास न खेलें जहां थोड़ा भी पानी इकट्ठा हो। बच्चों के कपड़ों को एकदम साफ रखें, खासकर जिन कपड़ों को वे पहनकर खेलने जाते हों, उन्हें अलग रखें और फिर से बिना धोये न पहनाएं। निमोनिया साधारण से जानलेवा भी हो सकता है।
सर्दी के मौसम में शिशुओं को निमोनिया का खतरा अधिक होता है। इसलिए इस मौसम में शिशुओं को ठंड से बचाना चाहिए। निमोनिया को लोग आमतौर पर मामूली बीमारी मानकर नजर अंदाज करने की गलती करते हैं। इस कारण यह बीमारी बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हो जाती है। उन्होंने बताया तीन दिनों से छह से 7 बच्चे निमोनिया के आ रहे हैं। डायरिया के बच्चे प्रतिदिन चार से पांच तक आ रहे हैं। कहा कि बुधवार को छह बच्चे निमोनिया व चार बच्चे डायरिया के बच्चे पहुंच रहे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में तैनात बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. वैभव गुप्ता ने बताया कि सर्दी के मौसम में अपने बच्चों को सर्दी-खांसी, जुकाम जैसे तरह-तरह के वायरल और दूसरी बीमारियों से बचाने के लिए उनका खास ख्याल रखें। कहा कि आपके बच्चे जब पार्क में जाएं तो उन्हें समझाएं कि उन जगहों के पास न खेलें जहां थोड़ा भी पानी इकट्ठा हो। बच्चों के कपड़ों को एकदम साफ रखें, खासकर जिन कपड़ों को वे पहनकर खेलने जाते हों, उन्हें अलग रखें और फिर से बिना धोये न पहनाएं। निमोनिया साधारण से जानलेवा भी हो सकता है।
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सर्दी के मौसम में शिशुओं को निमोनिया का खतरा अधिक होता है। इसलिए इस मौसम में शिशुओं को ठंड से बचाना चाहिए। निमोनिया को लोग आमतौर पर मामूली बीमारी मानकर नजर अंदाज करने की गलती करते हैं। इस कारण यह बीमारी बच्चों के लिए बेहद खतरनाक हो जाती है। उन्होंने बताया तीन दिनों से छह से 7 बच्चे निमोनिया के आ रहे हैं। डायरिया के बच्चे प्रतिदिन चार से पांच तक आ रहे हैं। कहा कि बुधवार को छह बच्चे निमोनिया व चार बच्चे डायरिया के बच्चे पहुंच रहे हैं।
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