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मां और दो बेटी फंदे पर झूली: 'जब तक फोन फुल चार्ज न हो जाए आना मत', महिला ने छोटी बेटी भेज दिया था पड़ोस के घर

Sun, 30 Jul 2023 10:16 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, एटा
अमर उजाला नेटवर्क, एटा Published by: शाहरुख खान Updated Sun, 30 Jul 2023 10:16 AM IST
सार

एटा में दो बेटियों और मां ने शनिवार को फंदा लगाकर जान दे दी। बड़ी बेटी का गांव के ही एक युवक से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन परिवार वाले राजी नहीं थे। नोएडा से पिता ने फोन पर पत्नी व बेटियों को डांट दिया। इसी बात को लेकर घर में कलह शुरू हुई जो यहां तक पहुंच गई।

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Mother and two daughters committed suicide in Etah woman had already made a complete plan
मां और दो बेटियों ने की खुदकुशी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

एटा के थाना निधौली कलां क्षेत्र के जिस गांव में दो बेटियों संध्या (17) और शिवानी (15) के साथ मां अनुराधा ने फंदा लगाकर खुदकुशी की है, उस गांव में शनिवार को मातम छाया रहा। हर कोई तीन शवों को देखकर दुखी था। पत्नी और दो बेटियों की मौत से पिता नरेंद्र पूरी तरह से टूटा नजर आ रहा था लेकिन वह अफसोस भी नहीं जता पा रहा था।
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किशोरियों का पिता नरेंद्र नोएडा में रहकर एक निजी कंपनी की कार चलाता है। शनिवार की दोपहर में जब पत्नी और दो बेटियों की मौत की खबर मिली तो नोएडा से एटा पोस्टमार्टम गृह पर आया और गुमसुम होकर बैठ गया। उसको ढांढ़स बंधाने वालों को तांता जरूर लगा रहा। लेकिन वह पूरी तरह से टूटा नजर आया। 
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पूछने पर भी कुछ बता नहीं पा रहा था। बस एक ही रट लगा रहा था कि मौत के पीछे की वजह पता नहीं है। सब कुछ जानकर भी अनजान बनने के लिए विवश होना पड़ा। एक बेटी की वजह से तीन सदस्यों की जान चली गई। 
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अब 10 साल की छोटी बेटी घर में बची है। जबकि सबसे बड़ी बेटी की शादी दो साल पहले ही की थी। चार बेटियों की परिवरिश करने के लिए गांव छोड़ शहर में कमाने गया था, लेकिन सब कुछ गंवा दिया। मृत बेटियों में बड़ी की 17 और छोटी की उम्र 15 वर्ष थी।

छोटी बेटी से जब पुलिस ने भरोसे में लेकर पूछा तो बस इतना ही बताया कि पापा ने फोन पर मम्मी से कहा था कि जब मैं आऊं तो कोई मुंह मत दिखाना। यह बात बेटियों को भी बताई थी। 

 

इस बात से पूरे परिवार में डर और दहशत थी कि पिता आएंगे तो जरूर कुछ न कुछ हंगामा होगा। इसको लेकर घर में डर का माहौल बना हुआ था। इसीलिए चर्चाएं रही कि पहले बेटियों को रस्सी देकर जान देने को विवश किया और बाद में मां ने भी अपनी जान दे दी। हालांकि यह देखा किसी ने नहीं कि पहले कौन फंदा पर लटका था।

 

'जब तक फोन फुल चार्ज नहीं हो जाए आना मत'
छोटी बेटी बोली कि मां ने फोन चार्ज करने के लिए घर से बाहर एक अन्य घर में भेजा था। कहा था कि जब तक फोन फुल चार्ज नहीं हो जाए तब तक मत आना। इससे साफ जाहिर है कि मां ने पहले से ही पूरी योजना बना ली थी। जब तक छोटी बेटी आएगी, तीनों जान दे चुकी होंगी। इस पूरे प्रकरण में शायद मां ने छोटी बेटी को दोषी नहीं माना। यही वजह रही कि उसको घर से बाहर भेजकर तीनों मौत की नींद सो गईं।

 

एक ही विद्यालय में पढ़ते थे दोनों
एएसपी धनंजय सिंह कुशवाहा ने बताया कि लड़की और लड़का एक ही विद्यालय में पढ़ते थे। दोनों की कक्षाएं अलग-अलग थीं। दोनों का साथ आना-जाना था जो साइकिल से आते-जाते थे। दोनों करीब आए तो छोटी बहन ने सहेली की भूमिका अदा की थी। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ी बहन के साथ ही साइकिल पर पढ़ने के लिए छोटी बहन जाती थी। इसलिए पिता ने उसको भी डांट लगाई थी। इसी वजह से उसने भी जान दे दी।


 

एटा में दो बेटियों और मां का खौफनाक कदम
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश के एटा में दो बेटियों और मां ने शनिवार की सुबह करीब 11 बजे फंदा लगाकर जान दे दी। बड़ी बेटी का गांव के ही एक युवक से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी करना चाहते थे। लेकिन परिवार वाले राजी नहीं थे। नोएडा से पिता ने फोन पर पत्नी व बेटियों को डांट दिया। इसी बात को लेकर घर में कलह शुरू हुई जो यहां तक पहुंच गई।

 

घटना निधौली कलां थाना क्षेत्र के गांव की है। महिला के पड़ोसी ने बताया कि सबसे छोटी बेटी मुस्कान 10 वर्ष की है। उसको मां ने मोबाइल चार्ज करने के लिए गांव में ही भेज दिया था। दोपहर करीब 12.30 बजे वह जब लौटकर आई तो उसने अलग-अलग कमरों में मां अनुराधा (45), बहन संध्या (17) और शिवानी (15) के शव फंदे से लटके देखे। इसके बाद चीख-पुकार मच गई। ग्रामीण दौड़कर आए और तीनों के शव को उतारा गया। 

 

ग्रामीणों के मुताबिक संध्या का गांव के ही सुमित से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। दोनों शादी भी करना चाहते थे, लेकिन परिजन को मंजूर नहीं था। इसी बात से आहत होकर 26 जुलाई को दोनों ने खुदकुशी करने के लिए फंदा लगा लिया था। 

 

ग्रामीणों ने पुलिस को भनक नहीं लगने दी और युवक के शव का अंतिम संस्कार कर दिया। यह बात जब पूरे गांव में फैली तो नोएडा में नौकरी कर रहे किशोरी के पिता नरेंद्र को भी जानकारी हुई। इसके बाद उसने फोन कर पत्नी और बेटियों को डांट दिया। इसको लेकर तीनों ने जान दे दी।
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