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दो हजार से अधिक मजरों में बिजली नहीं
ब्यूरो, अमर उजाला, एटा
Updated Thu, 04 Jun 2015 11:12 PM IST
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आज भी दो हजार से अधिक मजरे रोशनी को तरस रहे हैं। कुछ गांवों में विद्युतीकरण के नाम पर केवल खंभे लगे हैं। कुछ गांवों में तार तो खिंचे हैं लेकिन बिजली नहीं आती।
हीरापुर निवासी निर्देश यादव, राजेश यादव का कहना है कि उनके बुजर्ग बिना बिजली की रोशनी देखे ही चल बसे। उन्हें भी अभी तक इसकी सुविधा नसीब नहीं हुई है। विद्युतीकरण के नाम पर बस पोल लगे हैं। बिजली नहीं आई। विभाग वर्ष 2016-17 तक जिले के विद्युतीकरण में संतृप्त होने का दावा कर रहा है। इनके अनुसार जिले के तीन सौ से अधिक आबादी वाले गांव-मजरों के विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। इससे कम आबादी वालों को बारहवीं योजना, सौ तक की आबादी वालों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के लिए चिन्हित कर लिया है।
राजीव गांधी विद्युतीकरण में 368 गांव थे चयनित
ग्यारहवीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत तीन सौ से अधिक आबादी वाले 368 गांवों को चयनित किया गया था। विद्युतीकरण का काम अधिकांश मजरों में पूरा हो चुका है लेकिन ऊर्जीकरण का काम केवल सौ गांवों में ही हो सका है। शेष में काम जारी है।
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बारहवीं योजना में 1487 मजरे चुने
बारहवीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत तीन सौ तक आबादी वाले 1487 मजरों को चयनित किया गया है। इसके लिए भारत सरकार से 54.80 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है।
दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना में 64 मजरे चयनित
भारत सरकार की पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत जिले के सौ तक की आबादी वाले 64 मजरों को विद्युतीकृत किया जाएगा। इसके साथ ही इन गांवों के बीपीएल परिवारों को कनेक्शन, मीटर लगाना, कृषि एवं गैर कृषि फीडर्स को पृथक करना एवं पुरानी व जर्जर लाइनों के सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव शामिल है। इसके लिए भारत सरकार ने 196.71 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
बारहवीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत चिन्हित 1487 मजरों के विद्युतीकरण का लक्ष्य है। मई माह तक पांच प्रतिशत अर्थात 74, अक्टूबर 2015 तक 35 प्रतिशत अर्थात 520, मार्च 2016 तक 60 प्रतिशत अर्थात 893 मजरों का विद्युतीकरण पूरा करने का लक्ष्य है।
राजकुमार, अधिशासी अभियंता
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हीरापुर निवासी निर्देश यादव, राजेश यादव का कहना है कि उनके बुजर्ग बिना बिजली की रोशनी देखे ही चल बसे। उन्हें भी अभी तक इसकी सुविधा नसीब नहीं हुई है। विद्युतीकरण के नाम पर बस पोल लगे हैं। बिजली नहीं आई। विभाग वर्ष 2016-17 तक जिले के विद्युतीकरण में संतृप्त होने का दावा कर रहा है। इनके अनुसार जिले के तीन सौ से अधिक आबादी वाले गांव-मजरों के विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। इससे कम आबादी वालों को बारहवीं योजना, सौ तक की आबादी वालों को पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के लिए चिन्हित कर लिया है।
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राजीव गांधी विद्युतीकरण में 368 गांव थे चयनित
ग्यारहवीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत तीन सौ से अधिक आबादी वाले 368 गांवों को चयनित किया गया था। विद्युतीकरण का काम अधिकांश मजरों में पूरा हो चुका है लेकिन ऊर्जीकरण का काम केवल सौ गांवों में ही हो सका है। शेष में काम जारी है।
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बारहवीं योजना में 1487 मजरे चुने
बारहवीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत तीन सौ तक आबादी वाले 1487 मजरों को चयनित किया गया है। इसके लिए भारत सरकार से 54.80 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है।
दीनदयाल ग्राम ज्योति योजना में 64 मजरे चयनित
भारत सरकार की पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के अंतर्गत जिले के सौ तक की आबादी वाले 64 मजरों को विद्युतीकृत किया जाएगा। इसके साथ ही इन गांवों के बीपीएल परिवारों को कनेक्शन, मीटर लगाना, कृषि एवं गैर कृषि फीडर्स को पृथक करना एवं पुरानी व जर्जर लाइनों के सुदृढ़ीकरण का प्रस्ताव शामिल है। इसके लिए भारत सरकार ने 196.71 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।
बारहवीं राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना के अंतर्गत चिन्हित 1487 मजरों के विद्युतीकरण का लक्ष्य है। मई माह तक पांच प्रतिशत अर्थात 74, अक्टूबर 2015 तक 35 प्रतिशत अर्थात 520, मार्च 2016 तक 60 प्रतिशत अर्थात 893 मजरों का विद्युतीकरण पूरा करने का लक्ष्य है।
राजकुमार, अधिशासी अभियंता