{"_id":"5f6250d48ebc3e2ed72f3184","slug":"medical-etah-news-agr4595865198","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेफर सेंटर बनकर रह गया है जिला अस्पताल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रेफर सेंटर बनकर रह गया है जिला अस्पताल
विज्ञापन
जिला अस्पताल का एक दृश्य- संवाद
- फोटो : ETAH
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एटा। जिला अस्पताल में आठ से 16 सितंबर के बीच करीब नौ दिन में पचास मरीजों को गंभीर स्थिति में आगरा, अलीगढ़ और सैफई के लिए रेफर किया गया। एक माह में औसत डेढ़ सौ मरीज यहां से हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिए जाते हैं। यही कारण है कि यहां का जिला अस्पताल गंभीर मर्ज में इलाज के बजाए रेफर सेंटर ज्यादा बनता जा रहा है।
जिला अस्पताल में गंभीर रोगियों के लिए डॉक्टर ही मौजूद नहीं हैं। सामान्य उपचार तक सीमित होते जा रहे जिला अस्पताल में स्टाफ भी कम है। इससे भी मरीजों को परेशानी आ रही है। वर्तमान में यहां 27 पदों के सापेक्ष मात्र 14 चिकित्सक तैनात हैं, इसमें से भी कई कोविड की ड्यूटी में चल रहे हैं। इससे ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल शहर के मध्य में है। इसलिए यहां मरीज आसानी से पहुंच सकते हैं। यही वजह है कि प्रतिदिन यहां आठ सौ से नौ सौ तक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। जब कोई एक्सीडेंट या अन्य केस का गंभीर मरीज पहुंचता है तो उसे इमरजेंसी के गेट पर देखकर ही डॉक्टर आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर देते हैं। कारण यहां एकमात्र सर्जन सीएमएस डॉ. आरके अग्रवाल हैं।
विज्ञापन
वर्जन
जिला अस्पताल कई मर्ज के विशेषज्ञ डाक्टर न होने के कारण मरीजों को परेशानी होती है। अस्पताल में डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ की कमी है, इसके लिए शासन को निरंतर पत्र लिखे गए हैं, वहीं संविदा पर भी चिकित्सक रखकर काम चलाया जा रहा है।
-डॉ. अरविंद गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
विज्ञापन
जिला अस्पताल में गंभीर रोगियों के लिए डॉक्टर ही मौजूद नहीं हैं। सामान्य उपचार तक सीमित होते जा रहे जिला अस्पताल में स्टाफ भी कम है। इससे भी मरीजों को परेशानी आ रही है। वर्तमान में यहां 27 पदों के सापेक्ष मात्र 14 चिकित्सक तैनात हैं, इसमें से भी कई कोविड की ड्यूटी में चल रहे हैं। इससे ओपीडी में इलाज के लिए आने वाले मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन
अस्पताल शहर के मध्य में है। इसलिए यहां मरीज आसानी से पहुंच सकते हैं। यही वजह है कि प्रतिदिन यहां आठ सौ से नौ सौ तक मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। जब कोई एक्सीडेंट या अन्य केस का गंभीर मरीज पहुंचता है तो उसे इमरजेंसी के गेट पर देखकर ही डॉक्टर आगरा एसएन मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर देते हैं। कारण यहां एकमात्र सर्जन सीएमएस डॉ. आरके अग्रवाल हैं।
विज्ञापन
वर्जन
जिला अस्पताल कई मर्ज के विशेषज्ञ डाक्टर न होने के कारण मरीजों को परेशानी होती है। अस्पताल में डॉक्टरों सहित अन्य स्टाफ की कमी है, इसके लिए शासन को निरंतर पत्र लिखे गए हैं, वहीं संविदा पर भी चिकित्सक रखकर काम चलाया जा रहा है।
-डॉ. अरविंद गर्ग, मुख्य चिकित्सा अधिकारी