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मानदेय बढ़ाने के लिए आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Mon, 23 May 2016 10:18 PM IST
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मानदेय बढ़ाने की मांग
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ ने सोमवार को धरना प्रदर्शन कर मानदेय बढ़ाने की मांग की। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने सहायिकाओं के रिक्त पदों को भरे जाने, सेवानिवृत्त की उम्र 65 वर्ष किए जाने और 10 हजार रुपये मानदेय निर्धारित करने की मांग उठाई।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कार्यक्रम शुरू हुआ। जिलाध्यक्ष ममता गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का वेतन बढ़ाने से इंकार कर दिया है। साथ ही कहा है कि यह सामाजिक कार्यकत्री नहीं है। इनका पद भी स्थायी नहीं है। इसलिए सरकार वेतनमान जैसा व्यवहार नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि जब आंगनबाड़ी कर्मी सामाजिक कार्यकत्री नहीं है तो दूसरे विभागों के कार्य क्यों करेंगी। आमतौर पर बीएलओ व स्वास्थ्य विभाग के कल्याण कारी कार्यक्रम आंगनबाड़ी कर्मियों को सौंपे जाते है। उन्होंने कार्यकत्रियों की ऐसी स्थिति पर चिंता करते हुए आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह प्रदेश सरकार भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का 1500 रुपये का मानदेय निर्धारित करें। अपर जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन मेें कुल 12 मांगे रखी गई। इस दौरान गीता देवी, गुड्डों देवी, मीरा कुमारी, विरमा, तारा देवी, शालिनी, माधुरी, जल देवी, प्रभा सोलंकी, संतोष नरगिस, नूर अली, वीना, लक्ष्मी, शीला, सविता, मिथलेश, शशि, अनीता, सुषमा, नीलम, बालकुमारी आदि मौजूद रही।
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महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के नेतृत्व में कलक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन कार्यक्रम शुरू हुआ। जिलाध्यक्ष ममता गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार की बाल विकास मंत्री मेनका गांधी ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का वेतन बढ़ाने से इंकार कर दिया है। साथ ही कहा है कि यह सामाजिक कार्यकत्री नहीं है। इनका पद भी स्थायी नहीं है। इसलिए सरकार वेतनमान जैसा व्यवहार नहीं कर सकती। उन्होंने कहा कि जब आंगनबाड़ी कर्मी सामाजिक कार्यकत्री नहीं है तो दूसरे विभागों के कार्य क्यों करेंगी। आमतौर पर बीएलओ व स्वास्थ्य विभाग के कल्याण कारी कार्यक्रम आंगनबाड़ी कर्मियों को सौंपे जाते है। उन्होंने कार्यकत्रियों की ऐसी स्थिति पर चिंता करते हुए आक्रोश जताया। उन्होंने कहा कि अन्य राज्यों की तरह प्रदेश सरकार भी आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का 1500 रुपये का मानदेय निर्धारित करें। अपर जिलाधिकारी को सौंपे गए ज्ञापन मेें कुल 12 मांगे रखी गई। इस दौरान गीता देवी, गुड्डों देवी, मीरा कुमारी, विरमा, तारा देवी, शालिनी, माधुरी, जल देवी, प्रभा सोलंकी, संतोष नरगिस, नूर अली, वीना, लक्ष्मी, शीला, सविता, मिथलेश, शशि, अनीता, सुषमा, नीलम, बालकुमारी आदि मौजूद रही।
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