अलग-अलग चिताओं पर जले प्रेमी युगल: घरवाले थे राजी... फिर विलेन बनकर मौसा की हुई इंट्री, मरने पर कर दिया मजबूर
प्रेमी युगलों का अंतिम संस्कार अलग-अलग चिताओं पर किया गया। घरवाले राजी थे। लेकिन विलेन बनकर मौसा की इंट्री हुई। दोनों को मरने पर मजबूर कर दिया।
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उत्तर प्रदेश के एटा में सोमवार की सुबह नीम के पेड़ पर प्रेमी युगल के शव मिले थे। साथ जीने-मरने की कसम खाने वाले साथ जी तो नहीं सके। लेकिन, दुनियां साथ में जरूर छोड़ गए। मौत के बाद भी उनका अंतिम संस्कार साथ न हो सका। परिजन ने अलग-अलग दोनों का अंतिम संस्कार किया।
घटना थाना कोतवाली देहात क्षेत्र के नगला पाती गांव की है। गांव में एक ही रस्सी में दो फंदे बनाकर प्रेमी-युगल ने जान दे दी। उनकी साथ जीने की ख्वाहिश पूरी नहीं हो सकी। उम्मीद थी कि मरने के बाद परिजन दोनों का अंतिम संस्कार एक साथ करेंगे। मगर, यह तमन्ना भी अधूरी रह गई। पोस्टमार्टम के बाद सोमवार देर शाम परिजन ने अपने-अपने खेत में दोनों का अंतिम संस्कार किया।
एक वर्ष से घर से दूर रह रहे थे पिता-पुत्र
देवेंद्र ने बताया कि हमारा और लड़की का घर गांव में आमने-सामने है। पिछले एक साल से विवाद की वजह से पुत्र आकाश को लेकर कासगंज रोड पर आईटीआई के पास किराए के मकान में रह रहे थे। सोमवार की सुबह करीब 3 बजे लड़की की मां विमलेश ने मेरे बड़े बेटे योगेश को फोन किया। कहा कि आकाश उनकी बेटी करिश्मा को लेकर कहीं चला गया है। योगेश ने कहा कि आपने रोका क्यों नहीं? उसने कहा वह तो सुबह पता चलेगा। इसके बाद सुबह दोनों के शव गांव के बाहर पेड़ पर लटके मिले।
पुलिस घटनास्थल पर ही छोड़ गई प्रेमी युगल की चप्पलें
गांव के बाहर जिस पेड़ पर लटक कर प्रेमी युगल ने जान दी, उसके नीचे दूसरे दिन भी दोनों की चप्पलें पड़ी हुई थीं। लोगों का कहना था कि पुलिस को घटनास्थल से प्रत्येक साक्ष्य को ले जाना चाहिए था। लड़के के पिता ने आरोप लगाया कि वह हत्या की तहरीर लेकर थाने गया, लेकिन उसकी तहरीर नहीं ली गई।
सीओ सिटी विक्रांत द्विवेदी ने बताया कि किसी भी प्रकार की कोई तहरीर नहीं आई है। तहरीर आती है तो जांच कर कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल पर हो सकता है किसी और की पुरानी चप्पल पड़ी हों। टीम ने सभी प्रमुख साक्ष्य संकलित किए हैं। ऐसा कुछ है तो एक बार फिर दिखवाया जाएगा।