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‘लॉकडाउन ही हमारा कवच, इसका जारी रहना ठीक’
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अमित वार्ष्णेय।
- फोटो : ETAH
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एटा। पीएम मोदी द्वारा बढ़ाए गए लॉकडाउन का लोग खुलकर समर्थन कर रहे हैं। उनका कहना है कि लॉकडाउन ही उनका कवच है। इसका जारी रहना ठीक है। इसके अलावा कोई विकल्प भी नहीं है। उन्होंने कहा कि देशहित में वे पीएम मोदी के साथ हैं। इस लोगों में धारावाहिक रामायण देखने के बजाय मोदी को सुनने की उत्सुकता ज्यादा रही।
रेलवे रोड स्थित इंद्रपुरी कॉलोनी के दवा कारोबारी संजय सभरवाल ने निर्णय को सही बताया। उनका कहना है कि मरीज मिलने तक इसे जारी रहना ही उचित है, लेकिन सब्जी, दवा, खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुचारु रहनी चाहिए।
कपड़ा कारोबारी हरीश साहनी कहते हैं कि मोदी का निर्णय दूरगामी है। इसके अलावा कोई विकल्प भी तो नहीं है।
कांट्रैक्टर आशीष कोहली कहते हैं कि स्वस्थ व जीवित रहेंगे तो सब कुछ हासिल करेंगे। निजी कंपनी में सेल्स आफिसर अभय गुप्ता ने कहा कि लॉकडाउन ही हमारा कवच बन रहा है। इसका जारी रहना ठीक है। विनोद गुप्ता, प्रदीप साहनी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान खाद्य एवं अन्य उपभोग सामान की कालाबाजारी पर अंकुश एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए।
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आवागमन पर लगे प्रतिबंध
लॉकडाउन को हल्के में लेना विनाशकारी हो सकता है। भीलवाड़ा मॉडल की तर्ज पर जिले को सीज कर यहां लोगों का आवागमन प्रतिबंधित कर देना चाहिए।
-जैस्मिन तिवारी
जिले को सीज कर देना चाहिए
जिला एवं कस्बे सीज कर देना चाहिए, जिससे लोग लॉकडाउन में घरों में ही रहें। ऐसे लॉकडाउन से क्या फायदा, सुबह बाजार में भीड़ जुटते ही पूरी मेहनत बेकार।
अमित वार्ष्णेय
सामाजिक दूरी का पालन हो
लोगों में पुलिस की सख्ती जरूरी है, ताकि सामाजिक दूरी का पालन हो सके। यदि कर्फ्यू लगाया गया तो दूसरी दिक्कतें हो जाएंगी। इसलिए लोगों को समझा कर घरों में भेजा जाए। -रवनेश जैन
लॉकडाउन बढ़ाना जरूरी था
जिस तरह से बाजारों में भीड़ लग रही है। उससे इतने दिनों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। परिस्थितियों को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाया जाना जरूरी था, अब लोग घरों में रहें।
-नवीन कुमार यादव एडवोकेट
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रेलवे रोड स्थित इंद्रपुरी कॉलोनी के दवा कारोबारी संजय सभरवाल ने निर्णय को सही बताया। उनका कहना है कि मरीज मिलने तक इसे जारी रहना ही उचित है, लेकिन सब्जी, दवा, खाद्य पदार्थों की उपलब्धता सुचारु रहनी चाहिए।
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कपड़ा कारोबारी हरीश साहनी कहते हैं कि मोदी का निर्णय दूरगामी है। इसके अलावा कोई विकल्प भी तो नहीं है।
कांट्रैक्टर आशीष कोहली कहते हैं कि स्वस्थ व जीवित रहेंगे तो सब कुछ हासिल करेंगे। निजी कंपनी में सेल्स आफिसर अभय गुप्ता ने कहा कि लॉकडाउन ही हमारा कवच बन रहा है। इसका जारी रहना ठीक है। विनोद गुप्ता, प्रदीप साहनी ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान खाद्य एवं अन्य उपभोग सामान की कालाबाजारी पर अंकुश एवं आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए।
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आवागमन पर लगे प्रतिबंध
लॉकडाउन को हल्के में लेना विनाशकारी हो सकता है। भीलवाड़ा मॉडल की तर्ज पर जिले को सीज कर यहां लोगों का आवागमन प्रतिबंधित कर देना चाहिए।
-जैस्मिन तिवारी
जिले को सीज कर देना चाहिए
जिला एवं कस्बे सीज कर देना चाहिए, जिससे लोग लॉकडाउन में घरों में ही रहें। ऐसे लॉकडाउन से क्या फायदा, सुबह बाजार में भीड़ जुटते ही पूरी मेहनत बेकार।
अमित वार्ष्णेय
सामाजिक दूरी का पालन हो
लोगों में पुलिस की सख्ती जरूरी है, ताकि सामाजिक दूरी का पालन हो सके। यदि कर्फ्यू लगाया गया तो दूसरी दिक्कतें हो जाएंगी। इसलिए लोगों को समझा कर घरों में भेजा जाए। -रवनेश जैन
लॉकडाउन बढ़ाना जरूरी था
जिस तरह से बाजारों में भीड़ लग रही है। उससे इतने दिनों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। परिस्थितियों को देखते हुए लॉकडाउन बढ़ाया जाना जरूरी था, अब लोग घरों में रहें।
-नवीन कुमार यादव एडवोकेट

नवीन यादव एडवोकेट।- फोटो : ETAH

रबनेश जैन।- फोटो : ETAH

जैस्मन तिवारी। - फोटो : ETAH