{"_id":"6a98fe8cda8f69a91a0a406c","slug":"agra-sn-medical-college-five-old-buildings-found-dilapidated-repair-plan-sent-to-government-2026-09-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"एसएन के ये पांच भवन हैं जर्जर: छत, प्लास्टर और दीवारों में मिलीं खामियां, शासन को भेजी गई रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एसएन के ये पांच भवन हैं जर्जर: छत, प्लास्टर और दीवारों में मिलीं खामियां, शासन को भेजी गई रिपोर्ट
Thu, 03 Sep 2026 10:28 AM IST
Dhirendra Singh
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Thu, 03 Sep 2026 10:28 AM IST
सार
एसएन मेडिकल कॉलेज के पांच पुराने भवनों के ऑडिट में छत, प्लास्टर और दीवारें जर्जर मिली हैं, जबकि कई जगह सरिया में जंग और सीलन की समस्या भी सामने आई।
विज्ञापन
एसएन मेडिकल काॅलेज में जर्जर भवन।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज के पांच पुराने भवनों का ऑडिट कार्य पूरा हो गया है। ऑडिट में इनकी छतें, प्लास्टर और दीवारें जर्जर पाई गई हैं। कई जगह प्लास्टर उखड़ा मिला और सरिया में जंग भी लगी मिली। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है, जिसके बाद जल्द ही हाईटेक तरीके से मरम्मत कार्य शुरू होगा।
हाल ही में बाल रोग विभाग की छत से प्लास्टर गिरने की घटना हुई थी। इसके अगले दिन इमरजेंसी में भर्ती खंदारी निवासी आमिर रिजवी के 10 साल के बेटे उमेर की मौत हो गई। सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मौत का कारण प्लास्टर गिरना बताया। हालांकि, कॉलेज प्राचार्य ने मौत की वजह गंभीर निमोनिया और जन्मजात बीमारी बताई। इस घटना के बाद इमरजेंसी, मेडिसिन विभाग, एकेडमिक ब्लॉक, ओपीडी कॉम्पलेक्स-दो और बाल रोग विभाग के ऑडिट के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई।
इसमें उप प्राचार्य डॉ. टीपी सिंह, डॉ. मनीष बंसल, डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह और लोक निर्माण विभाग के दो इंजीनियर शामिल थे। टीम ने सप्ताह भर इन पांचों भवनों का सर्वे किया, जिसमें सीलन और सीवेज सिस्टम में कमी भी मिली। सबसे ज्यादा जर्जर स्थिति बाल रोग विभाग की इमारत की पाई गई। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। संभावना है कि जल्द ही इसके लिए बजट मंजूर होने के साथ मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा। यह तकनीक विशेषज्ञों की निगरानी में होगा।
विज्ञापन
उधर, एसएन मेडिकल कॉलेज में सर्जिकल एंड एलाइड स्पेशियलिटी ब्लॉक, घड़ी वाली इमारत, बाल रोग और एकेडमिक ब्लॉक की मरम्मत का कार्य पहले से चल रहा है। इन कार्यों के लिए बजट पहले ही मंजूर हो चुका है। नए बजट से पुरानी पांचों जर्जर भवनों की मरम्मत और रंगाई-पुताई भी कराई जाएगी।
विज्ञापन
हाल ही में बाल रोग विभाग की छत से प्लास्टर गिरने की घटना हुई थी। इसके अगले दिन इमरजेंसी में भर्ती खंदारी निवासी आमिर रिजवी के 10 साल के बेटे उमेर की मौत हो गई। सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस मौत का कारण प्लास्टर गिरना बताया। हालांकि, कॉलेज प्राचार्य ने मौत की वजह गंभीर निमोनिया और जन्मजात बीमारी बताई। इस घटना के बाद इमरजेंसी, मेडिसिन विभाग, एकेडमिक ब्लॉक, ओपीडी कॉम्पलेक्स-दो और बाल रोग विभाग के ऑडिट के लिए पांच सदस्यीय टीम बनाई गई।
विज्ञापन
इसमें उप प्राचार्य डॉ. टीपी सिंह, डॉ. मनीष बंसल, डॉ. गजेंद्र विक्रम सिंह और लोक निर्माण विभाग के दो इंजीनियर शामिल थे। टीम ने सप्ताह भर इन पांचों भवनों का सर्वे किया, जिसमें सीलन और सीवेज सिस्टम में कमी भी मिली। सबसे ज्यादा जर्जर स्थिति बाल रोग विभाग की इमारत की पाई गई। प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता ने बताया कि ऑडिट रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। संभावना है कि जल्द ही इसके लिए बजट मंजूर होने के साथ मरम्मत कार्य शुरू हो जाएगा। यह तकनीक विशेषज्ञों की निगरानी में होगा।
विज्ञापन
उधर, एसएन मेडिकल कॉलेज में सर्जिकल एंड एलाइड स्पेशियलिटी ब्लॉक, घड़ी वाली इमारत, बाल रोग और एकेडमिक ब्लॉक की मरम्मत का कार्य पहले से चल रहा है। इन कार्यों के लिए बजट पहले ही मंजूर हो चुका है। नए बजट से पुरानी पांचों जर्जर भवनों की मरम्मत और रंगाई-पुताई भी कराई जाएगी।