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चावल और दालों का कोई रेट नहीं, मनमर्जी बेच रहे दुकानदार
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एटा। लॉकडाउन में किराने के सामानों का कोई निश्चित भाव नहीं रह गया है। व्यापारी अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) पर सामानों को बेचकर खूब कमाई कर रहे हैं। प्रशासन ने पूर्व में जो रेट लिस्ट जारी किए, वह प्रतिष्ठित कंपनियों के पैकेट बंद वस्तुओं को ध्यान में रखकर किए थे। जबकि बाजार में अधिकतर लोग खुदरा में सामान खरीदते हैं। ऐसे में दुकानदार भी प्रशासन द्वारा जारी लिस्ट के अनुरूप ही अब सभी सामानों को मनमर्जी से बेच रहे हैं। साथ ही खूब मुनाफाखोरी करने में जुटे हैं। जब उनसे कोई शिकायत करता है तो वह सीधा कहते हैं कि प्रशासन ने यही रेट जारी किया है। ऐसे में लोग परेशान हो चुके हैं। वहीं लोग लॉकडाउन को कोसने लगते हैं।
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दस से पंद्रह रुपये हर वस्तु पर बढ़े
व्यापारियों का कहना है कि बाहर से माल नहीं आ रहा है। दुकानदार आपस में ही एक-दूसरे के यहां से माल मंगाकर बेच रहे हैं, इससे हर वस्तु पर दस से पंद्रह रुपये की तेजी आई है। यदि प्रशासन आगरा और दिल्ली से मांग की आपूर्ति कराए तो रेटों में अंतर आ सकता है।
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दालों का कोई रेट नहीं
-बाजार में दालों का कोई रेट नहीं है। सर्वाधिक खपत अरहर, उड़द और मसूर की डिमांड है। बाजार में अरहर की दाल कहीं 70 रुपये किलो तो कहीं सौ और 110 रुपये तक में बिक रही है, जबकि पैकेट बंद दाल 120 से लेकर 130 रुपये किलो तक बिक रही है। यही हाल मसूर और उड़द की दाल का है। यह 80 रुपये से लेकर 130 रुपये तक बाजार में खुलेआम बेची जा रही है।
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जैसा चावल वैसा रेट
थोक और रिटेल बाजार में चावल की आठ से दस वैरायटी हैं। पौना चावल सबसे सस्ता है, जो 40 रुपये किलो पर बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में 90 रुपये तक और पैकेट बंद चावल 150 से 300 रुपये तक है।
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एमआरपी पर बेच रहे सामान
खाद्य वस्तुओं के दाम कंपनी निर्धारित करती है। सामान्य दिनों में यह वस्तुएं अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से दस से पंद्रह प्रतिशत कम रेट पर मिल जाती हैं, लेकिन लॉकडाउन में दुकानदार एमआरपी पर ही सामान बेच रहे हैं। इससे वे 10 से 15 प्रतिशत पहले ही मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं कुछ स्थानीय फैक्टरी या स्थानीय कंपनी नमकीन, बिस्किट आदि पैकेट पर एमआरपी अधिक लिखते हैं, लेकिन वे दुकानदारों को बहुत कम दाम पर ही देते हैं। ऐसे में दुकानदार अब उसी एमआरपी पर सामान बेचकर खूब मुनाफाखोरी कर रहे हैं।
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जिस रेट पर माल आ रहा, उसी के अनुरूप बेच रहे
बाजार में किराने का सामान खुदरा में जिस रेट में आ रहा है, उसी रेट में बेचा जा रहा है। ऐसे समय में जब लॉकडाउन में लोग परेशान हैं। हम ज्यादा रेट नहीं ले रहे हैं।
-विक्की जैन, खुदरा व्यापारी
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बाजार में माल ही नहीं है। ऐसे में एक-दूसरे दुकानदार से माल लेकर काम चला रहे हैं। हमें तो मात्र पांच प्रतिशत मुनाफा चाहिए। इससे ज्यादा लेना हमारे लिए हराम है।
-सुभाष अग्रवाल, व्यापारी
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पैकेट बंद सामान पर टैक्स के साथ ही कंपनी के रेट निर्धारित हैं।, उसी के अनुरूप प्रशासन की ओर से मूल्य तय किए गए हैं। ऐसे में कंपनी के रेट पर ही सामान बेचा जा रहा है।
-मनोज कुमार जैन, व्यापारी
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किराने का सामान की रेट लिस्ट (प्रति किलो ग्राम रुपये में)
प्रशासन द्वारा घोषित लिस्ट
-दाल अरहर, उड़द काली-90, 110-100, उड़द धोवा 120-100, मसूर, काली मसूर 80-70, चना दाल 80, चावल-40, 70, 90, चीनी 38-40, चना 70, काबूली चना।
खुदरा बाजार में रेट
-चीनी 38, अरहर 100, 110, मूंग की दाल 110, उड़द की दाल 110, मसूर 80, चना की दाल 80, काबूली चना100, चावल 40 से 90 रुपये।
पैकेट बंद के रेट
चीनी 45, अरहर 120, उड़द की दाल 130, मसूर की दाल 80, चना की दाल 80, काबूली चना 100, चावल 300 से 550 रुपये प्रति पांच किलो पैकेट
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खुदरा और पैकेट बंद सामान की अलग-अलग रेट लिस्ट जारी होगी
-प्रशासन द्वारा किराना के सामान की रेट लिस्ट जारी कराई गई है, यदि लिस्ट पैकेट बंद आइटम के हिसाब से जारी की गई तो आज से ही इसमें संशोधन कराया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को कालाबाजारी नहीं करने दी जाएगी। अब खुदरा और पैकेट बंद सामान की अलग-अलग रेट लिस्ट जारी करवाई जाएगी, जिससे ग्राहकों को उचित मूल्य पर सामान मिले और व्यापारी मुनाफाखोरी नहीं कर पाएं।
-सुखलाल भारती, जिलाधिकारी
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दस से पंद्रह रुपये हर वस्तु पर बढ़े
व्यापारियों का कहना है कि बाहर से माल नहीं आ रहा है। दुकानदार आपस में ही एक-दूसरे के यहां से माल मंगाकर बेच रहे हैं, इससे हर वस्तु पर दस से पंद्रह रुपये की तेजी आई है। यदि प्रशासन आगरा और दिल्ली से मांग की आपूर्ति कराए तो रेटों में अंतर आ सकता है।
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दालों का कोई रेट नहीं
-बाजार में दालों का कोई रेट नहीं है। सर्वाधिक खपत अरहर, उड़द और मसूर की डिमांड है। बाजार में अरहर की दाल कहीं 70 रुपये किलो तो कहीं सौ और 110 रुपये तक में बिक रही है, जबकि पैकेट बंद दाल 120 से लेकर 130 रुपये किलो तक बिक रही है। यही हाल मसूर और उड़द की दाल का है। यह 80 रुपये से लेकर 130 रुपये तक बाजार में खुलेआम बेची जा रही है।
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जैसा चावल वैसा रेट
थोक और रिटेल बाजार में चावल की आठ से दस वैरायटी हैं। पौना चावल सबसे सस्ता है, जो 40 रुपये किलो पर बिक रहा है, जबकि खुदरा बाजार में 90 रुपये तक और पैकेट बंद चावल 150 से 300 रुपये तक है।
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एमआरपी पर बेच रहे सामान
खाद्य वस्तुओं के दाम कंपनी निर्धारित करती है। सामान्य दिनों में यह वस्तुएं अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) से दस से पंद्रह प्रतिशत कम रेट पर मिल जाती हैं, लेकिन लॉकडाउन में दुकानदार एमआरपी पर ही सामान बेच रहे हैं। इससे वे 10 से 15 प्रतिशत पहले ही मुनाफा कमा रहे हैं। वहीं कुछ स्थानीय फैक्टरी या स्थानीय कंपनी नमकीन, बिस्किट आदि पैकेट पर एमआरपी अधिक लिखते हैं, लेकिन वे दुकानदारों को बहुत कम दाम पर ही देते हैं। ऐसे में दुकानदार अब उसी एमआरपी पर सामान बेचकर खूब मुनाफाखोरी कर रहे हैं।
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जिस रेट पर माल आ रहा, उसी के अनुरूप बेच रहे
बाजार में किराने का सामान खुदरा में जिस रेट में आ रहा है, उसी रेट में बेचा जा रहा है। ऐसे समय में जब लॉकडाउन में लोग परेशान हैं। हम ज्यादा रेट नहीं ले रहे हैं।
-विक्की जैन, खुदरा व्यापारी
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बाजार में माल ही नहीं है। ऐसे में एक-दूसरे दुकानदार से माल लेकर काम चला रहे हैं। हमें तो मात्र पांच प्रतिशत मुनाफा चाहिए। इससे ज्यादा लेना हमारे लिए हराम है।
-सुभाष अग्रवाल, व्यापारी
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पैकेट बंद सामान पर टैक्स के साथ ही कंपनी के रेट निर्धारित हैं।, उसी के अनुरूप प्रशासन की ओर से मूल्य तय किए गए हैं। ऐसे में कंपनी के रेट पर ही सामान बेचा जा रहा है।
-मनोज कुमार जैन, व्यापारी
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किराने का सामान की रेट लिस्ट (प्रति किलो ग्राम रुपये में)
प्रशासन द्वारा घोषित लिस्ट
-दाल अरहर, उड़द काली-90, 110-100, उड़द धोवा 120-100, मसूर, काली मसूर 80-70, चना दाल 80, चावल-40, 70, 90, चीनी 38-40, चना 70, काबूली चना।
खुदरा बाजार में रेट
-चीनी 38, अरहर 100, 110, मूंग की दाल 110, उड़द की दाल 110, मसूर 80, चना की दाल 80, काबूली चना100, चावल 40 से 90 रुपये।
पैकेट बंद के रेट
चीनी 45, अरहर 120, उड़द की दाल 130, मसूर की दाल 80, चना की दाल 80, काबूली चना 100, चावल 300 से 550 रुपये प्रति पांच किलो पैकेट
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खुदरा और पैकेट बंद सामान की अलग-अलग रेट लिस्ट जारी होगी
-प्रशासन द्वारा किराना के सामान की रेट लिस्ट जारी कराई गई है, यदि लिस्ट पैकेट बंद आइटम के हिसाब से जारी की गई तो आज से ही इसमें संशोधन कराया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को कालाबाजारी नहीं करने दी जाएगी। अब खुदरा और पैकेट बंद सामान की अलग-अलग रेट लिस्ट जारी करवाई जाएगी, जिससे ग्राहकों को उचित मूल्य पर सामान मिले और व्यापारी मुनाफाखोरी नहीं कर पाएं।
-सुखलाल भारती, जिलाधिकारी