{"_id":"661429c3017fa1c6c60250db","slug":"life-imprisonment-to-6-after-13-years-in-rajendra-murder-case-etah-news-c-163-1-sagr1016-115239-2024-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: राजेंद्र हत्याकांड में 13 साल बाद 6 को उम्रकैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: राजेंद्र हत्याकांड में 13 साल बाद 6 को उम्रकैद
Mon, 08 Apr 2024 11:00 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Mon, 08 Apr 2024 11:00 PM IST
विज्ञापन
एटा। मिरहची थाना क्षेत्र में करीब 13 साल पहले मोटरसाइकिल पर जा रहे व्यक्ति की हत्या गोली मारकर की गई थी। सोमवार को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट प्रीति श्रीवास्तव ने इस मामले में छह लोगों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।ग्राम बुरहनाबाद निवासी सुभाष, रामसेवक, अजयपाल और इसका भाई बालेश, अवनीश और इसका भाई सुनील को हत्या के मुक़दमे में नामजद किया गया था। घटना 27 अगस्त 2011 की शाम छह बजे की है। अजीत कुमार ने बताया था कि वह एक मोटरसाइकिल से अपने भाई रंजीत तथा मामा अरुण कुमार के साथ गांव बुरहनाबाद जा रहा था। जबकि पिता राजेंद्र सिंह दूसरी मोटरसाइकिल से आगे-आगे चल रहे थे। रास्ते में खारिजा ईंट भट्ठे के मोड़ पर पहले से घात लगाए बैठे लोगों ने पिता की मोटरसाइकिल को रुकवाया और अवनीश ने सीधा फ़ायर कर दिया। जो सीधे पिता के सिर में लगा और वह मोटरसाइकिल सहित गिर गए। इसके बाद अन्य लोगों ने भी गोली मारी और प्रहार किए। जिससे उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई।
हम लोग डर की वजह से पीछे ही रुक गए थे। ये लोग फायरिंग करते हुए अतरंजी खेड़ा की ओर भाग गए। मुक़दमे में सरकार की ओर से पैरवी कर रहे सहायक लोक अभियोजक सुनील भारद्वाज, शांतनु पाराशर और मीनाक्षी सक्सेना ने घटना के समर्थन में कई साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। दलील दी कि इन लोगों द्वारा हत्या का जघन्य अपराध किया गया है। उनके द्वारा किए गए अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए। विशेष न्यायाधीश ने सभी 6 लोगों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
हिस्ट्रीशीटर गैंगस्टर गुलज़ार को तीन साल की कैद
एटा। विशेष न्यायाधीश गिरोहबंद रामबाबू यादव ने थाना निधौली कला में पंजीकृत गैंगस्टर के मुकदमे में सोमवार को दंडादेश जारी किया। दोषी को तीन साल की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
कोतवाली नगर के मोहल्ला किदवई नगर निवासी गुलज़ार के विरुद्ध पुलिस ने थाना निधौली कलां में गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज की थी। विशेष लोक अभियोजक एके महेश्वरी और रक्षपाल सिंह ने बताया कि गुलजार एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। जो लूटपाट, मारपीट, नशीले पदार्थ की तस्करी जैसे गंभीर अपराध करने का अभ्यस्त अपराधी है। इसका लंबा आपराधिक इतिहास है। अधिक से अधिक दंड से दंडित किए जाने की अपील की। न्यायाधीश ने तीन वर्ष के कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दूसरे गैंगस्टर को तीन साल की सजा
एटा। इसी न्यायालय में एक अन्य मुकदमे में पप्पू उर्फ़ भूरा निवासी सहपऊ जिला हाथरस को भी दोषी ठहराया गया। उसके विरुद्ध भी गैंगस्टर के तहत कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज था। लूटपाट, चोरी आदि अपराधों में उसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा था। विशेष न्यायाधीश ने उसको 3 वर्ष के कारावास और 5 हज़ार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 15 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। संवाद
विज्ञापन
हम लोग डर की वजह से पीछे ही रुक गए थे। ये लोग फायरिंग करते हुए अतरंजी खेड़ा की ओर भाग गए। मुक़दमे में सरकार की ओर से पैरवी कर रहे सहायक लोक अभियोजक सुनील भारद्वाज, शांतनु पाराशर और मीनाक्षी सक्सेना ने घटना के समर्थन में कई साक्ष्य और गवाह प्रस्तुत किए। दलील दी कि इन लोगों द्वारा हत्या का जघन्य अपराध किया गया है। उनके द्वारा किए गए अपराध की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए कठोरतम दंड दिया जाना चाहिए। विशेष न्यायाधीश ने सभी 6 लोगों को दोषी पाते हुए आजीवन कारावास और 50-50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। अर्थदंड अदा न करने पर 6 माह के अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी।
विज्ञापन
हिस्ट्रीशीटर गैंगस्टर गुलज़ार को तीन साल की कैद
एटा। विशेष न्यायाधीश गिरोहबंद रामबाबू यादव ने थाना निधौली कला में पंजीकृत गैंगस्टर के मुकदमे में सोमवार को दंडादेश जारी किया। दोषी को तीन साल की सजा सुनाई गई है।
विज्ञापन
कोतवाली नगर के मोहल्ला किदवई नगर निवासी गुलज़ार के विरुद्ध पुलिस ने थाना निधौली कलां में गैंगस्टर की रिपोर्ट दर्ज की थी। विशेष लोक अभियोजक एके महेश्वरी और रक्षपाल सिंह ने बताया कि गुलजार एक हिस्ट्रीशीटर अपराधी है। जो लूटपाट, मारपीट, नशीले पदार्थ की तस्करी जैसे गंभीर अपराध करने का अभ्यस्त अपराधी है। इसका लंबा आपराधिक इतिहास है। अधिक से अधिक दंड से दंडित किए जाने की अपील की। न्यायाधीश ने तीन वर्ष के कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 15 दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
दूसरे गैंगस्टर को तीन साल की सजा
एटा। इसी न्यायालय में एक अन्य मुकदमे में पप्पू उर्फ़ भूरा निवासी सहपऊ जिला हाथरस को भी दोषी ठहराया गया। उसके विरुद्ध भी गैंगस्टर के तहत कोतवाली देहात में मुकदमा दर्ज था। लूटपाट, चोरी आदि अपराधों में उसका लंबा आपराधिक इतिहास रहा था। विशेष न्यायाधीश ने उसको 3 वर्ष के कारावास और 5 हज़ार रुपये के अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने की स्थिति में 15 दिन के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। संवाद