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Etah News: गुजरात की नौकरी छोड़ जिले के किसान चंद्रपाल बने मिसाल

Sun, 08 Feb 2026 02:30 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Sun, 08 Feb 2026 02:30 AM IST
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Leaving his job in Gujarat, the district's farmer Chandrapal became an example.
मारहरा के गांव महमूदपुर नगरिया में एप्पल बेर के खेत। स्रोत स्वयं
एटा। कस्बा मारहरा के गांव महमूदपुर नगरिया निवासी किसान चंद्रपाल ने परंपरागत खेती से हटकर एप्पल बेर की आधुनिक खेती अपनाई। इससे न सिर्फ अपनी जीवनशैली बदली बल्कि गांव के बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का बड़ा जरिया भी तैयार किया है। उनकी सफलता आज क्षेत्र के किसानों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।चंद्रपाल सिंह ने बताया कि वह गुजरात की निजी कंपनी में क्वालिटी इंजीनियर के पद पर कार्यरत थे। गुजरात में एप्पल बेर की बड़े पैमाने पर खेती होती है। वहां की उन्नत तकनीक व फायदेमंद खेती देखकर उनके मन में गांव की ओर लौटने और कृषि क्षेत्र में कुछ नया करने का विचार आया। कुछ वर्षों पहले उन्होंने नौकरी छोड़ दी और गांव आकर खेती से अपनी नई पहचान बना ली। गांव लौटने के बाद चंद्रपाल सिंह ने अपनी 28 बीघा भूमि में से शुरुआत में 14 बीघा में एप्पल बेर का रोपण किया।
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बताया कि एप्पल बेर की खेती अपेक्षाकृत कम लागत में अधिक उत्पादन देती है। लगभग तीन वर्ष पूर्व इस फसल की शुरुआत के बाद से ही इसकी आर्थिक उपयोगिता का अहसास होने लगा। एप्पल एक हेक्टेयर में एप्पल बेर की करीब 400 क्विंटल तक पैदावार होती है। लागत निकालकर वह हर वर्ष करीब पांच लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। चंद्रपाल ने बताया कि इस एप्पल बेर की मांग दिल्ली, आगरा सहित आसपास के कई महानगरों में तेजी से बढ़ रही है। बड़ी मंडियों में यह बेर प्रीमियम क्वॉलिटी के रूप में खरीदा जा रहा है। इससे मिलने वाले लाभ को देखते हुए पूरी जमीन पर इसकी खेती करने पर विचार कर रहे हैं।
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प्रतिदिन गांव से बेर की खेप ट्रैक्टर-ट्रॉली व अन्य माध्यमों से महानगरों तक भेजी जाती है। बढ़ती मांग ने उत्साह को कई गुना बढ़ा दिया है। चंद्रपाल की सफलता देख गांव के ही किसान रामगोपाल, एदल सिंह, रामदास, जगवीर, अनार सिंह ने भी एप्पल बेर की खेती को अपनाया है। लगभग 15 बीघा भूमि में खेती करने वाले रामगोपाल ने बताया कि एप्पल बेर की मांग विशेष रूप से महाशिवरात्रि के समय तेजी से बढ़ जाती है। दिल्ली व आगरा की मंडियों में इन दिनों खपत कई गुना हो जाती है। इससे उनकी आय में भी बढ़ोतरी हुई है। चंद्रपाल और रामगोपाल की उन्नत खेती से गांव के कई युवाओं को रोजगार मिला है। कटाई, पैकिंग, ढुलाई से लेकर श्रमिक कार्यों तक गांव के युवाओं को काम मिल रहा है।
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1 से 15 मई तक होता है एप्पल बेर का पौधरोपण
किसान चंद्रपाल सिंह ने बताया कि एप्पल बेर के पौधरोपण का समय से 15 मई तक होता है। कहा कि इसकी फसल तेजी से बढ़ती है और दिसंबर के अंत तक फल निकलना शुरू हो जाता है। फरवरी के अंतिम सप्ताह तक एप्पल बेर पूरी तरह पककर तोड़ने के लिए तैयार हो जाते हैं। एप्पल बेर की मांग बाजार में लगातार बनी रहती है, इससे उन्हें अच्छी आमदनी भी होती है। उचित समय पर बुवाई व सिंचाई से उत्पादन में और बढ़ोतरी संभव है।
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