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Etah News: जन औषधि केंद्र हो गया बंद, बाहर से दवाएं खरीद रहे मरीज
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एटा। मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र बंद हो चुका है। इसकी वजह से मरीजों को सस्ती दवाएं नहीं मिल पा रही हैं। चिकित्सकों द्वारा इसकी दवाएं न लिखे जाने की वजह से यह जन औषधि केंद्र दम तोड़ गया।
लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं व सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में जिला अस्पताल परिसर में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र स्थापित कराया गया था। इस पर कुछ साल तक तो सस्ती दवाएं मिली भीं लेकिन चिकित्सकों ने इसकी दवाएं मरीजों काे लिखने में कोई विशेष रुचि नहीं ली। कमीशन के कारण बाजार की दवाएं लिखी जाती रहीं। इसके कारण जन औषधि केंद्र पर दवाओं की मांग बेहद कम रही।
नतीजा यह रहा कि केंद्र बंद हो गया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अब दूसरे वेंडर काे ठेका दे दिया गया है। मेडिकल कॉलेज के नए भवन में जन औषधि केंद्र खोला जाना है, लेकिन अभी तक खुल नहीं पाया है और मरीज सस्ती दवाओं के लिए भटक रहे हैं।
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जन औषधि केंद्र बंद होने से काफी समस्या हो रही है, जो दवाएं सस्ते दामों पर मिल जाती थीं, अब उन दवाओं के लिए बाजार के चक्कर काटने पड़ते हैं जहां इनके दाम भी बहुत अधिक हैं। -मनीष कुशवाह, पटियाली गेट
60 प्रतिशत छूट पर औषधि केंद्रों से दवाएं मिल रही थीं। मेडिकल कॉलेज में ये केंद्र बंद पड़ा है। चिकित्सक जो दवा लिखते हैं वो यदि मेडिकल कॉलेज में नहीं है तो बाहर काफी महंगी मिलेगी। -राहुल शर्मा, मेहता पार्क
वर्जन
पुराना केंद्र बंद हो चुका है। नया केंद्र मेडिकल कॉलेज के नए भवन में खुलना है, इसके लिए वेंडर और जगह का चयन हो चुका है। जल्द संचालन शुरू कराया जाएगा। - डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएओ
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लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं व सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए पूर्व में जिला अस्पताल परिसर में प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र स्थापित कराया गया था। इस पर कुछ साल तक तो सस्ती दवाएं मिली भीं लेकिन चिकित्सकों ने इसकी दवाएं मरीजों काे लिखने में कोई विशेष रुचि नहीं ली। कमीशन के कारण बाजार की दवाएं लिखी जाती रहीं। इसके कारण जन औषधि केंद्र पर दवाओं की मांग बेहद कम रही।
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नतीजा यह रहा कि केंद्र बंद हो गया। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि अब दूसरे वेंडर काे ठेका दे दिया गया है। मेडिकल कॉलेज के नए भवन में जन औषधि केंद्र खोला जाना है, लेकिन अभी तक खुल नहीं पाया है और मरीज सस्ती दवाओं के लिए भटक रहे हैं।
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जन औषधि केंद्र बंद होने से काफी समस्या हो रही है, जो दवाएं सस्ते दामों पर मिल जाती थीं, अब उन दवाओं के लिए बाजार के चक्कर काटने पड़ते हैं जहां इनके दाम भी बहुत अधिक हैं। -मनीष कुशवाह, पटियाली गेट
60 प्रतिशत छूट पर औषधि केंद्रों से दवाएं मिल रही थीं। मेडिकल कॉलेज में ये केंद्र बंद पड़ा है। चिकित्सक जो दवा लिखते हैं वो यदि मेडिकल कॉलेज में नहीं है तो बाहर काफी महंगी मिलेगी। -राहुल शर्मा, मेहता पार्क
वर्जन
पुराना केंद्र बंद हो चुका है। नया केंद्र मेडिकल कॉलेज के नए भवन में खुलना है, इसके लिए वेंडर और जगह का चयन हो चुका है। जल्द संचालन शुरू कराया जाएगा। - डॉ. उमेश त्रिपाठी, सीएओ