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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   Jalesar  2100 kg Ashtadhatu bell was made for Shri Ram temple in Ayodhya there is a crisis on industrial unit

UP: अयोध्या के श्रीराम मंदिर के लिए जहां बना 2100 किलो अष्टधातु का घंटा, वहां की औद्योगिक इकाइयाें पर संकट

Wed, 07 May 2025 01:36 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Wed, 07 May 2025 01:36 PM IST
सार

घुंघरू-घंटी नाम से मशहूर एटा के जलेसर की 1000 औद्योगिक इकाइयाें पर संकट मंडरा रहा है। नीरी ने जिस तरह टीटीजेड में लकड़ी-कोयला आधारित भट्ठियों पर सख्ती दिखाई है, उससे यहां के उद्यमी परेशान हैं।
 

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Jalesar  2100 kg Ashtadhatu bell was made for Shri Ram temple in Ayodhya there is a crisis on industrial unit
जलेसर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

घुंघरू-घंटी नाम से मशहूर जलेसर की करीब 1000 औद्योगिक इकाइयों पर संकट मंडरा गया है। नीरी (नेशनल एनवायरमेंटल इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट) ने टीटीजेड (ताज ट्रिपेजियम जोन) में कोयला, लकड़ी आधारित भट्ठियों के संचालन पर रोक लगाई है। जबकि जलेसर में अब तक उद्यमियों को गैस की आपूर्ति नहीं मिल सकी है।
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जलेसर में बड़े स्तर पीतल के घुंघरू, घंटे, घंटे सहित अन्य उत्पाद बनाए जाते हैं। इनकी आपूर्ति देश से लेकर विदेश तक है। मांग की पूर्ति के लिए यहां वृहद स्तर पर कार्य किया जाता है। घर-घर में यहां भट्ठियां चलती हैं। जो पीतल को गलाने और ढालने के काम में जुटी हुई हैं। जलेसर क्षेत्र ताज ट्रिपेजियम जोन में भी आता है। ताजमहल के सौंदर्य के मद्देनजर टीटीजेड में वायु प्रदूषण पर गंभीरता बरती जा रही है। पूर्व में भी इस संबंध में निर्देश जारी हो चुके हैं। इस बार नीरी ने गाइडलाइन जारी की है। इसके मुताबिक टीटीजेड में केवल गैस आधारित इकाइयां ही संचालित की जाएंगी।
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समस्या ये है कि औद्योगिक दृष्टि से इतने महत्वपर्ण जलेसर क्षेत्र में प्रशासन अब तक गैस आपूर्ति मुहैया नहीं करा सका है। साल भर से इस कार्य में एचपीसीएल (हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लि.) जुटा हुआ है। लेकिन अब तक व्यापारियों को आपूर्ति नहीं मिल सकी है। भट्ठियां लकड़ी और कोयले जैसे पारंपरिक ईंधन पर ही आधारित हैं, जिनमें बहुत ज्यादा वायु प्रदूषण होता है। यदि नीरी की गाइडलाइन को सख्ती से लागू कराया जाता है तो यहां चल रही करीब 1000 भट्ठियों का संचालन मुश्किल हो जाएगा।
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उपायुक्त उद्योग प्रेमकांत ने बताया कि शासन और गैस कंपनी से लगातार वार्ता चल रही है। जो भी गतिरोध हैं, जल्द उन्हीं दूर कराकर उद्यमियों को गैस आपूर्ति मुहैया कराई जाएगी। औद्योगिक इकाइयों के संचालन में कोई अड़चन नहीं आने देंगे।
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