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महिला समेत तीन ने गैस सब्सिडी ठुकराई
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Wed, 21 Jan 2015 11:45 PM IST
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शहर की रश्मि जैन, सत्यदेव गुप्ता व अवागढ़ के गोल्डी गोयल जिले के ऐसे उपभोक्ता हैं जिन्होंने लिखित आवेदन कर गैस सब्सिडी लेने से इनकार कर दिया है। इनका कहना है कि ऐसा उन्होंने जनहित में किया है। गरीबों का हक वह नहीं लेना चाहते। बताते चलें कि जिले में संचालित 15 गैस एजेंसियों पर सवा लाख से अधिक उपभोक्ता पंजीकृत हैं।
लाखों रुपये का आयकर देने वाले अमीर लोग सब्सिडी का लालच नहीं छोड़ पा रहे। करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाले लोग भी गरीबों का हक गैस सब्सिडी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में एक महिला समेत एटा शहर के दो लोगों और अवागढ़ कस्बे के एक कारोबारी ने निर्धारित प्रपत्र पर ऐच्छिक रूप से सब्सिडी न लेने की घोषणा की है। 18 लाख से अधिक आबादी वाले जिले में विभिन्न कंपनियों की 15 गैस एजेंसी संचालित हैं। इन पर सवा लाख से अधिक गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें से मात्र तीन उपभोक्ताओं ने ही गरीबों का हक ‘गैस सब्सिडी’ न लेने की पहल की है। बताते चलें कि देशहित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्तमंत्री अरुण जेटली ने जहां सार्वजनिक रूप से संपन्न लोगों से गैस सब्सिडी न लेने का आह्वान किया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मोबाइल कॉल एवं मैसेज देकर जनहित एवं राष्ट्रहित में आगे आने का आह्वान कर रहे हैं।
खादी भी नहीं पसीजी
एटा। गरीब-किसानों को ढाल बनाकर राजनीति करने वाले नेताजी भी गरीबों के हित में आगे नहीं आ रहे। यह लोग 300 रुपये की सब्सिडी के लोभ में जकड़े हैं। इतना ही नहीं भाजपा नेता भी अपने वरिष्ठ नेताओं के आह्वान पर नहीं पसीज रहे। बताते चलें कि जनपद में तीन सांसद, चार विधायक, एक एमएलसी, कई पूर्व विधायक व पूर्व सांसद हैं।
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मन की शांति व जनहित में गैस सब्सिडी छोड़ने का संकल्प लिया। यह निर्धनों का पहला अधिकार है। अन्य मदों में कटौती कर बजट की भरपाई की जाएगी।
- रश्मि जैन, गैस उपभोक्ता, एटा
देश के सर्वोच्च नेताओं की जनहित की अपील से प्रेरित होकर निर्णय लिया है। साथ ही मन को शांति है कि इससे जहां एक निर्धन व्यक्ति का हक सुरक्षित होगा, वहीं सरकारी कोष से बोझ घटेगा।
- सत्यदेव गुप्ता, गैस उपभोक्ता, एटा
देश के प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री एवं पेट्रोलियम मंत्री के आह्वान से वे जागरूक हुए हैं। उन्हें लगा कि देश और गरीबों के हित सब्सिडी छोड़ना भी जनहित व परोपकार है। परिवार ने भी समर्थन किया और सब्सिडी लेने से मना कर दिया।
- गोल्डी गोयल, गैस उपभोक्ता, अवागढ़
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लाखों रुपये का आयकर देने वाले अमीर लोग सब्सिडी का लालच नहीं छोड़ पा रहे। करोड़ों रुपये का कारोबार करने वाले लोग भी गरीबों का हक गैस सब्सिडी छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में एक महिला समेत एटा शहर के दो लोगों और अवागढ़ कस्बे के एक कारोबारी ने निर्धारित प्रपत्र पर ऐच्छिक रूप से सब्सिडी न लेने की घोषणा की है। 18 लाख से अधिक आबादी वाले जिले में विभिन्न कंपनियों की 15 गैस एजेंसी संचालित हैं। इन पर सवा लाख से अधिक गैस उपभोक्ता पंजीकृत हैं। इनमें से मात्र तीन उपभोक्ताओं ने ही गरीबों का हक ‘गैस सब्सिडी’ न लेने की पहल की है। बताते चलें कि देशहित में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्तमंत्री अरुण जेटली ने जहां सार्वजनिक रूप से संपन्न लोगों से गैस सब्सिडी न लेने का आह्वान किया है। पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान मोबाइल कॉल एवं मैसेज देकर जनहित एवं राष्ट्रहित में आगे आने का आह्वान कर रहे हैं।
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खादी भी नहीं पसीजी
एटा। गरीब-किसानों को ढाल बनाकर राजनीति करने वाले नेताजी भी गरीबों के हित में आगे नहीं आ रहे। यह लोग 300 रुपये की सब्सिडी के लोभ में जकड़े हैं। इतना ही नहीं भाजपा नेता भी अपने वरिष्ठ नेताओं के आह्वान पर नहीं पसीज रहे। बताते चलें कि जनपद में तीन सांसद, चार विधायक, एक एमएलसी, कई पूर्व विधायक व पूर्व सांसद हैं।
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मन की शांति व जनहित में गैस सब्सिडी छोड़ने का संकल्प लिया। यह निर्धनों का पहला अधिकार है। अन्य मदों में कटौती कर बजट की भरपाई की जाएगी।
- रश्मि जैन, गैस उपभोक्ता, एटा
देश के सर्वोच्च नेताओं की जनहित की अपील से प्रेरित होकर निर्णय लिया है। साथ ही मन को शांति है कि इससे जहां एक निर्धन व्यक्ति का हक सुरक्षित होगा, वहीं सरकारी कोष से बोझ घटेगा।
- सत्यदेव गुप्ता, गैस उपभोक्ता, एटा
देश के प्रधानमंत्री, वित्तमंत्री एवं पेट्रोलियम मंत्री के आह्वान से वे जागरूक हुए हैं। उन्हें लगा कि देश और गरीबों के हित सब्सिडी छोड़ना भी जनहित व परोपकार है। परिवार ने भी समर्थन किया और सब्सिडी लेने से मना कर दिया।
- गोल्डी गोयल, गैस उपभोक्ता, अवागढ़