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Etah News: 19 दिन में 151 को सांप ने डसा, तीन लोगोें की मौत
Fri, 08 Aug 2025 11:33 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 08 Aug 2025 11:33 PM IST
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एटा। बरसात के बाद गर्मी और उमस के कारण सर्प बिलों से बाहर निकलकर खतरा बन रहे हैं। 19 दिन में 151 लोगों को सर्पों ने डस लिया। इनमें से दो लोगों की मौत पूर्व में एक युवक की मौत बृहस्पतिवार को हुई।
बरसात में बाहर निकले सर्प गर्मी से व्याकुल होकर या असुरक्षा की भावना से आसपास से गुजर रहे या बैठे हुए लोगों को डस रहे हैं। 21 जुलाई से 8 अगस्त तक 151 लोग सर्पदंश के शिकार हुए। इनमें कुछ लोग ऐसे भी थे जो सांप के डसने के बाद पीड़ित व्यक्ति को इधर-उधर झाड़-फूंक के प्रयास में भी रहे। जो लोग समय से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंच गए उनका उपचार कर घर भेज दिया गया।
21 जुलाई को निधौली कलां थाना क्षेत्र के गांव धौलेश्वर निवासी हुंडीलाल को और 1 अगस्त को कक्षा 1 के छात्र दीपू को अलमारी से कपड़े निकालते समय सर्प ने डस लिया। दोनों के ही परिजन जब तक मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लाए इनकी मौत हो गई।
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निधौली कलां थाना क्षेत्र के गांव रमंडपुर निवासी दयावीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम पिता जगदीश सिंह (80) खेत पर काम के लिए गए थे। वहां सर्प ने डस लिया तो इधर-उधर झाड़-फूंक कराते रहे। जब कोई फायदा नहीं मिला तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निधौली कलां ले गए, जहां चिकित्सक ने जगदीश को मृत घोषित कर दिया। परिजन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया है।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी प्रभारी डॉ. माधवेंद्र ने बताया कि गर्मी और उमस के चलते सर्प बिल से बाहर आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के साथ ही सभी 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 36 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हैं। अभी तक कोई भी सर्पदंश का शिकार मरीज एएसवी की कमी की वजह से नहीं लौटा है।
सांप डसने पर क्या करें
डॉ. माधवेंद्र के अनुसार सर्प अगर डस ले तो घबराएं नहीं बल्कि सावधानी से काम लें। जहां सांप ने डसा है उस जगह को साफ पानी से धोएं। ब्लेड आदि से उस जगह पर चीरा न लगाएं। इसके अलावा उस जगह के आसपास कसकर भी न बांधे। सबसे पहले अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे जिससे कि सही समय पर उपचार हो सके और मरीज की जान बचाई जा सके। किसी प्रकार की झाड़-फूंक करने वाले लोगों के पास मरीज को न ले जाएं। देरी मरीज के लिए जानलेवा हो सकती है।
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बरसात में बाहर निकले सर्प गर्मी से व्याकुल होकर या असुरक्षा की भावना से आसपास से गुजर रहे या बैठे हुए लोगों को डस रहे हैं। 21 जुलाई से 8 अगस्त तक 151 लोग सर्पदंश के शिकार हुए। इनमें कुछ लोग ऐसे भी थे जो सांप के डसने के बाद पीड़ित व्यक्ति को इधर-उधर झाड़-फूंक के प्रयास में भी रहे। जो लोग समय से मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी पहुंच गए उनका उपचार कर घर भेज दिया गया।
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21 जुलाई को निधौली कलां थाना क्षेत्र के गांव धौलेश्वर निवासी हुंडीलाल को और 1 अगस्त को कक्षा 1 के छात्र दीपू को अलमारी से कपड़े निकालते समय सर्प ने डस लिया। दोनों के ही परिजन जब तक मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी लाए इनकी मौत हो गई।
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निधौली कलां थाना क्षेत्र के गांव रमंडपुर निवासी दयावीर सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार की शाम पिता जगदीश सिंह (80) खेत पर काम के लिए गए थे। वहां सर्प ने डस लिया तो इधर-उधर झाड़-फूंक कराते रहे। जब कोई फायदा नहीं मिला तो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निधौली कलां ले गए, जहां चिकित्सक ने जगदीश को मृत घोषित कर दिया। परिजन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराया है।
मेडिकल कॉलेज के इमरजेंसी प्रभारी डॉ. माधवेंद्र ने बताया कि गर्मी और उमस के चलते सर्प बिल से बाहर आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज के साथ ही सभी 8 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 36 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हैं। अभी तक कोई भी सर्पदंश का शिकार मरीज एएसवी की कमी की वजह से नहीं लौटा है।
सांप डसने पर क्या करें
डॉ. माधवेंद्र के अनुसार सर्प अगर डस ले तो घबराएं नहीं बल्कि सावधानी से काम लें। जहां सांप ने डसा है उस जगह को साफ पानी से धोएं। ब्लेड आदि से उस जगह पर चीरा न लगाएं। इसके अलावा उस जगह के आसपास कसकर भी न बांधे। सबसे पहले अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे जिससे कि सही समय पर उपचार हो सके और मरीज की जान बचाई जा सके। किसी प्रकार की झाड़-फूंक करने वाले लोगों के पास मरीज को न ले जाएं। देरी मरीज के लिए जानलेवा हो सकती है।