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एचडीएफसी बैंक शाखा में धक्कामुक्की से शीशा टूटा
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Thu, 08 Dec 2016 11:22 PM IST
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एचडीएफसी बैंक शाखा में धक्कामुक्की से शीशा टूटा
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा रोड स्थित एचडीएफसी बैंक में गुरुवार सुबह ही कैश खत्म हो गया। ग्राहकों की कतार लगी रही, पैसा खत्म होते ही बैंक में घुसने को लेकर धक्कामुक्की हुई जिससे बैंक के शीशे टूट गए। तो कस्बों की अधिकांश शाखाओं में कैश पहले ही खत्म हो गया था। जहां पैसा था वहां सिर्फ तीन से चार हजार रुपये ही मिल पा रहे हैं।
ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक और सहकारी बैंक शाखाएं कैशलेस होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को नगर की एचडीएफसी बैंक शाखा में पहले घुसने को लेकर ग्राहकों में धक्कामुक्की होने से बैंक के शीशे टूट गए। ग्राहकों ने बैंक में खत्म होने पर कर्मचारियों और अफसरों पर जमकर भड़ास निकाली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी प्रकार भीड़ को बैंक से बाहर निकाला। बैंक प्रबंधक गौरव पालीवाल ने कहा कि बैंक में बुधवार से कैश खत्म है। उम्मीद है कि शुक्रवार को कैश उपलब्ध होगा। कैशलेस बोर्ड लगाने के बाद भी ग्राहक धक्कामुक्की कर बैंक में घुसे। इसके चलते शीशा टूटने के अलावा एल्यूमिनियम का गेट क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं गुरुवार सुबह जैथरा स्थित एसबीआई बैंक के बाहर लाइन में खड़े होने पर ग्राहकों में भिड़ंत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने व्यवस्था संभाली, तब जाकर हंगामा कर रहे ग्रामीण शांत हुए।
800 करोड़ पुराने नोट जमा, निकासी 700 करोड़
एटा (ब्यूरो)। लीड बैंक की माने तो जिले की 142 सरकारी बैंक शाखाआें, डाकघरों और प्राइवेट बैंकों में 800 करोड़ रुपये से अधिक के पुराने 1000- 500 रुपये के नोट खाते में जमा किए और बदले गए। लेकिन बैंक, डाकघर में करीब 400 करोड़ के 2000 की करेंसी और तीन सौ करोड़ से अधिक के 100, 50, 20, 10 रुपये के नोट और सिक्कों की निकासी की है। इसके बाद भी बाजार में नकदी संकट बना हुआ है।
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जरूरत भर को बैंक खाते से नहीं निकासी
पेंशन और वेतनभोगियों को बैंक से जरूरत के हिसाब से पैसा नहीं मिल पा रहा है। सेलरी एक लाख रुपये है, लेकिन बैक से तीन से दस हजार रुपये ही मिल रहे हैं। ऐसे में विंटर वैकेशन पर जाने की तैयारी कर रहे नौकरीपेशा लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। वहीं जिले के बैंक कैशलेस होने के कगार पर पहुंच गए हैं। एसबीआई, केनरा और सेंट्रल बैक ने आरबीआई को फिर तीन सौ करोड़ रुपये की डिमांड भेज दी है। केनरा और एसबीआई में निकासी बंद होने की संभावना है।
नकदी संकट और कोआपरेटिव समितियों में पुराने नोट के चलन पर पाबंदी लगने से जिले में खाद और बीज का वितरण 25 प्रतिशत तक गिरा है। डीएओ की माने तो किसान पुराने बीज का इस्तेमाल कर आच्छादन क्षेत्र पूरा कर लेंगे, लेकिन गेहूं के उत्पाद में बीस प्रतिशत की गिरावट दर्ज है। किसान राम पाठक की माने तो वे हर साल 50 -60 बीघा गेहूं की फसल बोते थे, लेकिन इस बार नगदी संकट के कारण 25 बीघा गेहूूं बोया। पाठक कहा दुकानदार और समितियों उधार खाद बीज नहीं दे रहे। नगदी संकट से मजदूरी देना भी मुश्किल है।
- सर्वेश यादव, जिला कृषि अधिकारी
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ग्रामीण बैंक ऑफ आर्यावर्त, केनरा बैंक, सेंट्रल बैंक और सहकारी बैंक शाखाएं कैशलेस होने से लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। गुरुवार को नगर की एचडीएफसी बैंक शाखा में पहले घुसने को लेकर ग्राहकों में धक्कामुक्की होने से बैंक के शीशे टूट गए। ग्राहकों ने बैंक में खत्म होने पर कर्मचारियों और अफसरों पर जमकर भड़ास निकाली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी प्रकार भीड़ को बैंक से बाहर निकाला। बैंक प्रबंधक गौरव पालीवाल ने कहा कि बैंक में बुधवार से कैश खत्म है। उम्मीद है कि शुक्रवार को कैश उपलब्ध होगा। कैशलेस बोर्ड लगाने के बाद भी ग्राहक धक्कामुक्की कर बैंक में घुसे। इसके चलते शीशा टूटने के अलावा एल्यूमिनियम का गेट क्षतिग्रस्त हो गया। वहीं गुरुवार सुबह जैथरा स्थित एसबीआई बैंक के बाहर लाइन में खड़े होने पर ग्राहकों में भिड़ंत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने व्यवस्था संभाली, तब जाकर हंगामा कर रहे ग्रामीण शांत हुए।
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800 करोड़ पुराने नोट जमा, निकासी 700 करोड़
एटा (ब्यूरो)। लीड बैंक की माने तो जिले की 142 सरकारी बैंक शाखाआें, डाकघरों और प्राइवेट बैंकों में 800 करोड़ रुपये से अधिक के पुराने 1000- 500 रुपये के नोट खाते में जमा किए और बदले गए। लेकिन बैंक, डाकघर में करीब 400 करोड़ के 2000 की करेंसी और तीन सौ करोड़ से अधिक के 100, 50, 20, 10 रुपये के नोट और सिक्कों की निकासी की है। इसके बाद भी बाजार में नकदी संकट बना हुआ है।
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जरूरत भर को बैंक खाते से नहीं निकासी
पेंशन और वेतनभोगियों को बैंक से जरूरत के हिसाब से पैसा नहीं मिल पा रहा है। सेलरी एक लाख रुपये है, लेकिन बैक से तीन से दस हजार रुपये ही मिल रहे हैं। ऐसे में विंटर वैकेशन पर जाने की तैयारी कर रहे नौकरीपेशा लोग हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं। वहीं जिले के बैंक कैशलेस होने के कगार पर पहुंच गए हैं। एसबीआई, केनरा और सेंट्रल बैक ने आरबीआई को फिर तीन सौ करोड़ रुपये की डिमांड भेज दी है। केनरा और एसबीआई में निकासी बंद होने की संभावना है।
नकदी संकट और कोआपरेटिव समितियों में पुराने नोट के चलन पर पाबंदी लगने से जिले में खाद और बीज का वितरण 25 प्रतिशत तक गिरा है। डीएओ की माने तो किसान पुराने बीज का इस्तेमाल कर आच्छादन क्षेत्र पूरा कर लेंगे, लेकिन गेहूं के उत्पाद में बीस प्रतिशत की गिरावट दर्ज है। किसान राम पाठक की माने तो वे हर साल 50 -60 बीघा गेहूं की फसल बोते थे, लेकिन इस बार नगदी संकट के कारण 25 बीघा गेहूूं बोया। पाठक कहा दुकानदार और समितियों उधार खाद बीज नहीं दे रहे। नगदी संकट से मजदूरी देना भी मुश्किल है।
- सर्वेश यादव, जिला कृषि अधिकारी