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UP: घुंघरू-घंटी कारोबारियों की हड़ताल...जीएसटी विभाग की छापेमारी से आक्रोश, रोज 15 करोड़ का नुकसान
Mon, 14 Jul 2025 08:48 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 14 Jul 2025 08:48 PM IST
सार
कारोबारियों और कारीगरों व श्रमिकों ने विधायक संजीव दिवाकर को उनके आवास पर और तहसील पहुंचकर एसडीएम भावना विमल को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपे। जीएसटी की छापेमारी पर आक्रोश जताया।
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ज्ञापन साैंपते कारोबारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
एटा के जलेसर में घुंघरू-घंटी कारोबारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल कर दी है। जीएसटी विभाग द्वारा छापेमारी कर उत्पीड़न किए जाने का आरोप लगाया है। हड़ताल के चलते रोजाना करीब 15 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हो रहा है। सोमवार को सभी कारोबारियों, कारीगरों ने मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन विधायक और एसडीएम को सौंपा।
नगर में छोटी-बड़ी करीब 3000 इकाइयां हैं, जहां पीतल के घुंघरू-घंटे, घंटी व अन्य उत्पाद बनाए जाने का काम चलता है। उद्यमियों के अलावा इन इकाइयों से करीब 10 हजार लोग जुड़े हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में कई पीतल कारोबारियों पर जीएसटी छापेमारी कर चुकी है। कारोबारियों का आरोप है कि केवल आर्थिक उत्पीड़न के लिए यह कार्रवाई की जाती हैं। इसके विरोध में उन्होंने रविवार से बेमियादी हड़ताल का एलान कर दिया। सोमवार को दूसरे दिन भी हड़ताल रही। कारोबारियों के मुताबिक कामबंदी से 15 करोड़ रुपये रोजाना का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
सोमवार को कारोबारियों और कारीगरों व श्रमिकों ने विधायक संजीव दिवाकर को उनके आवास पर और तहसील पहुंचकर एसडीएम भावना विमल को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में बताया कि जीएसटी के अधिकारियों की छापामार कार्रवाई से वह लोग परेशान हैं। चोरी न मिलने पर भी बार-बार छापा मारकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। काम बंद होने से तीन हजार भट्ठियां ठंडी पड़ी हैं और क्षेत्र के दस हजार मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। विधायक संजीव दिवाकर ने मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या का समाधान कराए जाने का आश्वासन दिया।
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नगर में छोटी-बड़ी करीब 3000 इकाइयां हैं, जहां पीतल के घुंघरू-घंटे, घंटी व अन्य उत्पाद बनाए जाने का काम चलता है। उद्यमियों के अलावा इन इकाइयों से करीब 10 हजार लोग जुड़े हुए हैं। पिछले कुछ महीनों में कई पीतल कारोबारियों पर जीएसटी छापेमारी कर चुकी है। कारोबारियों का आरोप है कि केवल आर्थिक उत्पीड़न के लिए यह कार्रवाई की जाती हैं। इसके विरोध में उन्होंने रविवार से बेमियादी हड़ताल का एलान कर दिया। सोमवार को दूसरे दिन भी हड़ताल रही। कारोबारियों के मुताबिक कामबंदी से 15 करोड़ रुपये रोजाना का कारोबार प्रभावित हो रहा है।
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सोमवार को कारोबारियों और कारीगरों व श्रमिकों ने विधायक संजीव दिवाकर को उनके आवास पर और तहसील पहुंचकर एसडीएम भावना विमल को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में बताया कि जीएसटी के अधिकारियों की छापामार कार्रवाई से वह लोग परेशान हैं। चोरी न मिलने पर भी बार-बार छापा मारकर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। काम बंद होने से तीन हजार भट्ठियां ठंडी पड़ी हैं और क्षेत्र के दस हजार मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। विधायक संजीव दिवाकर ने मुख्यमंत्री से मिलकर समस्या का समाधान कराए जाने का आश्वासन दिया।
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