{"_id":"2e0bb4d801c2a440e81bc9b8c5663cb9","slug":"getting-computer-education-in-the-district-died-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जनपद में दम तोड़ रही कंप्यूटर शिक्षा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जनपद में दम तोड़ रही कंप्यूटर शिक्षा
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Tue, 01 Dec 2015 04:37 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बुधवार को विश्व कंप्यूटर साक्षरता दिवस मनाने जा रहे हैं। जनपद में इस शिक्षा की स्थिति काफी बदहाल है। माध्यमिक विद्यालयों के बच्चे नए साल में इस शिक्षा से पूरी तरह से महरूम हो जाएंगे। परिषदीय स्कूलों की स्थिति भी संतोष जनक नहीं हैं। विद्यालयों में लगाए गए कंप्यूटरों का ही अता पता नहीं है।
कंप्यूटर के महत्व को देखते हुए शासन ने परिषदीय जूनियर हाइस्कूल विद्यालयों में इस शिक्षा को लागू किया। वर्ष 2008-09 से यह शिक्षा शुरू की गई। वर्ष 2011-12 तक 97 विद्यालयों को कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए। जबकि जनपद में 444 जूनियर हाईस्कूल विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
माध्यमिक विद्यालयों की कंप्यूटर शिक्षा का हाल भी बेहाल है। जनपद में 32 शासकीय व सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैँ। इन विद्यालयों में से वर्ष 2010-11 में आइसीटी योजना के तहत 16 विद्यालयों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ा गया। इसके बाद वर्ष 2011-12 में 4 विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू की गई। पहले चरण के 16 विद्यालयों में तैनात किए गए कंप्यूटर शिक्षक वर्ष 2014 में नवंबर माह में अनुबंध समाप्त हो जाने के बाद हट गए। तब से इन विद्यालयों के कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। शेष 4 विद्यालयों के कंप्यूटर शिक्षकों की संविदा दिसंबर में समाप्त होने जा रही है। इन विद्यालयों मे ंभी नए साल से कंप्यूटर शिक्षा बंद हो जाएगी। वित्त विहीन विद्यालयों की स्थिति भी इस मामले में काफी खराब है। 160 विद्यालयों में से कुछ गिने चुने विद्यालयों में ही बच्चों को यह शिक्षा दी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
कंप्यूटर के महत्व को देखते हुए शासन ने परिषदीय जूनियर हाइस्कूल विद्यालयों में इस शिक्षा को लागू किया। वर्ष 2008-09 से यह शिक्षा शुरू की गई। वर्ष 2011-12 तक 97 विद्यालयों को कंप्यूटर उपलब्ध कराए गए। जबकि जनपद में 444 जूनियर हाईस्कूल विद्यालय संचालित हो रहे हैं।
विज्ञापन
माध्यमिक विद्यालयों की कंप्यूटर शिक्षा का हाल भी बेहाल है। जनपद में 32 शासकीय व सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैँ। इन विद्यालयों में से वर्ष 2010-11 में आइसीटी योजना के तहत 16 विद्यालयों को कंप्यूटर शिक्षा से जोड़ा गया। इसके बाद वर्ष 2011-12 में 4 विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा शुरू की गई। पहले चरण के 16 विद्यालयों में तैनात किए गए कंप्यूटर शिक्षक वर्ष 2014 में नवंबर माह में अनुबंध समाप्त हो जाने के बाद हट गए। तब से इन विद्यालयों के कंप्यूटर धूल फांक रहे हैं। शेष 4 विद्यालयों के कंप्यूटर शिक्षकों की संविदा दिसंबर में समाप्त होने जा रही है। इन विद्यालयों मे ंभी नए साल से कंप्यूटर शिक्षा बंद हो जाएगी। वित्त विहीन विद्यालयों की स्थिति भी इस मामले में काफी खराब है। 160 विद्यालयों में से कुछ गिने चुने विद्यालयों में ही बच्चों को यह शिक्षा दी जा रही है।
विज्ञापन