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पुरा में हर तरफ चीत्कार और विलाप, नहीं जले चूल्हे
ब्यूरो, अमर उजाला एटा
Updated Sun, 14 Jun 2015 11:13 PM IST
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रविवार की देर सायं परिवहन राज्यमंत्री मानपाल सिंह ने गांव पुरा पहुंचकर मृतकों के परिवारीजनों व घायलों को आर्थिक सहायता के चेक वितरित किए। चेक वितरित किए जाने के दौरान प्रभारी जिलाधिकारी साहब सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह यादव के अलावा अन्य नेता व प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे। इससे पहले एसडीएम सदर अजीत कुमार सिंह ने घायलों व मृतकों के परिवारीजनों से बात की और सभी की लिस्ट बनाई गई। गांव में पुलिस भी तैनात रही
बता दें, शनिवार की सुबह नौ बजे भागवत कथा के समापन के बाद दो ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर गांव पुरा के लोग छछैना नहर में कलश विसर्जन करने जा रहे थे। एक ट्राली में 50 से अधिक महिलाएं व बच्चे और दूसरी में पुरुष बैठे थे। गांव हरचंद्रपुर डायट के पास पीछे से आए ट्रक ने पहले पुरुषों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली में, उसके बाद महिलाओं व बच्चों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली में टकर मार दी थी।
इस हादसे में 10 महिलाओं व नौ बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई बालिका खुशबू पुत्री नरेश की देर रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे में घायल सुखवीर, गौरी, अनुपम व रीना को रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस व एंबुलेंस के देरी पर पहुंचने पर लोगों ने जाम लगा दिया था। मौके पर पहुंचे प्रभारी डीएम व पुलिस की गाड़ियों पर पथराव भी किया था।
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एक साथ 19 शव देख गांव में मचा कोहराम
एटा। शनिवार की देर रात पोस्टमार्टम के बाद जब 19 लोगों के शव गांव में पहुंचे तो कोहराम मच गया। चारों ओर से विलाप और क्रंदन की आवाज आ रही थी। रात 12 बजे गांव के बाहर बने श्मशान स्थल पर सबसे पहले महिला नेकसे देवी के शव को मुखाग्नि दी गई। इसके बाद एक-एक कर अन्य शवों का अंतिम संस्कार हुआ। सुबह तक शवों का अंतिम संस्कार हुआ। हर आंख नम थी, एक साथ इतने शवों का अंतिम संस्कार करने में भी लोगों को दिक्कत आई। 10 बच्चों के शवों को दफनाया गया। नगरपालिका एटा द्वारा भेजी गई जेसीबी मशीन से बच्चों को दफनाने के लिए गड्ढे खोदे गए। मृतका रामकली व उनकी नातिनी खुशी का अंतिम संस्कार सायं को तब हुआ, जब मुंबई से रिश्तेदार गांव पहुंच गए। भाजपा नेता डाक्टर दिनेश वशिष्ठ लकड़ियों की व्यवस्था कराने में लगे रहे। पूरी रात गांव में लाइट न आने पर जेनरेटर व पेट्रोमैक्स आदि की व्यवस्था की गई।
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राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह आज एटा में
एटा। राजस्थान के राज्यपाल व उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह सोमवार को एटा पहुंच रहे हैं। सोमवार को दिल्ली से हेलीकाप्टर से चलेंगे और दोपहर एक बजे पुलिस लाइन में उतरेंगे। यहां से डेढ़ बजे गांव पुरा पहुंचेंगे, जहां मृतकों के परिवारीजनों को ढांढस बंधाएंगे और घटना की जानकारी लेंगे।
एआरटीओ पर आरोप गलत- प्रभारी डीएम
एटा। प्रभारी जिलाधिकारी साहब सिंह ने कहा है कि शनिवार को जीटी रोड हरचंद्रपुर कलां के पास हुए दुख:द हादसे से परिवहन विभाग का कोई लेना देना नहीं है। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाए हैं कि एआरटीओ की गाड़ी ट्रक का पीछा कर रही थी जिसके चलते यह हादसा हुआ, लेकिन जानकारी मिली है कि एआरटीओ ओमप्रकाश वर्मा हादसे के समय कासगंज में किसी विभागीय कार्य से मौजूद थे। इसलिए एआरटीओ को आरोपित करना गलत है।
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बता दें, शनिवार की सुबह नौ बजे भागवत कथा के समापन के बाद दो ट्रैक्टर-ट्राली में सवार होकर गांव पुरा के लोग छछैना नहर में कलश विसर्जन करने जा रहे थे। एक ट्राली में 50 से अधिक महिलाएं व बच्चे और दूसरी में पुरुष बैठे थे। गांव हरचंद्रपुर डायट के पास पीछे से आए ट्रक ने पहले पुरुषों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली में, उसके बाद महिलाओं व बच्चों से भरी ट्रैक्टर-ट्राली में टकर मार दी थी।
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इस हादसे में 10 महिलाओं व नौ बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई थी। हादसे में गंभीर रूप से घायल हुई बालिका खुशबू पुत्री नरेश की देर रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। हादसे में घायल सुखवीर, गौरी, अनुपम व रीना को रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने पुलिस व एंबुलेंस के देरी पर पहुंचने पर लोगों ने जाम लगा दिया था। मौके पर पहुंचे प्रभारी डीएम व पुलिस की गाड़ियों पर पथराव भी किया था।
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एक साथ 19 शव देख गांव में मचा कोहराम
एटा। शनिवार की देर रात पोस्टमार्टम के बाद जब 19 लोगों के शव गांव में पहुंचे तो कोहराम मच गया। चारों ओर से विलाप और क्रंदन की आवाज आ रही थी। रात 12 बजे गांव के बाहर बने श्मशान स्थल पर सबसे पहले महिला नेकसे देवी के शव को मुखाग्नि दी गई। इसके बाद एक-एक कर अन्य शवों का अंतिम संस्कार हुआ। सुबह तक शवों का अंतिम संस्कार हुआ। हर आंख नम थी, एक साथ इतने शवों का अंतिम संस्कार करने में भी लोगों को दिक्कत आई। 10 बच्चों के शवों को दफनाया गया। नगरपालिका एटा द्वारा भेजी गई जेसीबी मशीन से बच्चों को दफनाने के लिए गड्ढे खोदे गए। मृतका रामकली व उनकी नातिनी खुशी का अंतिम संस्कार सायं को तब हुआ, जब मुंबई से रिश्तेदार गांव पहुंच गए। भाजपा नेता डाक्टर दिनेश वशिष्ठ लकड़ियों की व्यवस्था कराने में लगे रहे। पूरी रात गांव में लाइट न आने पर जेनरेटर व पेट्रोमैक्स आदि की व्यवस्था की गई।
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राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह आज एटा में
एटा। राजस्थान के राज्यपाल व उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह सोमवार को एटा पहुंच रहे हैं। सोमवार को दिल्ली से हेलीकाप्टर से चलेंगे और दोपहर एक बजे पुलिस लाइन में उतरेंगे। यहां से डेढ़ बजे गांव पुरा पहुंचेंगे, जहां मृतकों के परिवारीजनों को ढांढस बंधाएंगे और घटना की जानकारी लेंगे।
एआरटीओ पर आरोप गलत- प्रभारी डीएम
एटा। प्रभारी जिलाधिकारी साहब सिंह ने कहा है कि शनिवार को जीटी रोड हरचंद्रपुर कलां के पास हुए दुख:द हादसे से परिवहन विभाग का कोई लेना देना नहीं है। कुछ स्थानीय लोगों ने आरोप लगाए हैं कि एआरटीओ की गाड़ी ट्रक का पीछा कर रही थी जिसके चलते यह हादसा हुआ, लेकिन जानकारी मिली है कि एआरटीओ ओमप्रकाश वर्मा हादसे के समय कासगंज में किसी विभागीय कार्य से मौजूद थे। इसलिए एआरटीओ को आरोपित करना गलत है।