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अब हाईकोर्ट में कार्रवाई को चुनौती देंगे बर्खास्त शिक्षक
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एटा। बर्खास्त शिक्षकों में 85 फर्जी डिग्रीधारी और 31 शिक्षकों पर अंकों में हेराफेरी के आरोप हैं। बर्खास्तगी की कार्रवाई के बाद खलबली मची है। प्रभावित परिवारों में मातम जैसा माहौल है। परिवार के सदस्य सकते में हैं। ज्यादातर के घरों में रविवार को चूल्हे तक नहीं जले। बर्खास्त शिक्षक अब कोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं।
तीन वर्ष की लंबी प्रक्रिया के बाद जिले के 116 शिक्षकों को शनिवार को बर्खास्त कर दिया गया। कार्रवाई को लेकर पहले से ही आशंकित ये शिक्षक अन्य जिलों के बर्खास्त शिक्षकों के संपर्क में हैं। इतना ही नहीं, राहत के लिए हाईकोर्ट के वकीलों से संपर्क साध रहे हैं। इनका कहना है कि आदेश मिलते ही वे कोर्ट में कार्रवाई को चुनौती देंगे। टैंपर्ड आधार पर बर्खास्त शिक्षकों को अन्य जिलों की भांति कोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद है।
पहचान छिपा रहे बर्खास्त शिक्षक
लोग बर्खास्त शिक्षकों की सूची जानने को बेताब हैं। खबर के बाद यह लोग अन्य लोगों से इन शिक्षक -शिक्षिकाओं के नाम जानने के लिए फोन खटखटाते रहे। जिन पर कार्रवाई हुई वह अपनी पहचान नहीं खोलना चाहते। पूछने पर भी वे कुछ नहीं बता रहे। उनका कहना है कि आदेश मिलने तक इस बारे में कुछ भी नहीं कह सकते। शनिवार देर शाम हुई कार्रवाई और रविवार अवकाश के चलते बर्खास्त शिक्षकों की सूची सार्वजनिक नहीं हुई है।
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गोपनीय बैठक कर बनाई रणनीति
रविवार को दर्जनों शिक्षकों ने एक शिक्षक नेता के घर बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार किया। बैठक में संयुक्त याचिका व पैरवी की बात कही गई। इतना ही नहीं, इसके लिए सक्रिय लोगों से नेतृत्व संभालने को कहा गया। अलीगंज, जैथरा से लेकर निधौली कलां ब्लाक के दर्जनों शिक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान कासगंज, मैनपुरी, कन्नौज आदि जिलों के बर्खास्त शिक्षकों से संपर्क कर वकील व बैंच की जानकारी की।
सात से अधिक शिक्षक दंपती भी बर्खास्त
सूत्रों के अनुसार सात से अधिक शिक्षक दंपती भी बर्खास्त शिक्षकों में शामिल हैं। पति-पत्नी पर हुई कार्रवाई के बाद उनके यहां का माहौल गमगीन दिखाई दिया। सवा लाख रुपये से अधिक मासिक आय पर ब्रेक लगने से इनके माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
बर्खास्त शिक्षक प्राथमिक के हेड-जूनियर के शिक्षक
दस वर्ष से अधिक की सेवाओं के चलते सभी बर्खास्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एक पदोन्नति पहले ही पा चुके हैं। ऐसे में ये लोग प्राइमरी में हेड या जूनियर में सहायक अध्यापक हैं। इन सभी का ग्रेड पे 4600 है। वर्तमान में इनका वेतन लगभग 60 हजार रुपये है।
बच्चों का खर्च व किश्तों की चिंता
तमाम शिक्षकों के बच्चे महंगे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। उन्हें उनकी फीस की चिंता सताने लगी है। नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि बर्खास्त शिक्षक का बेटा इंजीनियरिंग व बेटी कोचिंग कर रही है। अब उन्हें इनके खर्च की चिंता है।
बैंक लोन की चिंता, गारंटर भी परेशान
सूत्रों के मुताबिक कई बर्खास्त शिक्षकों पर लाखों का कार व हाउस लोन है। जो हर माह सैलरी से कट जाता था। वेतन रुकने के बाद इनकी भारी भरकम किश्तें निकालना भी मुश्किल होगा। इतना ही नहीं इनके लोन गारंटरों की भी धड़कनें बढ़ गई हैं। अधिकांश का वेतन आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में आता है।
शिक्षकों की कमी से स्कूल भी होंगे प्रभावित
116 शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद जिले में शिक्षकों की कमी खलेगी। इनमें 50 से अधिक हेडमास्टर हैं। ऐसे में यह स्कूल प्रधानाध्यापक रहित हो जाएंगे। इतना ही नहीं, खंड शिक्षा अधिकारियों को इनसे विभिन्न वित्तीय कार्यभार व सूचनाएं लेने में भी परेशानी आ सकती है। बताते चलें कि सर्वाधिक 56 बर्खास्त शिक्षक सदर तहसील क्षेत्र के हैं।
-बर्खास्त शिक्षक निश्चित रूप से न्याय पाने के लिए अदालत जाएंगे, उम्मीद है कि वहीं से उन्हें न्याय मिल पाएगा।
-राकेश चौहान, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ।
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तीन वर्ष की लंबी प्रक्रिया के बाद जिले के 116 शिक्षकों को शनिवार को बर्खास्त कर दिया गया। कार्रवाई को लेकर पहले से ही आशंकित ये शिक्षक अन्य जिलों के बर्खास्त शिक्षकों के संपर्क में हैं। इतना ही नहीं, राहत के लिए हाईकोर्ट के वकीलों से संपर्क साध रहे हैं। इनका कहना है कि आदेश मिलते ही वे कोर्ट में कार्रवाई को चुनौती देंगे। टैंपर्ड आधार पर बर्खास्त शिक्षकों को अन्य जिलों की भांति कोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद है।
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पहचान छिपा रहे बर्खास्त शिक्षक
लोग बर्खास्त शिक्षकों की सूची जानने को बेताब हैं। खबर के बाद यह लोग अन्य लोगों से इन शिक्षक -शिक्षिकाओं के नाम जानने के लिए फोन खटखटाते रहे। जिन पर कार्रवाई हुई वह अपनी पहचान नहीं खोलना चाहते। पूछने पर भी वे कुछ नहीं बता रहे। उनका कहना है कि आदेश मिलने तक इस बारे में कुछ भी नहीं कह सकते। शनिवार देर शाम हुई कार्रवाई और रविवार अवकाश के चलते बर्खास्त शिक्षकों की सूची सार्वजनिक नहीं हुई है।
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गोपनीय बैठक कर बनाई रणनीति
रविवार को दर्जनों शिक्षकों ने एक शिक्षक नेता के घर बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार किया। बैठक में संयुक्त याचिका व पैरवी की बात कही गई। इतना ही नहीं, इसके लिए सक्रिय लोगों से नेतृत्व संभालने को कहा गया। अलीगंज, जैथरा से लेकर निधौली कलां ब्लाक के दर्जनों शिक्षकों ने भाग लिया। इस दौरान कासगंज, मैनपुरी, कन्नौज आदि जिलों के बर्खास्त शिक्षकों से संपर्क कर वकील व बैंच की जानकारी की।
सात से अधिक शिक्षक दंपती भी बर्खास्त
सूत्रों के अनुसार सात से अधिक शिक्षक दंपती भी बर्खास्त शिक्षकों में शामिल हैं। पति-पत्नी पर हुई कार्रवाई के बाद उनके यहां का माहौल गमगीन दिखाई दिया। सवा लाख रुपये से अधिक मासिक आय पर ब्रेक लगने से इनके माथे पर चिंता की लकीरें हैं।
बर्खास्त शिक्षक प्राथमिक के हेड-जूनियर के शिक्षक
दस वर्ष से अधिक की सेवाओं के चलते सभी बर्खास्त शिक्षक-शिक्षिकाएं एक पदोन्नति पहले ही पा चुके हैं। ऐसे में ये लोग प्राइमरी में हेड या जूनियर में सहायक अध्यापक हैं। इन सभी का ग्रेड पे 4600 है। वर्तमान में इनका वेतन लगभग 60 हजार रुपये है।
बच्चों का खर्च व किश्तों की चिंता
तमाम शिक्षकों के बच्चे महंगे निजी स्कूलों में पढ़ रहे हैं। उन्हें उनकी फीस की चिंता सताने लगी है। नाम न छापने की शर्त पर एक शिक्षक ने बताया कि बर्खास्त शिक्षक का बेटा इंजीनियरिंग व बेटी कोचिंग कर रही है। अब उन्हें इनके खर्च की चिंता है।
बैंक लोन की चिंता, गारंटर भी परेशान
सूत्रों के मुताबिक कई बर्खास्त शिक्षकों पर लाखों का कार व हाउस लोन है। जो हर माह सैलरी से कट जाता था। वेतन रुकने के बाद इनकी भारी भरकम किश्तें निकालना भी मुश्किल होगा। इतना ही नहीं इनके लोन गारंटरों की भी धड़कनें बढ़ गई हैं। अधिकांश का वेतन आर्यावर्त ग्रामीण बैंक में आता है।
शिक्षकों की कमी से स्कूल भी होंगे प्रभावित
116 शिक्षकों की बर्खास्तगी के बाद जिले में शिक्षकों की कमी खलेगी। इनमें 50 से अधिक हेडमास्टर हैं। ऐसे में यह स्कूल प्रधानाध्यापक रहित हो जाएंगे। इतना ही नहीं, खंड शिक्षा अधिकारियों को इनसे विभिन्न वित्तीय कार्यभार व सूचनाएं लेने में भी परेशानी आ सकती है। बताते चलें कि सर्वाधिक 56 बर्खास्त शिक्षक सदर तहसील क्षेत्र के हैं।
-बर्खास्त शिक्षक निश्चित रूप से न्याय पाने के लिए अदालत जाएंगे, उम्मीद है कि वहीं से उन्हें न्याय मिल पाएगा।
-राकेश चौहान, जिलाध्यक्ष प्राथमिक शिक्षक संघ।