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चार दिन और...बंद हो जाएंगे एकल प्रयोग प्लास्टिक उत्पाद
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मैनगंज में एक दुकान पर रखे एकल प्लास्टिक उत्पाद ।संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। सरकार ने 1 जुलाई से एकल प्रयोग प्लास्टिक उत्पादों पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्णय लिया है। चार दिन बचे हैं। इसे लेकर जिला प्रशासन से लेकर स्थानीय नगर निकायों में तैयारियां की जा रही हैं। उधर, कारोबारी परेशान हैं। उनका 8 से 10 क्विंटल माल गोदामों में फंसा हुआ है। वह समझ नहीं पा रहे हैं कि इतनी जल्दी माल कहां ले जाएं?
यूं तो एकल प्रयोग प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने की घोषणा सरकार पहले ही चुकी है। लेकिन इसका पालन कराने में अभी तक ढिलाई बरती जा रही थी। अब शासन ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि 30 जून के बाद एकल प्रयोग प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल नियम विरुद्ध होगा। जिस पर कार्रवाई की जाएगी। इसकी बिक्री या इस्तेमाल पकड़े जाने पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा।
शासन के निर्देश पहुंचने के बाद प्रशासन ने प्रवर्तन कार्रवाई के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी स्थानीय नगर निकायों को सूचना देकर कार्रवाई के लिए कहा गया है। लेकिन इधर समस्या कारोबारियों के साथ भी बनी हुई है। उनका कहना है कि इस समय मांग काफी कम है। गोदामों, दुकानों में स्टॉक काफी है। ऐसे में हम इस माल को कहां ले जाएं? 30 जून के बाद माल गोदाम या दुकान में होने पर जुर्माना कार्रवाई होने का डर बना हुआ है।
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जिले में करीब 300 लोग कर रहे कारोबार
जिले में करीब 300 लोग एकल प्रयोग प्लास्टिक से बने उत्पादों का कारोबार कर रहे हैं। ये लोग जहां अपने स्टॉक को लेकर परेशान हैं। वहीं चिंता यह भी है कि आजीविका बंद होने पर क्या करेंगे? अभी तक न तो प्रशासन ने इसका कोई विकल्प सुझाया है और न ही प्लास्टिक की दरों पर अन्य उत्पाद उपलब्ध हैं।
डिस्पोजेबल प्लास्टिक व्यापार मंडल शाखा के जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने बताया कि जिले में 300 से अधिक लोग एकल प्रयोग प्लास्टिक कारोबार से जुड़े हैं। महीने में करीब चार से पांच क्विंटल माल का कारोबार होता है। इन लोगों की आजीविका पर सीधे कुठाराघात किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने न तो अभी तक प्रतिबंध के संबंध में हम लोगों के साथ बैठक की है और न ही स्टॉक के निपटान को लेकर कोई सुझाव ही दिया है। सरकार बड़े स्तर पर किए जा रहे निर्माण को तो नहीं रोकती, लेकिन गुजर-बसर करने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई के लिए फरमान दे देती है।
ये उत्पाद होंगे प्रतिबंधित
आदेश के मुताबिक 1 जुलाई से प्लास्टिक स्टिक वाले इयर बड्स, गुब्बारों की प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइस्क्रीम स्टिक, सजावट वाले थर्मोकोल, प्लास्टिक प्लेट, कप, प्लास्टिक पैंकिंग आइटम, प्लास्टिक के इनविटेशन कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम वाले प्लास्टिक और पीवीसी बैग पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएंगे।
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यूं तो एकल प्रयोग प्लास्टिक को प्रतिबंधित करने की घोषणा सरकार पहले ही चुकी है। लेकिन इसका पालन कराने में अभी तक ढिलाई बरती जा रही थी। अब शासन ने स्पष्ट तौर पर कह दिया है कि 30 जून के बाद एकल प्रयोग प्लास्टिक के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री और इस्तेमाल नियम विरुद्ध होगा। जिस पर कार्रवाई की जाएगी। इसकी बिक्री या इस्तेमाल पकड़े जाने पर 25 हजार रुपये तक जुर्माना वसूला जाएगा।
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शासन के निर्देश पहुंचने के बाद प्रशासन ने प्रवर्तन कार्रवाई के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी स्थानीय नगर निकायों को सूचना देकर कार्रवाई के लिए कहा गया है। लेकिन इधर समस्या कारोबारियों के साथ भी बनी हुई है। उनका कहना है कि इस समय मांग काफी कम है। गोदामों, दुकानों में स्टॉक काफी है। ऐसे में हम इस माल को कहां ले जाएं? 30 जून के बाद माल गोदाम या दुकान में होने पर जुर्माना कार्रवाई होने का डर बना हुआ है।
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जिले में करीब 300 लोग कर रहे कारोबार
जिले में करीब 300 लोग एकल प्रयोग प्लास्टिक से बने उत्पादों का कारोबार कर रहे हैं। ये लोग जहां अपने स्टॉक को लेकर परेशान हैं। वहीं चिंता यह भी है कि आजीविका बंद होने पर क्या करेंगे? अभी तक न तो प्रशासन ने इसका कोई विकल्प सुझाया है और न ही प्लास्टिक की दरों पर अन्य उत्पाद उपलब्ध हैं।
डिस्पोजेबल प्लास्टिक व्यापार मंडल शाखा के जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने बताया कि जिले में 300 से अधिक लोग एकल प्रयोग प्लास्टिक कारोबार से जुड़े हैं। महीने में करीब चार से पांच क्विंटल माल का कारोबार होता है। इन लोगों की आजीविका पर सीधे कुठाराघात किया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों ने न तो अभी तक प्रतिबंध के संबंध में हम लोगों के साथ बैठक की है और न ही स्टॉक के निपटान को लेकर कोई सुझाव ही दिया है। सरकार बड़े स्तर पर किए जा रहे निर्माण को तो नहीं रोकती, लेकिन गुजर-बसर करने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई के लिए फरमान दे देती है।
ये उत्पाद होंगे प्रतिबंधित
आदेश के मुताबिक 1 जुलाई से प्लास्टिक स्टिक वाले इयर बड्स, गुब्बारों की प्लास्टिक स्टिक, प्लास्टिक के झंडे, कैंडी स्टिक, आइस्क्रीम स्टिक, सजावट वाले थर्मोकोल, प्लास्टिक प्लेट, कप, प्लास्टिक पैंकिंग आइटम, प्लास्टिक के इनविटेशन कार्ड, सिगरेट के पैकेट, 100 माइक्रोन से कम वाले प्लास्टिक और पीवीसी बैग पूरी तरह प्रतिबंधित हो जाएंगे।