{"_id":"b327cc908c20539730677e644fa2a687","slug":"formalities-and-offer-weight-day-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"औपचारिकताओं की भेंट चढ़ा वजन दिवस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
औपचारिकताओं की भेंट चढ़ा वजन दिवस
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Thu, 10 Sep 2015 07:08 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विकास खंड मारहरा में आयोजित वजन दिवस औपचारिकताओं की भेंट चढ़ गया। अधिकारियों को केंद्रों पर 10 से 20 बच्चे मिले उसके बाद भी सब ठीकठाक कहकर कार्यक्रम को निबटा दिया गया। सीडीओ ने भी पांच केंद्रों का निरीक्षण किया।
गुरुवार को वजन दिवस के रूप में बच्चों का वजन कराने एवं कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग की एएनएम एवं विकास विभाग के ग्राम पंचायत अधिकारियों के अलावा बीआरसी केंद्रों के एबीआरसी को भी इस कार्यक्रम में लगाया गया था, लेकिन केंद्रों पर 100 से लेकर 150 तक की पंजीकृत संख्या के सापेक्ष किसी केंद्र पर 10 तो किसी पर 15 बच्चे ही मिले। सभी बच्चों की संख्या को फर्जी देखकर अधिकारी भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं दिखे। वजन दिवस में लगाए गए ग्राम पंचायत अधिकारी, एएनएम, एबीआरसी से जब पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष किए गए वजन के बच्चों की संख्या के बारे में जानकारी की गई तो वह भी बचते नजर आए और कुछ भी कहने को तैयार नहीं हुए।
सीडीओ ने किया चार केंद्रों का निरीक्षण
मारहरा। सीडीओ साहब सिंह ने बताया कि उनके द्वारा सिरसा टिप्पू, नगला गंगाराम, गिरौरा एवं मारहरा नगर के एक केंद्र का निरीक्षण किया गया, जिनमें उन्होंने देखा कि जनपद के अन्य स्थानों की अपेक्षा मारहरा के बच्चों में चेतना का स्तर ऊंचा है।
विज्ञापन
साहब क्या है वजन दिवस
मारहरा। सीडीओ साहब सिंह ने जब सिरसा टिप्पू की आशा से वजन दिवस के बारे में जानकारी की तो उसने कहा वजन दिवस क्या है। साहब सिंह ने ऐसी आशा के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएमओ को लिखा है।
विज्ञापन
गुरुवार को वजन दिवस के रूप में बच्चों का वजन कराने एवं कुपोषित बच्चों को चिन्हित करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों पर स्वास्थ्य विभाग की एएनएम एवं विकास विभाग के ग्राम पंचायत अधिकारियों के अलावा बीआरसी केंद्रों के एबीआरसी को भी इस कार्यक्रम में लगाया गया था, लेकिन केंद्रों पर 100 से लेकर 150 तक की पंजीकृत संख्या के सापेक्ष किसी केंद्र पर 10 तो किसी पर 15 बच्चे ही मिले। सभी बच्चों की संख्या को फर्जी देखकर अधिकारी भी कुछ कहने की स्थिति में नहीं दिखे। वजन दिवस में लगाए गए ग्राम पंचायत अधिकारी, एएनएम, एबीआरसी से जब पंजीकृत बच्चों के सापेक्ष किए गए वजन के बच्चों की संख्या के बारे में जानकारी की गई तो वह भी बचते नजर आए और कुछ भी कहने को तैयार नहीं हुए।
विज्ञापन
सीडीओ ने किया चार केंद्रों का निरीक्षण
मारहरा। सीडीओ साहब सिंह ने बताया कि उनके द्वारा सिरसा टिप्पू, नगला गंगाराम, गिरौरा एवं मारहरा नगर के एक केंद्र का निरीक्षण किया गया, जिनमें उन्होंने देखा कि जनपद के अन्य स्थानों की अपेक्षा मारहरा के बच्चों में चेतना का स्तर ऊंचा है।
विज्ञापन
साहब क्या है वजन दिवस
मारहरा। सीडीओ साहब सिंह ने जब सिरसा टिप्पू की आशा से वजन दिवस के बारे में जानकारी की तो उसने कहा वजन दिवस क्या है। साहब सिंह ने ऐसी आशा के विरुद्ध कार्रवाई के लिए सीएमओ को लिखा है।