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Etah News: यूजीसी कानून के विरोध में निकाला पैदल मार्च
Tue, 27 Jan 2026 11:55 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 27 Jan 2026 11:55 PM IST
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यूसीजी के विरोध में जीटी रोड से होकर गुजरते सर्वण समाज के लोग। संवाद
एटा। यूजीसी कानून के विरोध में मंगलवार को सवर्ण समाज के लोगों ने प्रदर्शन किया। जीटी रोड स्थित शहीद पार्क से कलेक्ट्रेट तक पैदल मार्च निकालकर प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट पहुंचकर उन्होंने उपजिलाधिकारी सतीश कुमार को राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों ने कानून वापस लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि जल्द कदम न उठाए गए तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान, मनोज पचौरी व करणी सेना के पदाधिकारियों के नेतृत्व में निकले इस मार्च में युवा हाथों में यूजीसी एक्ट बायकॉट लिखे पोस्टर थामे थे। भीड़ कलेक्ट्रेट गेट पर जुटी और लगातार सरकार विरोधी नारे गूंजते रहे।
गजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने यह कानून बनाकर सवर्ण समाज के बच्चों को स्वघोषित अपराधी की श्रेणी में खड़ा कर दिया है जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवर्ण समाज को लगातार नजरअंदाज कर कुचलने का प्रयास कर रही है। चौहान ने मांग की कि कानून को तत्काल वापस लिया जाए या संशोधन कर सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों को समिति में शामिल किया जाए। साथ ही उन्होंने सवर्ण अभ्यर्थियों के लिए अलग शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए जाने की भी बात कही।
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अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के जिलाध्यक्ष गजेंद्र सिंह चौहान, मनोज पचौरी व करणी सेना के पदाधिकारियों के नेतृत्व में निकले इस मार्च में युवा हाथों में यूजीसी एक्ट बायकॉट लिखे पोस्टर थामे थे। भीड़ कलेक्ट्रेट गेट पर जुटी और लगातार सरकार विरोधी नारे गूंजते रहे।
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गजेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि सरकार ने यह कानून बनाकर सवर्ण समाज के बच्चों को स्वघोषित अपराधी की श्रेणी में खड़ा कर दिया है जो अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है।
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उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सवर्ण समाज को लगातार नजरअंदाज कर कुचलने का प्रयास कर रही है। चौहान ने मांग की कि कानून को तत्काल वापस लिया जाए या संशोधन कर सवर्ण समाज के प्रतिनिधियों को समिति में शामिल किया जाए। साथ ही उन्होंने सवर्ण अभ्यर्थियों के लिए अलग शैक्षणिक संस्थान स्थापित किए जाने की भी बात कही।