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Etah News: फॉलोअपः समय से मिल जाती एंबुलेंस तो बच जाती नवजात की जान
Sun, 27 Jul 2025 06:28 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 27 Jul 2025 06:28 PM IST
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एटा। सरकारी एंबुलेंस सिस्टम की लापरवाही की वजह से शनिवार को एक नवजात की मौत हो गई। अगर समय से एंबुलेंस मिल जाती तो नवजात की जान बच सकती थी। एंबुलेंस न मिलने की वजह से टेंपो में गर्भवती पत्नी को लेकर वह मेडिकल कॉलेज आ रहा था और रास्ते में प्रसव हो गया।
शनिवार को योगेंद्र निवासी मझराऊ अपनी गर्भवती पत्नी रेनू को अवागढ़ स्वास्थ्य केंद्र से टेंपो में लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। रास्ते में प्रसव होने की वजह से नवजात की मौत हो गई। योगेंद्र ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजे एंबुलेंस के लिए 102 व 108 नंबर पर कॉल किया। फोन पर जवाब में कहा गया कि इंतजार करें एंबुलेंस खाली नहीं है। इसके बाद एक टेंपो में पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज के लिए चल दिया।
रास्ते में टेंपो के अंदर ही प्रसव हो गया जिसकी वजह से नवजात की मौत हो गई। योगेंद्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर एंबुलेंस मिल जाती तो आज हमारा बच्चा जिंदा होता।
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अवागढ़ स्वास्थ्य केंद्र से एंबुलेंस के लिए कॉल किया गया लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली। इस तरह के मामले की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। - अर्जुन त्यागी, प्रोग्राम मैनेजर, एंबुलेंस
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शनिवार को योगेंद्र निवासी मझराऊ अपनी गर्भवती पत्नी रेनू को अवागढ़ स्वास्थ्य केंद्र से टेंपो में लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचा। रास्ते में प्रसव होने की वजह से नवजात की मौत हो गई। योगेंद्र ने बताया कि दोपहर करीब 3 बजे एंबुलेंस के लिए 102 व 108 नंबर पर कॉल किया। फोन पर जवाब में कहा गया कि इंतजार करें एंबुलेंस खाली नहीं है। इसके बाद एक टेंपो में पत्नी को लेकर मेडिकल कॉलेज के लिए चल दिया।
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रास्ते में टेंपो के अंदर ही प्रसव हो गया जिसकी वजह से नवजात की मौत हो गई। योगेंद्र ने आरोप लगाते हुए कहा कि अगर एंबुलेंस मिल जाती तो आज हमारा बच्चा जिंदा होता।
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अवागढ़ स्वास्थ्य केंद्र से एंबुलेंस के लिए कॉल किया गया लेकिन एंबुलेंस नहीं मिली। इस तरह के मामले की जानकारी नहीं है। इसकी जांच कराई जाएगी। - अर्जुन त्यागी, प्रोग्राम मैनेजर, एंबुलेंस