{"_id":"69b99cfc6e8fec5921077565","slug":"first-installment-of-rs-28-crore-released-for-jaleshwar-drinking-water-scheme-etah-news-c-163-1-eta1004-147823-2026-03-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: जलेसर पेयजल योजना के लिए 28 करोड़ की पहली किस्त जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: जलेसर पेयजल योजना के लिए 28 करोड़ की पहली किस्त जारी
Tue, 17 Mar 2026 11:57 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 17 Mar 2026 11:57 PM IST
विज्ञापन
एटा। जल निगम (नगरीय) ने अमृत 2.0 कार्यक्रम के तहत जलेसर पेयजल योजना के लिए शासन से 144 करोड़ रूपये की स्वीकृत पिछले माह मिली। इसके बाद जलनिगम विभाग को इस परियोजना की पहली किस्त भी अवमुक्त हो कर दी गई है। जलनिगम की ओर से दो दिन के अंदर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। इस योजना के तहत जलनिगम की ओर से निचली गंगा नहर से जलेसर क्षेत्र में मीठा पानी पहुंचाया जाएगा।
जलनिगम नगरीय ने जलेसर क्षेत्र में खारे पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए पिछले साल 150 करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी थी। इसके बाद अक्तूबर माह में डीपीआर स्टेट लेवल टेक्निक कमेटी (एसएलटीसी) की ओर से स्वीकृत कर ली गई। इसके बाद 13 फरवरी को हाई पावर कमेटी की ओर से डीपीआर स्वीकृत हुआ। इसमें फरवरी माह में जलेसर पेयजल परियोजना के लिए 144 करोड़ रुपये का बजट दिया गया। वहीं सोमवार को शासन ने इस योजना के लिए शासनादेश जारी करते हुए 28 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी है। अधिशासी अभियंता इंजीनियर तारिक अली ने बताया कि जलेसर परियोजना के लिए शासनादेश जारी हो चुका है। वहीं इसकी पहली किस्त के रूप में 28 करोड़ रुपये की धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दो दिन के अंदर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
ऐसे पहुंचेगा पानीः
इस परियोजना के तहत जावड़ा पुलिस चौकी के समीप हेड रेगुलेटर एवं सेडीमेंटेशन टैंक परिसर तैयार किया जाएगा। यहां से निचली गंगा नहर से कच्चे जल की आपूर्ति के लिए यहां पर इंटेक हेड रेगुलेटर, सेडीमेंटेशन टैंक, भूमिगत जलाशय और पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। नहर से उठाया गया कच्चा पानी सेडीमेंटेशन टैंक में पहुंचकर प्रारंभिक शोधन से गुजरेगा। इसके बाद भूमिगत जलाशय और पंपिंग स्टेशन के जरिए एटा-अवागढ़ मार्ग से जलेसर के लिए पाइपलाइन के माध्यम से ले जाया जाएगा।
विज्ञापन
दूसरे चरण में यह कच्चा जल जलेसर–निधौली रोड पर प्रस्तावित जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) परिसर तक पहुंचेगा। यहां 11 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। साथ ही कृत्रिम झील और भूमिगत जलाशय का निर्माण होगा। इस संयंत्र में आधुनिक तकनीक की मदद से कच्चे जल को शुद्ध कर पीने योग्य बनाया जाएगा। शुद्ध जल को तीन प्रस्तावित उच्च जलाशयों तक पहुंचाया जाएगा और वहां से नगर के हर घर में नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।
विज्ञापन
जलनिगम नगरीय ने जलेसर क्षेत्र में खारे पानी की समस्या से निजात दिलाने के लिए पिछले साल 150 करोड़ रुपये की डीपीआर शासन को भेजी थी। इसके बाद अक्तूबर माह में डीपीआर स्टेट लेवल टेक्निक कमेटी (एसएलटीसी) की ओर से स्वीकृत कर ली गई। इसके बाद 13 फरवरी को हाई पावर कमेटी की ओर से डीपीआर स्वीकृत हुआ। इसमें फरवरी माह में जलेसर पेयजल परियोजना के लिए 144 करोड़ रुपये का बजट दिया गया। वहीं सोमवार को शासन ने इस योजना के लिए शासनादेश जारी करते हुए 28 करोड़ रुपये की पहली किस्त भी जारी कर दी है। अधिशासी अभियंता इंजीनियर तारिक अली ने बताया कि जलेसर परियोजना के लिए शासनादेश जारी हो चुका है। वहीं इसकी पहली किस्त के रूप में 28 करोड़ रुपये की धनराशि भी अवमुक्त कर दी गई है। उन्होंने बताया कि दो दिन के अंदर टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।
विज्ञापन
ऐसे पहुंचेगा पानीः
इस परियोजना के तहत जावड़ा पुलिस चौकी के समीप हेड रेगुलेटर एवं सेडीमेंटेशन टैंक परिसर तैयार किया जाएगा। यहां से निचली गंगा नहर से कच्चे जल की आपूर्ति के लिए यहां पर इंटेक हेड रेगुलेटर, सेडीमेंटेशन टैंक, भूमिगत जलाशय और पंपिंग स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। नहर से उठाया गया कच्चा पानी सेडीमेंटेशन टैंक में पहुंचकर प्रारंभिक शोधन से गुजरेगा। इसके बाद भूमिगत जलाशय और पंपिंग स्टेशन के जरिए एटा-अवागढ़ मार्ग से जलेसर के लिए पाइपलाइन के माध्यम से ले जाया जाएगा।
विज्ञापन
दूसरे चरण में यह कच्चा जल जलेसर–निधौली रोड पर प्रस्तावित जल शोधन संयंत्र (डब्ल्यूटीपी) परिसर तक पहुंचेगा। यहां 11 एमएलडी क्षमता का जल शोधन संयंत्र स्थापित किया जाएगा। साथ ही कृत्रिम झील और भूमिगत जलाशय का निर्माण होगा। इस संयंत्र में आधुनिक तकनीक की मदद से कच्चे जल को शुद्ध कर पीने योग्य बनाया जाएगा। शुद्ध जल को तीन प्रस्तावित उच्च जलाशयों तक पहुंचाया जाएगा और वहां से नगर के हर घर में नल कनेक्शन के माध्यम से स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति की जाएगी।