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एटा में दिल्ली जैसी घटना के इंतजार में प्रशासन

Mon, 09 Dec 2019 10:57 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2019 10:57 PM IST
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हाथी गेट पर सकरा बाजार दिन भर रहते हैं जाम के हालात- संवाद - फोटो : ETAH
एटा। दिल्ली में घनी और सकरी गली में अग्रिकांड में 40से ज्यादा लोगों के मरने की घटना के बावजूद जिले में अफसर सतर्क नहीं हैं। यहां बाबूगंज जैसे सघन बाजार की संकरी गलियों में फायर बिग्रेड की गाड़ी तक जाने का रास्ता नहीं है, ऐसे में यहां कभी अग्रिकांड हुआ तो जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता है। कई अन्य बाजारों की संकरी गलियों में चल रहीं फैक्ट्रियों में लोग जान जोखिम में डालकर मजदूरों से काम करा रहे हैं।
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दिल्ली की घटना ने पूरे देश को हिलाकर रख दिया। स्कूली बैग और अन्य सामान बनाने वाली पंाच मंजिला इमारत में आग से 40 से ज्यादा लोग जलकर ओर दम घुटने से मर गए, जबकि इतने ही लोग घायल हैं। इतनी बड़ी घटना के दूसरे दिन भी प्रशासन में रत्ती भर हलचल नहीं हुई। अफसरान ऑफिसों में बैठकर घटना पर चर्चा तो करते दिखे पर इस बाबत शहर के हालातों का जायजा लेकर जिले में भी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए न तो कोई ठोस उपाए किए गए और न ही रणनीति बनाई गई।
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बाबूगंज सबसे ज्यादा संवेदनशील
शहर का सघन और व्यस्त बाजार है बाबूगंज, यहां परचून से लेकर कपड़ों की दुकान, सब्जी के फड़ सहित अन्य सामानों की दुकानें हैं। तीन से चार मंजिला बिल्डिंग में नीचे दुकान चल रही हैं तो ऊपर लोग रहते हैं या फिर गोदाम और फैक्ट्रियां बना रखी हैं। तंग गलियों के इस बाजार में सुबह सात से रात दस बजे तक लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में कभी यहां आगजनी की घटना हुई तो फायर बिग्रेड की गाड़ी नहीं पहुंच पाएगी, वहीं बाजार में भगदड़ मची तो कई जान जा सकती हैं।
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यहां भी तंग गलियों में चलतीं फैक्ट्रियां
में अलीगंज रोड, आगरा रोड, नई बस्ती, विजय नगर आदि इलाकों में कपूर बनाने, दूध से पनीर और मिठाई बनाने की फैक्ट्रियां सहित कारखाने संचालित हैं। इन गलियों में गाड़ी जाने की कोई व्यवस्था नहीं है।
हाथी गेट का बाजार भी असुरक्षित
हाथी गेट का बाजार भी सघन है। यहां भी संकरी गलियों में दुकान, मकान और गोदाम बने हुए हैं। यहां भी यदि कभी आगजनी हुई तो प्रशासन को भारी पड़ सकता है।
बहुतायत में बनती आतिशबाजी
एटा जिला आतिशबाजी के लिए मशहूर है। यहां सैकड़ों घरों में आतिशबाजी और देसी पटाखा बनाए जाते हैं। मिरहची में सितंबर माह में एक मकान में पटाखा बनाते समय आग लगने से पूरा मकान उड़ गया था, इसमें आधा दर्जन लोगों की मौत ने जिले को हिलाकर रख दिया था।
मर चुकी हैं दो बालिकाएं
करीब आठ साल पूर्व कचहरी रोड पर एक मकान में आग लग गई थी, आग इतनी भीषण थी कि पुुलिस और फायर बिग्रेड के पहुंचने से पहले ही दो बच्चियों की जलकर मौत हो गई थी।

होटल-रेस्टोरेंट भी मानक नहीं करते पूरा-
शहर में बने होटल और रेस्टोरेंट में भी आग बुझाने के साधन नहीं है। पिछले माह अग्रिशमन विभाग ने ऐसे होटल और रेस्टोरेंट संचालकों को नोटिस थमाया था, पर कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं हो सका।
बाबूगंज सघन और व्यस्त बाजार है, यहां संकरी गलियों में दुकान और गोदाम हैं। यहां आग लगने वाले स्थानों को चिह्नित कर लोगों को नोटिस दिए गए हैं।
शिवदयाल शर्मा, जिला अग्रिशमन अधिकारी
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