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Etah News: सहकारी समितियों की खाद पर किसानों को अधिक भरोसा
Fri, 02 Jan 2026 09:26 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 02 Jan 2026 09:26 PM IST
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मिरहची। बाजार में निजी दुकानों पर बिकने वाली खाद पर किसानों को भरोसा नहीं है। नकली खाद की आशंका पर इन दुकानों से दूरी बना रहे हैं। वहीं सहकारी समितियों पर खाद उपलब्ध न होने से उनकी चिंता और बढ़ गई है।
क्षेत्र के किसान सहकारी समितियों और इफको एवं कृभको केंद्र पर मिलने वाली खाद पर ही भरोसा कर रहे हैं। किसानों का आरोप है बाजार से नकली खाद मिलने पर धन की बर्बादी के साथ ही फसल भी प्रभावित होती है। साथ ही खेत की मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी कम होती है।
इसलिए सहकारी समिति और इफको केंद्र पर खाद आते ही लेने के लिए किसानों की लाइन लगती है। इस समय खेतों में आलू, सरसों, गेहूं, मटर की फसल को यूरिया की जरूरत है। कस्बे की सहकारी समिति और इफको केंद्र पर खाद उपलब्ध न होने से किसान परेशान हैं।
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किसान सोरन सिंह ने बताया कि सहकारी समिति पर मिलने वाली यूरिया और डीएपी भरोसेमंद होती है जो बाजार की अपेक्षा सस्ती भी होती है। किसान अमर सिंह ने बताया कि बाजार की महंगी डीएपी एवं यूरिया पर भरोसा नहीं है। खेत में छिड़काव करने पर कई दिनों तक मिट्टी में घुलती नहीं है। पिछले साल बाजार से खरीदकर डाली थी पैदावार कम रही।
इफको केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र पर यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान की जरूरत के हिसाब से वितरण किया जा रहा है।
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क्षेत्र के किसान सहकारी समितियों और इफको एवं कृभको केंद्र पर मिलने वाली खाद पर ही भरोसा कर रहे हैं। किसानों का आरोप है बाजार से नकली खाद मिलने पर धन की बर्बादी के साथ ही फसल भी प्रभावित होती है। साथ ही खेत की मिट्टी की उर्वरक क्षमता भी कम होती है।
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इसलिए सहकारी समिति और इफको केंद्र पर खाद आते ही लेने के लिए किसानों की लाइन लगती है। इस समय खेतों में आलू, सरसों, गेहूं, मटर की फसल को यूरिया की जरूरत है। कस्बे की सहकारी समिति और इफको केंद्र पर खाद उपलब्ध न होने से किसान परेशान हैं।
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किसान सोरन सिंह ने बताया कि सहकारी समिति पर मिलने वाली यूरिया और डीएपी भरोसेमंद होती है जो बाजार की अपेक्षा सस्ती भी होती है। किसान अमर सिंह ने बताया कि बाजार की महंगी डीएपी एवं यूरिया पर भरोसा नहीं है। खेत में छिड़काव करने पर कई दिनों तक मिट्टी में घुलती नहीं है। पिछले साल बाजार से खरीदकर डाली थी पैदावार कम रही।
इफको केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्र पर यूरिया पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। किसान की जरूरत के हिसाब से वितरण किया जा रहा है।