फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Etah News ›   Fake signature and seal big game caught in ARTO contract for making driving license for Rs 5500

UP: जाली हस्ताक्षर और फर्जी मुहर...ARTO में पकड़ा गया बड़ा खेल, 5500 रुपये में ड्राइविंग लाइसेंस बनाने का ठेका

Thu, 20 Feb 2025 02:54 PM IST
धीरेन्द्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Published by: धीरेन्द्र सिंह Updated Thu, 20 Feb 2025 02:54 PM IST
सार

एटा के एआरटीओ कार्यालय में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए आया युवक धोखाधड़ी का शिकार हो गया। उसे 5500 रुपये में ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने का झांसा दिया गया। डीएल आवेदन के फॉर्म  पर जाली हस्ताक्षर कर फर्जी मुहर भी लगा दी गई। जांच के दौरान मामला पकड़ में आ गया। 
 

विज्ञापन
Fake signature and seal big game caught in ARTO contract for making driving license for Rs 5500
पीड़ित - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

एटा एआरटीओ कार्यालय के बाहर एक दुकान में ड्राइविंग लाइसेंस का सौदा 5500 रुपये में हुआ। युवक को जाली मेडिकल प्रमाणपत्र बनाकर ऑनलाइन कराने के लिए थमा दिया गया। बुधवार को जब वह इसे लेकर सीएमओ कार्यालय पहुंचा तो पकड़ में आ गया। सीएमओ के जाली हस्ताक्षर और मुहर देखकर कर्मचारी भी चौंक गए।
विज्ञापन


 

एआरटीओ कार्यालय के बाहर हर काम के लिए जमकर दलाली चल रही है। ऐसा नहीं है कि इन सब कार्यों की जानकारी अंदर बैठे अधिकारियों को न हो। इसके बावजूद सबकुछ आसानी से होने पर सांठगांठ के भी आरोप लगते रहते हैं। इन कार्यों में आम लोगों का आर्थिक शोषण तो किया ही जा रहा है, साथ ही फर्जीवाड़ा भी चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

ऐसे ही एक मामले में जैथरा थाना क्षेत्र के गांव कूल्हापुर निवासी मोहित यादव ठगी का शिकार हो गया। उसने बताया कि लाइट ड्राइविंग लाइसेंस उसका पहले से बना हुआ है। कैंटर चलाने के लिए हैवी का लाइसेंस बनवाना था। करीब तीन महीने पहले वह एआरटीओ कार्यालय पर गया। बाहर दुकान पर एक व्यक्ति से बात हुई। उसने कहा कि 5500 रुपये दे जाओ, लाइसेंस बनवाकर दे देंगे।

 
विज्ञापन

उन्होंने बताया कि बुधवार को वहां पहुंचा तो एक कागज पकड़ाकर कहा कि सीएमओ कार्यालय में इसे ऑनलाइन करा लाओ। इसके बाद लाइसेंस बनवा देंगे। इस कागज को लेकर सीएमओ कार्यालय आया तो कर्मचारियों ने इसे फर्जी मेडिकल प्रमाणपत्र बताया। कहा कि यह हमारे यहां से जारी नहीं हुआ है। इस पर लगी मुहर और सीएमओ के हस्ताक्षर फर्जी हैं। मोहित का कहना था कि उसे तो इस बारे में न कोई जानकारी थी और न ही बताया गया था कि यह कैसा प्रमाणपत्र है। इस पर मोहित को रोककर कोतवाली नगर पुलिस को खबर दी गई।

 

मोहित को लेकर जाकर पुलिस एआरटीओ कार्यालय के बाहर इस दुकान पर दबिश देती तो वहां से फर्जीवाड़े का सामान ओर जालसाज लोग मिल सकते थे, लेकिन ढुलमुल नीति के कारण जालसाजों को बचने का मौका दे दिया गया। कोतवाली नगर प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि सीएमओ कार्यालय से जानकारी मिली थी, लेकिन एआरटीओ कार्यालय कोतवाली देहात क्षेत्र की सीमा में आता है। उनसे बोला गया कि कोतवाली देहात को सूचना दें। सीएमओ कार्यालय के अधिकारियों-कर्मचारियों ने भी मामले को गंभीरता से न लेते हुए सूचना नहीं दी और मोहित को जाने दिया।

 

एसीएमओ डॉ. राम मोहन तिवारी ने बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बनाए जाने वाला जाली मेडिकल प्रमाणपत्र लेकर एक युवक आया था। उसका प्रमाणपत्र फर्जी था। कोतवाली नगर को सूचना दी गई। बाद में दूसरे काम से फील्ड में आ गए। बृहस्पतिवार को कोतवाली देहात में सूचना दी जाएगी। जाली प्रमाणपत्र को जब्त कर लिया गया है।

 

एआरटीओ सतेंद्र कुमार ने बताया कि इस तरह की शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आती है तो संबंधित दुकान पर जांच कराई जाएगी। आम लोगों से अपील है कि दलालों के चक्कर में न पड़ें। सीधे कार्यालय आकर अपने काम कराएं। किसी को भी कोई अतिरिक्त पैसा देने की जरूरत नहीं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed