{"_id":"6367e28977840f5e38606b6f","slug":"etah-question-on-expenditure-of-13-crores-found-during-corona-period-etah-news-agr552523475","type":"story","status":"publish","title_hn":"एटा: कोरोना काल में मिले 13 करोड़ के खर्च पर सवाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एटा: कोरोना काल में मिले 13 करोड़ के खर्च पर सवाल
विज्ञापन
एटा। कोरोना काल के दौरान राहत के लिए शासन ने जिले को करीब 13 करोड़ रुपये का बजट मुहैया कराया था। इसके खर्च को लेकर सवाल उठाया गया है। सूचना का अधिकार के तहत मांगी गई सूचना में ठीक जानकारी न मिलने पर राज्य सूचना आयोग में मामला पहुंचाया गया है।
कोविड संक्रमण काल शुरू होते ही लॉकडाउन लागू कर दिया गया था। जिससे मजदूरों, गरीब परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो गया। इसके बाद संदिग्ध और संक्रमित मिलने पर उनके क्वारंटीन सेंटर तथा कोविड अस्पतालों की व्यवस्था की गई। मजदूरों के लिए भोजन, आर्थिक सहायता, संदिग्धों व संक्रमितों के इलाज, भोजन पर काफी बड़ा खर्चा किया गया।
आरटीआई कार्यकर्ता रवीश कुमार ने इस पूरे खर्च को लेकर 20 अगस्त 2020 को आरटीआई के तहत सवाल डाला। इसमें शासन से मिली धनराशि, इससे लोगों को दी गई सुविधाओं, कोविड अस्पतालों व क्वारंटीन सेंटरों के संचालन, संदिग्धों, संक्रमितों, बेड, चादर, गद्दा, मास्क आदि के लिए किए गए खर्च का ब्योरा मांगा।
विज्ञापन
रवीश के मुताबिक प्रशासन ने शासन से मिले बजट की जानकारी दी। जिसके मुताबिक तीन किश्तों में 13.50 करोड़ रुपये मिला। लेकिन इसके खर्च का विवरण अधिकारियों ने नहीं दिया। इसे लेकर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील डाली है। एडीएम प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाओं का जवाब दे दिया गया है। अपील दर्ज की गई है तो उसका भी जवाब दिया जाएगा।
विज्ञापन
कोविड संक्रमण काल शुरू होते ही लॉकडाउन लागू कर दिया गया था। जिससे मजदूरों, गरीब परिवारों का भरण-पोषण मुश्किल हो गया। इसके बाद संदिग्ध और संक्रमित मिलने पर उनके क्वारंटीन सेंटर तथा कोविड अस्पतालों की व्यवस्था की गई। मजदूरों के लिए भोजन, आर्थिक सहायता, संदिग्धों व संक्रमितों के इलाज, भोजन पर काफी बड़ा खर्चा किया गया।
विज्ञापन
आरटीआई कार्यकर्ता रवीश कुमार ने इस पूरे खर्च को लेकर 20 अगस्त 2020 को आरटीआई के तहत सवाल डाला। इसमें शासन से मिली धनराशि, इससे लोगों को दी गई सुविधाओं, कोविड अस्पतालों व क्वारंटीन सेंटरों के संचालन, संदिग्धों, संक्रमितों, बेड, चादर, गद्दा, मास्क आदि के लिए किए गए खर्च का ब्योरा मांगा।
विज्ञापन
रवीश के मुताबिक प्रशासन ने शासन से मिले बजट की जानकारी दी। जिसके मुताबिक तीन किश्तों में 13.50 करोड़ रुपये मिला। लेकिन इसके खर्च का विवरण अधिकारियों ने नहीं दिया। इसे लेकर उन्होंने राज्य सूचना आयोग में अपील डाली है। एडीएम प्रशासन आलोक कुमार ने बताया कि आरटीआई के तहत मांगी गई सूचनाओं का जवाब दे दिया गया है। अपील दर्ज की गई है तो उसका भी जवाब दिया जाएगा।