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Etah News: स्वाइन फ्लू की आहट के बीच मेडिकल कॉलेज में बेखौफ भीड़
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स्वाइन फ्लू का नहीं डरएटा में स्वाइन फ्लू के तीन मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन लोगों में इनका त
एटा। स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगातार सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है, लेकिन मेडिकल कॉलेज पहुंच रहे मरीज और तीमारदार इसे गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। सोमवार को मेडिसिन विभाग की ओपीडी में बड़ी संख्या में मरीज बिना मास्क के उपचार कराने पहुंचे। पर्चा काउंटर से लेकर ओपीडी तक भीड़ लगी रही। इस दौरान संक्रमण से बचाव के लिए जरूरी सामाजिक दूरी और मास्क जैसी सावधानियां भी नजर नहीं आईं।
मेडिकल कॉलेज के पर्चा काउंटर पर सुबह से ही मरीजों की भीड़ जुटने लगी। हालत यह रही कि मरीजों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। कड़ी मशक्कत के बाद पर्चे बन सके। भीड़ में कई मरीज बिना मास्क के एक-दूसरे के बेहद करीब खड़े दिखे।
केस-1: मेडिसिन ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की कतार
मेडिसिन विभाग की ओपीडी में भी मरीजों की लंबी कतार लगी रही। स्वाइन फ्लू जैसे संक्रामक रोग के बीच अस्पताल आने वाले लोगों से मास्क पहनने और भीड़ से बचने की अपील की जाती है, लेकिन सोमवार को बड़ी संख्या में लोग बिना मास्क ही इलाज कराने पहुंचे।
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केस-2: स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के बाहर भी भीड़
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ रही। यहां मरीज और उनके साथ आए तीमारदार बड़ी संख्या में मौजूद रहे। भीड़ के बीच संक्रमण से बचाव की सावधानियां नहीं दिखीं। ओपीडी के बाहर महिलाएं बिना मास्क के एक-दूसरे से सटी हुई खड़ी नजर आईं। ऐसे में अगर कोई महिला स्वाइन फ्लू से संक्रमित निकली तो बाकी महिलाओं के लिए भी खतरा बढ़ सकता है। स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या निकट संपर्क से फैलता है, इसलिए ओपीडी जैसी जगहों पर मास्क और हाथों की स्वच्छता बेहद जरूरी है।
फ्लू क्लीनिक से नदारद दिखे चिकित्सक
मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए फ्लू क्लीनिक और आइसोलेशन वार्ड तो बना दिए गए, लेकिन फ्लू क्लीनिक में कोई चिकित्सक नहीं बैठ रहा है। सोमवार को वहां डॉक्टर नदारद नजर आए। इसके उलट, सर्दी, खांसी व बुखार के मरीजों की लंबी कतार मेडिसिन ओपीडी में ही लगी रही।
मेडिकल कॉलेज में अभी भी शुरू नहीं हुई स्वाइन फ्लू की जांच
जिले में स्वाइन फ्लू के तीन मामले सामने आने के बाद भी अब तक मेडिकल कॉलेज में इसकी जांच शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति अन्य लोगों के लिए खतरा बन सकता है। संदिग्ध मरीजों को सामान्य उपचार देकर ही छुट्टी कर दी जा रही है।
निजी लैब में मिले तीन संक्रमित, फिर भी नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
शनिवार और रविवार को स्वाइन फ्लू के तीन मरीज निजी पैथोलॉजी लैब में संक्रमित पाए गए हैं। इनमें पटियाली गेट निवासी एक चिकित्सक, जैन गली की युवती और एक अन्य व्यक्ति शामिल है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम लापरवाह नजर आ रही है। सोमवार को टीम संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की जांच के लिए नहीं पहुंची। न ही उनकी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली गई और न ही परिजनों से संपर्क साधा गया।
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मेडिकल कॉलेज के पर्चा काउंटर पर सुबह से ही मरीजों की भीड़ जुटने लगी। हालत यह रही कि मरीजों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बनी रही। कड़ी मशक्कत के बाद पर्चे बन सके। भीड़ में कई मरीज बिना मास्क के एक-दूसरे के बेहद करीब खड़े दिखे।
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केस-1: मेडिसिन ओपीडी के बाहर लगी मरीजों की कतार
मेडिसिन विभाग की ओपीडी में भी मरीजों की लंबी कतार लगी रही। स्वाइन फ्लू जैसे संक्रामक रोग के बीच अस्पताल आने वाले लोगों से मास्क पहनने और भीड़ से बचने की अपील की जाती है, लेकिन सोमवार को बड़ी संख्या में लोग बिना मास्क ही इलाज कराने पहुंचे।
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केस-2: स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के बाहर भी भीड़
स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की ओपीडी में भी मरीजों की भीड़ रही। यहां मरीज और उनके साथ आए तीमारदार बड़ी संख्या में मौजूद रहे। भीड़ के बीच संक्रमण से बचाव की सावधानियां नहीं दिखीं। ओपीडी के बाहर महिलाएं बिना मास्क के एक-दूसरे से सटी हुई खड़ी नजर आईं। ऐसे में अगर कोई महिला स्वाइन फ्लू से संक्रमित निकली तो बाकी महिलाओं के लिए भी खतरा बढ़ सकता है। स्वाइन फ्लू संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या निकट संपर्क से फैलता है, इसलिए ओपीडी जैसी जगहों पर मास्क और हाथों की स्वच्छता बेहद जरूरी है।
फ्लू क्लीनिक से नदारद दिखे चिकित्सक
मेडिकल कॉलेज में स्वाइन फ्लू से निपटने के लिए फ्लू क्लीनिक और आइसोलेशन वार्ड तो बना दिए गए, लेकिन फ्लू क्लीनिक में कोई चिकित्सक नहीं बैठ रहा है। सोमवार को वहां डॉक्टर नदारद नजर आए। इसके उलट, सर्दी, खांसी व बुखार के मरीजों की लंबी कतार मेडिसिन ओपीडी में ही लगी रही।
मेडिकल कॉलेज में अभी भी शुरू नहीं हुई स्वाइन फ्लू की जांच
जिले में स्वाइन फ्लू के तीन मामले सामने आने के बाद भी अब तक मेडिकल कॉलेज में इसकी जांच शुरू नहीं हो पाई है। ऐसे में संक्रमित व्यक्ति अन्य लोगों के लिए खतरा बन सकता है। संदिग्ध मरीजों को सामान्य उपचार देकर ही छुट्टी कर दी जा रही है।
निजी लैब में मिले तीन संक्रमित, फिर भी नहीं पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम
शनिवार और रविवार को स्वाइन फ्लू के तीन मरीज निजी पैथोलॉजी लैब में संक्रमित पाए गए हैं। इनमें पटियाली गेट निवासी एक चिकित्सक, जैन गली की युवती और एक अन्य व्यक्ति शामिल है। इसके बावजूद स्वास्थ्य विभाग की टीम लापरवाह नजर आ रही है। सोमवार को टीम संक्रमित मरीजों के संपर्क में आए लोगों की जांच के लिए नहीं पहुंची। न ही उनकी ट्रैवल हिस्ट्री खंगाली गई और न ही परिजनों से संपर्क साधा गया।