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Etah News: उपेक्षा का शिकार कैलाश तालाब, बनता जा रहा कूड़ाघर
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कैलाश मंदिर स्थित प्राचीन तालाब में कूड़ा पलटते पालिका कर्मचारी। स्रोत स्थानीय निवासी
एटा। शहर के मोहल्ला कैलाशगंज स्थित प्राचीन कैलाश तालाब उपेक्षा और प्रदूषण का शिकार हो रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नगर पालिका के सफाई कर्मी नियमित रूप से इसमें कूड़ा डाल रहे हैं। इससे यह ऐतिहासिक जलाशय धीरे-धीरे कूड़ाघर में तब्दील होता जा रहा है।
तालाब के किनारों पर बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा हो गया है। मोहल्ले के राजकुमार, अनिल कुमार, सुंदर और प्रदीप सिंह ने बताया कि सफाई कर्मियों की ओर से यहां कूड़ा डाला जा रहा है। इससे तालाब की प्राकृतिक संरचना प्रभावित हो रही है। आसपास के क्षेत्र में गंदगी और प्रदूषण भी बढ़ रहा है। यह तालाब कैलाश मंदिर के इतिहास से जुड़ा है। समय के साथ इसकी स्थिति बिगड़ती गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते संरक्षण नहीं हुआ तो यह धरोहर समाप्त हो जाएगी।
लोगों ने सरकार की जल संरक्षण योजनाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कूड़ा डालने पर रोक लगाने और तालाब के पुनर्जीवन के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है। कैलाश मंदिर परिसर की ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा को संरक्षित करने की भी अपील की गई है। इस संबंध में ईओ निहाल सिंह ने कहा कि मौके का मुआयना कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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तालाब के किनारों पर बड़ी मात्रा में कूड़ा जमा हो गया है। मोहल्ले के राजकुमार, अनिल कुमार, सुंदर और प्रदीप सिंह ने बताया कि सफाई कर्मियों की ओर से यहां कूड़ा डाला जा रहा है। इससे तालाब की प्राकृतिक संरचना प्रभावित हो रही है। आसपास के क्षेत्र में गंदगी और प्रदूषण भी बढ़ रहा है। यह तालाब कैलाश मंदिर के इतिहास से जुड़ा है। समय के साथ इसकी स्थिति बिगड़ती गई है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते संरक्षण नहीं हुआ तो यह धरोहर समाप्त हो जाएगी।
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लोगों ने सरकार की जल संरक्षण योजनाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कूड़ा डालने पर रोक लगाने और तालाब के पुनर्जीवन के लिए ठोस कदम उठाने को कहा है। कैलाश मंदिर परिसर की ऐतिहासिक और धार्मिक गरिमा को संरक्षित करने की भी अपील की गई है। इस संबंध में ईओ निहाल सिंह ने कहा कि मौके का मुआयना कर समस्या का समाधान कराया जाएगा।
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