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ईद-मीलाद-उन-नबी पर जश्न का माहौल
ब्यूरो अमर उजाला, एटा
Updated Wed, 23 Dec 2015 11:16 PM IST
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पैगंबर मोहम्मद साहब के जन्मदिन को लेकर मुस्लिम समाज में जश्र का माहौल है। मुस्लिम बहुल्य मोहल्लों को बैनर और हरे झंडों से पाट दिया गया है। भवनों को झालरों से सजाया गया है।
ईद-मीलाद-उन-नबी को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह है। पर्व से पहले ही आयोजनों की धूम है। समाज के लोगों ने घरों से लेकर प्रतिष्ठानों तक सजावट की है। मारहरा दरवाजा, पटियाली गेट, किदवई नगर आदि मोहल्लों को बैनर व हरे झंडों से पाट दिया गया है। गुरुवार को शहर के प्रमुख मार्गों से जुलूस निकाला जाएगा। इसमें हजारों लोगों, आकर्षक झांकियां, ऊंट आदि की सवारियां भी निकलेंगी।
मंगलवार रात को तकिया गफूर शाह की दरगाह पर जश्रे रहमत-ए-आलम कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। जलसे की शुरुआत कुरान-ए-पाक से की गई। लखीमपुर खीरी के कारी अख्तर रजा ने संबोधित करते हुए कहा कि मोहम्मद साहब का जन्म खुशियों की सौगात है। चांद मियां कादरी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि खुशनुमा माहौल से सभी गदगद हैं। मुफ्ती खुर्शीद आलम ने भी संबोधित किया।
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जलसे में उपस्थित लोगों में अब्दुल रसीद सैफी, रुस्तम अली, इरफान अली, सल्लू भाई, अंसार भाई, छंगा मास्टर, मुफीद खां, ताहिर अली, मोहसिन रशीद, आकिल सिद्दीकी, शमशाद बाबू, दानिश रशीद, आदाब कादरी आदि प्रमुख थे।
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ईद-मीलाद-उन-नबी को लेकर मुस्लिम समाज में उत्साह है। पर्व से पहले ही आयोजनों की धूम है। समाज के लोगों ने घरों से लेकर प्रतिष्ठानों तक सजावट की है। मारहरा दरवाजा, पटियाली गेट, किदवई नगर आदि मोहल्लों को बैनर व हरे झंडों से पाट दिया गया है। गुरुवार को शहर के प्रमुख मार्गों से जुलूस निकाला जाएगा। इसमें हजारों लोगों, आकर्षक झांकियां, ऊंट आदि की सवारियां भी निकलेंगी।
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मंगलवार रात को तकिया गफूर शाह की दरगाह पर जश्रे रहमत-ए-आलम कांफ्रेंस का आयोजन किया गया। जलसे की शुरुआत कुरान-ए-पाक से की गई। लखीमपुर खीरी के कारी अख्तर रजा ने संबोधित करते हुए कहा कि मोहम्मद साहब का जन्म खुशियों की सौगात है। चांद मियां कादरी ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि खुशनुमा माहौल से सभी गदगद हैं। मुफ्ती खुर्शीद आलम ने भी संबोधित किया।
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जलसे में उपस्थित लोगों में अब्दुल रसीद सैफी, रुस्तम अली, इरफान अली, सल्लू भाई, अंसार भाई, छंगा मास्टर, मुफीद खां, ताहिर अली, मोहसिन रशीद, आकिल सिद्दीकी, शमशाद बाबू, दानिश रशीद, आदाब कादरी आदि प्रमुख थे।