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Etah News: बिना वर्दी के ही निगम की बसें दौड़ा रहे चालक
Sun, 29 Sep 2024 11:40 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sun, 29 Sep 2024 11:40 PM IST
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एटा। डिपो में नियमों को ताक पर रखकर काम किया जा रहा है, न तो चालक-परिचालक वर्दी पहने दिखाई देते हैं और न ही सवारियों के साथ इनका व्यवहार संतोषजनक होता है। वर्दी न पहनने के कारण यात्री इनको पहचान नहीं पाते और निजी बसों में भी बैठ जाते हैं।
जिला मुख्यालय पर स्थित डिपो में कर्मचारी लापरवाही बरतते दिखाई दे रहे हैं। काफी समय पहले आए आदेश का पालन भी नहीं किया जा रहा है। चालक-परिचालक बिना वर्दी के ही सेवाएं दे रहे हैं। जिसकी वजह से यात्रियों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है। स्टैंड के आसपास कभी-कभी रोडवेज के साथ निजी बसों को भी चालक खड़ा कर लेते हैं। जो कि रोडवेज से मिलते जुलते रंग में रंगी होती हैं। जिसकी वजह से यात्री धोखा खा जाते हैं।
रोडवेज चालक-परिचालक के वर्दी में न होने से निजी और निगम के कर्मचारियों में अंतर नहीं हो पाता। भ्रम में यात्री निजी बसों के अंदर बैठ जाते हैं। बाद में पता चलता है कि वह रोडवेज में नहीं निजी बस में बैठकर यात्रा कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर रोडवेज के चालक-परिचालक वर्दी पहन कर बैठेंगे तो हम लोगों को आसानी से पता चल सकेगा कि बस परिवहन निगम की है। इसके अलावा किसी प्रकार की अन्य समस्या होने पर हम लोग इनकी शिकायत या सुझाव के बारे में भी बता सकेंगे।
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चालक परिचालकों के लिए वर्दी पहनना जरूरी है, इससे पहचान भी होती है कि आप परिवहन निगम में काम कर रहे हैं। इसलिए वर्दी के लिए पत्राचार करते हुए मांग भेज दी गई है। जल्द ही स्वीकृति मिलते ही सभी वर्दी में दिखाई देंगे। -नरेश चंद्र गुप्ता, एआरएम
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जिला मुख्यालय पर स्थित डिपो में कर्मचारी लापरवाही बरतते दिखाई दे रहे हैं। काफी समय पहले आए आदेश का पालन भी नहीं किया जा रहा है। चालक-परिचालक बिना वर्दी के ही सेवाएं दे रहे हैं। जिसकी वजह से यात्रियों को भी समस्या का सामना करना पड़ता है। स्टैंड के आसपास कभी-कभी रोडवेज के साथ निजी बसों को भी चालक खड़ा कर लेते हैं। जो कि रोडवेज से मिलते जुलते रंग में रंगी होती हैं। जिसकी वजह से यात्री धोखा खा जाते हैं।
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रोडवेज चालक-परिचालक के वर्दी में न होने से निजी और निगम के कर्मचारियों में अंतर नहीं हो पाता। भ्रम में यात्री निजी बसों के अंदर बैठ जाते हैं। बाद में पता चलता है कि वह रोडवेज में नहीं निजी बस में बैठकर यात्रा कर रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि अगर रोडवेज के चालक-परिचालक वर्दी पहन कर बैठेंगे तो हम लोगों को आसानी से पता चल सकेगा कि बस परिवहन निगम की है। इसके अलावा किसी प्रकार की अन्य समस्या होने पर हम लोग इनकी शिकायत या सुझाव के बारे में भी बता सकेंगे।
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चालक परिचालकों के लिए वर्दी पहनना जरूरी है, इससे पहचान भी होती है कि आप परिवहन निगम में काम कर रहे हैं। इसलिए वर्दी के लिए पत्राचार करते हुए मांग भेज दी गई है। जल्द ही स्वीकृति मिलते ही सभी वर्दी में दिखाई देंगे। -नरेश चंद्र गुप्ता, एआरएम