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मेहता संस्कृत पाठशाला परिसर में गंदगी मिलने से डीएम खफा
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सोरोंजी। शुक्रवार दोपहर बाद डीएम ने तीर्थ नगरी की महत्व संस्कृत पाठशाला का निरीक्षण किया। इस दौरान परिसर में गंदगी देख डीएम खफा हो गईं। उन्होंने जिम्मेदारों को कड़ी फटकार लगाई। साथ ही पाठशाला के कर्मचारियों की समस्याएं सुनीं और तत्काल समाधान के निर्देश पालिका के ईओ को दिए।
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने पाठशाला में संचालित लाइब्रेरी, कक्ष, रजिस्टर आदि का गहन निरीक्षण किया। इस पाठशाला के ट्रस्ट की जिलाधिकारी अध्यक्ष व पालिकाध्यक्ष प्रबंधक हैं। पालिका पाठशाला को प्रति माह 20 हजार रुपये देती है। जिससे तीन अध्यापकों को प्रति माह 5 हजार रुपये वेतन व 5 हजार रुपये पाठशाला के रख रखाव पर खर्च होते हैं। बीते दस माह से पालिका द्वारा यह राशि पाठशाला को नहीं दी गई है।
प्रधानाचार्य हेमेंद्र शास्त्री ने डीएम को जब इस समस्या से अवगत कराया तो जिलाधिकारी ने तुरंत ईओ संतराम सरोज को अध्यापकों का बकाया वेतन देने के निर्देश दिए। पाठशाला में पेयजल का प्रबंध न होने, जगह-जगह गंदगी व गड्ढे होने, पाठशाला के मंदिर के द्वार को दीवार लगाकर बंद करने पर नाराजगी जताई। डीएम ने पाठशाला के ट्रस्ट की शीघ्र बैठक बुलाकर अन्य समस्याओं पर विचार करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर आचार्य राहुल वशिष्ठ उपस्थित रहे।
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जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने पाठशाला में संचालित लाइब्रेरी, कक्ष, रजिस्टर आदि का गहन निरीक्षण किया। इस पाठशाला के ट्रस्ट की जिलाधिकारी अध्यक्ष व पालिकाध्यक्ष प्रबंधक हैं। पालिका पाठशाला को प्रति माह 20 हजार रुपये देती है। जिससे तीन अध्यापकों को प्रति माह 5 हजार रुपये वेतन व 5 हजार रुपये पाठशाला के रख रखाव पर खर्च होते हैं। बीते दस माह से पालिका द्वारा यह राशि पाठशाला को नहीं दी गई है।
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प्रधानाचार्य हेमेंद्र शास्त्री ने डीएम को जब इस समस्या से अवगत कराया तो जिलाधिकारी ने तुरंत ईओ संतराम सरोज को अध्यापकों का बकाया वेतन देने के निर्देश दिए। पाठशाला में पेयजल का प्रबंध न होने, जगह-जगह गंदगी व गड्ढे होने, पाठशाला के मंदिर के द्वार को दीवार लगाकर बंद करने पर नाराजगी जताई। डीएम ने पाठशाला के ट्रस्ट की शीघ्र बैठक बुलाकर अन्य समस्याओं पर विचार करने का आश्वासन दिया। इस अवसर पर आचार्य राहुल वशिष्ठ उपस्थित रहे।
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