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एटा-कासगंज रेल विस्तार के लिए जंतर-मंतर पर प्रदर्शन
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रेल विस्तार की मांग को लेकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते संयुक्त रेल विस्तार संघर्ष समिति के पदाधि?
- फोटो : ETAH
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एटा। एटा-कासगंज रेल लाइन विस्तार को लेकर संयुक्त रेल विस्तार संघर्ष समिति ने आंदोलन तेज कर दिया है। पिछले सप्ताह ही शहर में रेल विस्तार को लेकर रैली निकाली गई थी। जबकि शुक्रवार को पदाधिकारियों ने दिल्ली पहुंचकर जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया। रेल मंत्रालय के अधिकारियों को मांगपत्र सौंपा। उधर, भाजपा के राज्यसभा सांसद हरनाथ सिंह ने शुक्रवार को संसद में तेज रफ्तार रेलों से एटा को जोड़ने का मुद्दा उठाया।
संयुक्त रेल विस्तार समिति के अध्यक्ष मेधाव्रत शास्त्री ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते हुए कहा कि एटा कासगंज का रेल विस्तार न होने के कारण क्षेत्र का औद्योगिक विकास बिल्कुल भी नहीं हुआ है। इसके साथ ही शैक्षणिक और सामाजिक विकास भी नहीं हो पाया है। रेल मंत्री से मांग की कि एटा कासगंज रेल विस्तार का बजट देने की कृपा करें। यह भी कहा कि अगर बजट नहीं दिया जाता है तो एटा जिला विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेगा। इस दौरान योगेंद्र कुमार, अरुण चौधरी, राजीव जैन, अवेधश कुमार, आनंद, आमिर, सहेंद्र, शीशराम, राजकिशोर, विवेक व दिलीप मौजूद रहे।
संसद में बोलते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि 1965-66 में एटा को बरहन रेल लाइन से जोड़ा गया था। तबसे केवल पैसेंजर ट्रेन से ही जुड़ाव चल रहा है। उन्होंने मांग रखी कि आगरा, कानपुर तथा नई दिल्ली की ओर तेज गति से चलने वाली रेलगाड़ियों को एटा से जोड़ा जाए।
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संयुक्त रेल विस्तार समिति के अध्यक्ष मेधाव्रत शास्त्री ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करते हुए कहा कि एटा कासगंज का रेल विस्तार न होने के कारण क्षेत्र का औद्योगिक विकास बिल्कुल भी नहीं हुआ है। इसके साथ ही शैक्षणिक और सामाजिक विकास भी नहीं हो पाया है। रेल मंत्री से मांग की कि एटा कासगंज रेल विस्तार का बजट देने की कृपा करें। यह भी कहा कि अगर बजट नहीं दिया जाता है तो एटा जिला विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करेगा। इस दौरान योगेंद्र कुमार, अरुण चौधरी, राजीव जैन, अवेधश कुमार, आनंद, आमिर, सहेंद्र, शीशराम, राजकिशोर, विवेक व दिलीप मौजूद रहे।
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संसद में बोलते हुए राज्यसभा सांसद ने कहा कि 1965-66 में एटा को बरहन रेल लाइन से जोड़ा गया था। तबसे केवल पैसेंजर ट्रेन से ही जुड़ाव चल रहा है। उन्होंने मांग रखी कि आगरा, कानपुर तथा नई दिल्ली की ओर तेज गति से चलने वाली रेलगाड़ियों को एटा से जोड़ा जाए।
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