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Etah News: सेहत के लिए फायदेमंद है साइकिल की सवारी
Fri, 02 Jun 2023 11:09 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 02 Jun 2023 11:09 PM IST
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एटा। वैसे तो घर में बाइक से लेकर कार तक है। नौकरी भी अच्छी रही, लेकिन उनकी पहली पसंद साइकिल की सवारी है। शहर के एक माध्यमिक विद्यालय के सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य और जैथरा के एक सेवानिवृत्त लिपिक आज भी शान से साइकिल पर चलते हैं। अधिक दूरी पर जाना हो तो मजबूरी है। शहर और आसपास चलने के लिए वह साइकिल का ही इस्तेमाल करते हैं। जैथरा के मोहल्ला तुलसीनगर निवासी पंडित राजपाल शर्मा की उम्र इस समय 82 वर्ष है। वह बीस वर्ष पहले श्री गांधी सार्वजनिक इंटर कॉलेज से सेवानिवृत्त हुए। बताया कि नौकरी के दौरान साइकिल से ही चलते थे और इस उम्र में भी साइकिल से ही चल रहे हैं। प्रतिदिन तीन से चार किलोमीटर तक साइकिल की सवारी करते हैं। बेटा ग्राम विकास अधिकारी है। बाइक, कार सब वाहन घर में है, लेकिन साइकिल की सवारी करना अच्छा लगता है।
शहर के मोहल्ला कैलाशगंज निवासी डॉ. दिनेश शर्मा शहर के श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य थे। उन्होंने बताया कि 36 वर्ष नौकरी की। घर में बाइक से लेकर कार तक रही। विद्यालय की दूरी करीब दो किलोमीटर है। वहां हमेशा साइकिल से ही गए। सेवानिवृत्त होने के बाद भी प्रतिदिन दस किलोमीटर साइकिल चला रहे हैं। इससे शरीर चुस्त दुरुस्त है और किसी तरह का प्रदूषण भी नहीं होता।
कई बीमारियों में मिलता है आराम
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अशोक कुमार बताते हैं कि साइकिल चलाने से मांसपेशियों दुरुस्त रहती हैं। कमर दर्द, अर्थराइटिस, कैंसर का खतरा, हृदय रोग होने की आशंका कम रहती है। व्यक्ति के शरीर में खून का प्रवाह अच्छा बना रहता है। फेंफड़े सही रहते हैं और काम करने की ताकत बढ़ती है।
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शहर के मोहल्ला कैलाशगंज निवासी डॉ. दिनेश शर्मा शहर के श्री गांधी स्मारक इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य थे। उन्होंने बताया कि 36 वर्ष नौकरी की। घर में बाइक से लेकर कार तक रही। विद्यालय की दूरी करीब दो किलोमीटर है। वहां हमेशा साइकिल से ही गए। सेवानिवृत्त होने के बाद भी प्रतिदिन दस किलोमीटर साइकिल चला रहे हैं। इससे शरीर चुस्त दुरुस्त है और किसी तरह का प्रदूषण भी नहीं होता।
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कई बीमारियों में मिलता है आराम
जिला महिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. अशोक कुमार बताते हैं कि साइकिल चलाने से मांसपेशियों दुरुस्त रहती हैं। कमर दर्द, अर्थराइटिस, कैंसर का खतरा, हृदय रोग होने की आशंका कम रहती है। व्यक्ति के शरीर में खून का प्रवाह अच्छा बना रहता है। फेंफड़े सही रहते हैं और काम करने की ताकत बढ़ती है।
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