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रिटायर्ड एसडीएम की हत्या, लाखों की लूट
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Fri, 29 Apr 2016 11:05 PM IST
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पटियाली में दिनदहाड़े वारदात
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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कस्बे में शुक्रवार दोपहर साहूकारी का काम करने वाले रिटायर्ड एसडीएम रामौतार गुप्ता (76) की गला दबाकर हत्या कर दी गई और हत्या के बाद हत्यारोपी लाखों की नकदी-जेवर लूटकर फरार हो गए। घटना से आक्रोशित व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद कर दिए और सात घंटे बाद भी पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। इस मामले में मृतक के बेटे ने पांच नामजद और तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें उन्होंने हत्या के बाद 250 ग्राम सोने के जेवर और एक लाख रुपये नकद लूटकर ले जाने का आरोप लगाया है।
रामौतार गुप्ता वर्ष 1999 में आगरा जिले में एसडीएम पद से सेवानिवृत्त हुए थे और मुख्य बाजार में स्थित मकान में रहते थे। रिटायर होने के बाद उन्होंने घर के बाहरी कमरे में ब्याज पर पैसे देने का काम शुरू किया। वह इसी में रहते भी थे। दोपहर करीब दो बजे उनका बेटा विनय किसी काम से उनके कमरे में आया, तब घटना का पता चला। उनकी गला घोटकर हत्या की गई थी। इससे पहले उनके हाथ-पैर एक अंगोछे से बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था ताकि वह शोर न मचा सकें। हत्या के बाद हत्यारोपी तिजोरी में रखे जेवर और नकदी समेटकर फरार हो गए। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। एसपी सुनील कुमार, सीओ पटियाली, कासगंज, एसडीएम भी पहुंचे। डॉग स्क्वाड एवं फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने भी छानबीन की। रात नौ बजे तक आक्रोशित लोगों ने पुलिस को शव का पंचनामा नहीं भरने दिया था। वे हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस से समय सीमा तय करने की मांग कर रहे थे। समाचार लिखे जाने तक अधिकारियों और व्यापारियों के बीच वार्ता चल रही थी। विनय ने थाने पर दर्ज कराई रिपोर्ट में कस्बे के ही ऋषभ कुमार, प्रतीक, अरुण कुमार, अनुराग और केपी सिंह पर अपने तीन अज्ञात साथियों के साथ मिलकर घटना करने का आरोप लगाया है।
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रामौतार गुप्ता वर्ष 1999 में आगरा जिले में एसडीएम पद से सेवानिवृत्त हुए थे और मुख्य बाजार में स्थित मकान में रहते थे। रिटायर होने के बाद उन्होंने घर के बाहरी कमरे में ब्याज पर पैसे देने का काम शुरू किया। वह इसी में रहते भी थे। दोपहर करीब दो बजे उनका बेटा विनय किसी काम से उनके कमरे में आया, तब घटना का पता चला। उनकी गला घोटकर हत्या की गई थी। इससे पहले उनके हाथ-पैर एक अंगोछे से बांध दिए और मुंह में कपड़ा ठूंस दिया था ताकि वह शोर न मचा सकें। हत्या के बाद हत्यारोपी तिजोरी में रखे जेवर और नकदी समेटकर फरार हो गए। घटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए। एसपी सुनील कुमार, सीओ पटियाली, कासगंज, एसडीएम भी पहुंचे। डॉग स्क्वाड एवं फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट की टीम ने भी छानबीन की। रात नौ बजे तक आक्रोशित लोगों ने पुलिस को शव का पंचनामा नहीं भरने दिया था। वे हत्यारों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस से समय सीमा तय करने की मांग कर रहे थे। समाचार लिखे जाने तक अधिकारियों और व्यापारियों के बीच वार्ता चल रही थी। विनय ने थाने पर दर्ज कराई रिपोर्ट में कस्बे के ही ऋषभ कुमार, प्रतीक, अरुण कुमार, अनुराग और केपी सिंह पर अपने तीन अज्ञात साथियों के साथ मिलकर घटना करने का आरोप लगाया है।
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