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पैथोलॉजी लैब में ब्लड बैंक
amar ujala
Updated Sat, 15 Apr 2017 11:58 PM IST
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पैथालाजी केंद्र से बरामद ब्लड
- फोटो : amar ujala
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सुभाष रोड मेनगंज में पैथोलॉजी लैब में गैरकानूनी तरीके से ब्लड बैंक चल रहा था। इसका खुलासा शनिवार शाम एसडीएम और ड्रग एवं औषधि विभाग के इंस्पेक्टर के छापे में हुआ। तलाशी के दौरान घरेलू फ्रिज में रखा 23 यूनिट ब्लड और 115 ब्लड के खाली पैक मिले। इस दौरान पैथोलॉजी लैब संचालक फरार हो गया। लैब संचालक अपने वार्ड से सभासद का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। जांच में लैब भी अवैध निकली। इसके लाइसेंस धारक की दो साल पहले ही मौत हो चुकी थी।
एसडीएम सदर डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि सुभाष रोड मेनगंज निवासी सुधीर कुमार अपने घर में मेडिकोमा सिटी पैथोलॉजी सेंटर के नाम से पैथोलॉजी लैब की आड़ में अवैध रुप से बिना लाइसेंस के ब्लड बैंक चला रहा था। शिकायत पर शनिवार शाम अलीगढ़ के ड्रग इंस्पेक्टर राजवीर सिंह और स्थानीय ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा और पुलिस बल के साथ छापा मारा। एसडीएम ने बताया कि बरामद ब्लड बिना एचआईवी और हैपेटाइटिस समेत अन्य बीमारियों की टेस्टिंग के बिना रखा था। लैब संचालक बिना लाइसेंस के लोगों का खून लेकर दूसरे ग्रुप का खून बेचने का काम करता था। जांच में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि संचालक ग्राहक के हिसाब से पैसे लेकर अवैध रुप से ब्लड बेच रहा था। एसडीएम ने बताया कि लैब का लाइसेंस डा. जेपी गुप्ता के नाम से है, लेकिन दो साल पहले उनकी मौत हो चुकी है। आरोप है उसी लाइसेंस पर सुधीर जैन पैरामेडिकल के सर्टिफिकेट लेकर पैथोलॉजी लैब चला रहा था। ब्लड जांच के लिए भेजा जा रहा है। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी हुई थी कार्रवाई
आठ साल पहले तत्कालीन डीएम आरपी शुक्ला ने इसी पैथोलॉजी लैब पर छापा मार कर अवैध रुप से रखा गया ब्लड बरामद किया था। मामले को लेकर लैब संचालक पर कई बार नशेड़ी रिक्शा चालकों का खून निकाल कर बेचने का आरोप लगे हैं। शहर में एक अवैध ब्लड बैंक का खून चढ़ने के कारण पूरे परिवार को एचआईवी होने का मामला भी समाने आ चुका है, लेकिन शिकायत नहीं होने से कार्रवाई नहीं हुई।
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डाक्टर मधुप कौशल ने बताया कि शरीर से खून निकालने के बाद ब्लड स्टोरेज मशीन में 4 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जाता है। यदि ब्लड घरेलू फ्रीज में 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जाएगा तो ब्लड सेल्स की लाइफ कम हो जाती है। शरीर से खून निकलने के बाद एक महीने से ज्यादा स्टोर नहीं किया जा सकता।
पैथोलॉजी लैब में ब्लड बैंक संचालन की शिकायत आने पर मैने भी कार्रवाई की थी, लेकिन उस वक्त ब्लड बरामद नहीं हुआ था। जिले में सिर्फ जिला अस्पताल में ब्लड बैंक है। अवैध ब्लड बैंक संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
- डा0 आरसी पांडेय, सीएमओ एटा
एसडीएम सदर, अलीगढ़ और एटा के ड्रग इंस्पेक्टर, नगर कोतवाली पुलिस के साथ सुभाष रोड स्थित पैथोलॉजी लैब में छापा मारा गया। वहां से 23 यूनिट ब्लड और 115 खाली ब्लड पैक बरामद हुए हैं। अवैध ब्लड बैंक संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
- सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी एटा
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एसडीएम सदर डॉ. संजीव कुमार ने बताया कि सुभाष रोड मेनगंज निवासी सुधीर कुमार अपने घर में मेडिकोमा सिटी पैथोलॉजी सेंटर के नाम से पैथोलॉजी लैब की आड़ में अवैध रुप से बिना लाइसेंस के ब्लड बैंक चला रहा था। शिकायत पर शनिवार शाम अलीगढ़ के ड्रग इंस्पेक्टर राजवीर सिंह और स्थानीय ड्रग इंस्पेक्टर राजकुमार शर्मा और पुलिस बल के साथ छापा मारा। एसडीएम ने बताया कि बरामद ब्लड बिना एचआईवी और हैपेटाइटिस समेत अन्य बीमारियों की टेस्टिंग के बिना रखा था। लैब संचालक बिना लाइसेंस के लोगों का खून लेकर दूसरे ग्रुप का खून बेचने का काम करता था। जांच में इस बात की भी पुष्टि हुई है कि संचालक ग्राहक के हिसाब से पैसे लेकर अवैध रुप से ब्लड बेच रहा था। एसडीएम ने बताया कि लैब का लाइसेंस डा. जेपी गुप्ता के नाम से है, लेकिन दो साल पहले उनकी मौत हो चुकी है। आरोप है उसी लाइसेंस पर सुधीर जैन पैरामेडिकल के सर्टिफिकेट लेकर पैथोलॉजी लैब चला रहा था। ब्लड जांच के लिए भेजा जा रहा है। आरोपी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
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पहले भी हुई थी कार्रवाई
आठ साल पहले तत्कालीन डीएम आरपी शुक्ला ने इसी पैथोलॉजी लैब पर छापा मार कर अवैध रुप से रखा गया ब्लड बरामद किया था। मामले को लेकर लैब संचालक पर कई बार नशेड़ी रिक्शा चालकों का खून निकाल कर बेचने का आरोप लगे हैं। शहर में एक अवैध ब्लड बैंक का खून चढ़ने के कारण पूरे परिवार को एचआईवी होने का मामला भी समाने आ चुका है, लेकिन शिकायत नहीं होने से कार्रवाई नहीं हुई।
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जिला अस्पताल के ब्लड बैंक प्रभारी डाक्टर मधुप कौशल ने बताया कि शरीर से खून निकालने के बाद ब्लड स्टोरेज मशीन में 4 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जाता है। यदि ब्लड घरेलू फ्रीज में 8 से 9 डिग्री सेल्सियस तापमान पर रखा जाएगा तो ब्लड सेल्स की लाइफ कम हो जाती है। शरीर से खून निकलने के बाद एक महीने से ज्यादा स्टोर नहीं किया जा सकता।
पैथोलॉजी लैब में ब्लड बैंक संचालन की शिकायत आने पर मैने भी कार्रवाई की थी, लेकिन उस वक्त ब्लड बरामद नहीं हुआ था। जिले में सिर्फ जिला अस्पताल में ब्लड बैंक है। अवैध ब्लड बैंक संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
- डा0 आरसी पांडेय, सीएमओ एटा
एसडीएम सदर, अलीगढ़ और एटा के ड्रग इंस्पेक्टर, नगर कोतवाली पुलिस के साथ सुभाष रोड स्थित पैथोलॉजी लैब में छापा मारा गया। वहां से 23 यूनिट ब्लड और 115 खाली ब्लड पैक बरामद हुए हैं। अवैध ब्लड बैंक संचालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है।
- सत्यार्थ अनिरुद्ध पंकज, एसएसपी एटा