{"_id":"5766e0764f1c1bbd4f11c010","slug":"avaidh-sharaab-kaarobaariyon-par-pulis-ka-shikanja","type":"story","status":"publish","title_hn":"अवैध शराब कारोबारियों पर पुलिस का शिकंजा","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
अवैध शराब कारोबारियों पर पुलिस का शिकंजा
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Sun, 19 Jun 2016 11:49 PM IST
विज्ञापन
आबकारी विभाग की कार्रवाई
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अवैध शराब कारोबारियों पर शिकंजा कसते हुए पुलिस एवं आबकारी विभाग ने कार्रवाई कर दो दर्जन से अधिक शराब भट्ठियों, दो लाख लीटर से अधिक लहन व तीन सौ लीटर शराब नष्ट कर दी।
उपजिलाधिकारी डा. संजीव कुमार, पुलिस उपाधीक्षक आशाराम अहिरवार, तहसीलदार आनंदवीर सिंह, जिला आबकारी अधिकारी बीके शर्मा के नेतृत्व में कई थानों के पुलिस ग्राम नगला लच्छी और टपुआ में अवैध शराब कारोबारियों के ठिकानों पर छापा मारा। इस दोरान 80 से अधिक अंडरग्राउंड टैंकों से बरामद दो लाख लीटर से अधिक लहन को नालियों में बहा दिया गया। साथ ही पच्चीस से अधिक भट्ठियां नष्ट कर दी गईं। तीन सौ लीटर से कच्ची शराब और शराब बनाने के उपकरण भी बरामद किये लेकिन कार्रवाई के दौरान कोई भी अपराधी पुलिस के हाथ नहीं लग सका। पुलिस ने 25-30 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
अलीगंज(ब्यूरो)। कच्ची शराब का यह कारोबार यहां कुटीर उद्योग बन चुका है। इसकी सप्लाई फर्रूखाबाद, मैनपुरी, बदायूं, इटावा, कन्नौज, कासगंज आदि जनपदों में की जाती है। शराब माफिया दो सौ व ढाई सौ ग्राम के पाउच बनाकर बोरियों में भरकर अन्य स्थानों पर आपूर्ति करते हैं।
विज्ञापन
एटा(ब्यूरो)। कच्ची शराब माफियाओं के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई के बाद भी वह बच निकले। इसका मुख्य कारण लोग पुलिस विभाग में तैनात पुलिसकर्मियों को ही मानते हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि पुलिस विभाग में भी शराब माफियाओं के शुभचिंतक हैं, जिन्होंने कार्रवाई की सूचना उन तक पहुंचाई।
----------
पूरे जिले में कच्ची शराब का धंधा चल रहा है। विगत दिनों कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव मदिया नगला में पुलिस की छापामार कार्रवाई में शराब माफियाओं एवं पुलिस के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें एक युवक घायल हो गया था। बताते चलें कि कोतवाली गांव न्यौराई, नगला मदिया, समदपुरा आदि में कच्ची शराब का काम होता है।
विज्ञापन
उपजिलाधिकारी डा. संजीव कुमार, पुलिस उपाधीक्षक आशाराम अहिरवार, तहसीलदार आनंदवीर सिंह, जिला आबकारी अधिकारी बीके शर्मा के नेतृत्व में कई थानों के पुलिस ग्राम नगला लच्छी और टपुआ में अवैध शराब कारोबारियों के ठिकानों पर छापा मारा। इस दोरान 80 से अधिक अंडरग्राउंड टैंकों से बरामद दो लाख लीटर से अधिक लहन को नालियों में बहा दिया गया। साथ ही पच्चीस से अधिक भट्ठियां नष्ट कर दी गईं। तीन सौ लीटर से कच्ची शराब और शराब बनाने के उपकरण भी बरामद किये लेकिन कार्रवाई के दौरान कोई भी अपराधी पुलिस के हाथ नहीं लग सका। पुलिस ने 25-30 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
विज्ञापन
अलीगंज(ब्यूरो)। कच्ची शराब का यह कारोबार यहां कुटीर उद्योग बन चुका है। इसकी सप्लाई फर्रूखाबाद, मैनपुरी, बदायूं, इटावा, कन्नौज, कासगंज आदि जनपदों में की जाती है। शराब माफिया दो सौ व ढाई सौ ग्राम के पाउच बनाकर बोरियों में भरकर अन्य स्थानों पर आपूर्ति करते हैं।
विज्ञापन
एटा(ब्यूरो)। कच्ची शराब माफियाओं के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई के बाद भी वह बच निकले। इसका मुख्य कारण लोग पुलिस विभाग में तैनात पुलिसकर्मियों को ही मानते हैं। नाम न छापने की शर्त पर कुछ लोगों ने बताया कि पुलिस विभाग में भी शराब माफियाओं के शुभचिंतक हैं, जिन्होंने कार्रवाई की सूचना उन तक पहुंचाई।
----------
पूरे जिले में कच्ची शराब का धंधा चल रहा है। विगत दिनों कोतवाली देहात क्षेत्र के गांव मदिया नगला में पुलिस की छापामार कार्रवाई में शराब माफियाओं एवं पुलिस के बीच गोलीबारी हुई, जिसमें एक युवक घायल हो गया था। बताते चलें कि कोतवाली गांव न्यौराई, नगला मदिया, समदपुरा आदि में कच्ची शराब का काम होता है।