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हाईकोर्ट में नौकरी लगवाने के नाम पर 7.5 लाख ठगे
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एटा। हाईकोर्ट इलाहाबाद में नौकरी लगवाने के नाम पर दो सगे भाइयों से साढ़े सात लाख रुपये की ठगी कर ली गई। तीन वर्षों से गुमराह किया गया और फर्जी कॉल लेटर भी दिया गया। नौकरी नहीं लगने पर रकम लौटाने को चेक दिया गया जो बाउंस हो गया। सोमवार को कोर्ट के आदेश पर तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
थाना जैथरा क्षेत्र के कस्बा धुमरी निवासी मुन्ना लाल पुत्र सियाराम और इनके भाई वेदप्रकाश को ठगी का शिकार बनाया गया है। मुन्ना लाल ने बताया है कि बड़े भाई सुरेंद्र सिंह के साढू भाई सुरेशचंद्र निवासी गांव बरा केशव थाना मोहम्मदाबाद जिला फर्रुखाबाद के बेटे मनोज, जितेंद्र, धर्मेश उर्फ दिलीप का घर आना जाना था। धर्मेश व मनोज ने आश्वासन दिया था कि आप दोनों भाइयों की हाईकोर्ट इलाहाबाद में चतुर्थ श्रेणी के पद पर नौकरी लगवा दी जाएगी हमारी अच्छी जान पहचान है, लेकिन सात लाख 50 हजार रुपये लगेंगे। आरोप है कि तीन साल पहले एक बार में चार लाख रुपये और बाकी रकम धर्मेश के खाते में ट्रांसफर की गई। इसके बाद एक फर्जी कॉल लेटर दिया गया, इसको लेकर इलाहाबाद पहुंचे तो फर्जी बता दिया गया।
इसके बाद रिश्तेदारों के माध्यम से पंचायत हुई और रकम लौटाने का दबाव बनाया तो एक चेक 7.5 लाख रुपये का दे दिया। यह चेक बैंक में लगाया तो बाउंस हो गया। इसके बाद कोर्ट की शरण ली गई और अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष विनय कुमार शर्मा ने बताया है कि तहरीर के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है और जांच की जा रही है।
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थाना जैथरा क्षेत्र के कस्बा धुमरी निवासी मुन्ना लाल पुत्र सियाराम और इनके भाई वेदप्रकाश को ठगी का शिकार बनाया गया है। मुन्ना लाल ने बताया है कि बड़े भाई सुरेंद्र सिंह के साढू भाई सुरेशचंद्र निवासी गांव बरा केशव थाना मोहम्मदाबाद जिला फर्रुखाबाद के बेटे मनोज, जितेंद्र, धर्मेश उर्फ दिलीप का घर आना जाना था। धर्मेश व मनोज ने आश्वासन दिया था कि आप दोनों भाइयों की हाईकोर्ट इलाहाबाद में चतुर्थ श्रेणी के पद पर नौकरी लगवा दी जाएगी हमारी अच्छी जान पहचान है, लेकिन सात लाख 50 हजार रुपये लगेंगे। आरोप है कि तीन साल पहले एक बार में चार लाख रुपये और बाकी रकम धर्मेश के खाते में ट्रांसफर की गई। इसके बाद एक फर्जी कॉल लेटर दिया गया, इसको लेकर इलाहाबाद पहुंचे तो फर्जी बता दिया गया।
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इसके बाद रिश्तेदारों के माध्यम से पंचायत हुई और रकम लौटाने का दबाव बनाया तो एक चेक 7.5 लाख रुपये का दे दिया। यह चेक बैंक में लगाया तो बाउंस हो गया। इसके बाद कोर्ट की शरण ली गई और अदालत के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष विनय कुमार शर्मा ने बताया है कि तहरीर के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज कर ली है और जांच की जा रही है।
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