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जरूरत पर जवाब न दे जाएंगे करोड़ों रुपये के ऑक्सीजन प्लांट
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मेडिकल कॉलेज स्थित ऑक्सीजन प्लांट ।संवाद
- फोटो : ETAH
एटा। मेडिकल कॉलेज में लगे ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति दिनों-दिन खराब होती जा रही है। पिछले दिनों प्लांट की मरम्मत करने आए इंजीनियर की ओर से जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया। जिसमें प्लांट की देखरेख और रखरखाव को लेकर चिंता जाहिर की गई। इसके बावजूद अभी तक देखरेख पर ध्यान नहीं दिया गया है। आशंका यह है कि कोविड की भयानक लहर आती है तो जरूरत पर यह प्लांट जवाब न दे जाएं।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की मारामारी बहुत ज्यादा रही थी। दूसरी कोरोना लहर बीत जाने के बाद जुलाई 2021 में मेडिकल कॉलेज के अंदर 3.50 करोड़ रुपये से अधिक लागत के दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए। एक जिला महिला अस्पताल में लगा है जबकि दूसरा मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी के पीछे स्थापित किया गया।
यहां के ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति अच्छी नहीं है। इसके संचालन में हो रही दिक्कतों को देखने टाटा एडवांस सिस्टम कंपनी के इंजीनियर पांच अप्रैल को आए। इंजीनियर राजेश यादव ने डीएम को पत्र लिखा कि प्लांट का रखरखाव अत्यधिक दयनीय है। इस हालत में प्लांट कुछ वर्ष में ही कबाड़ हो जाएगा। रखरखाव के अभाव में पीएम केयर फंड से लगाई गई रकम बर्बाद हो जाएगी। आग्रह किया गया कि अपने स्तर से दिशा-निर्देश जारी करें ताकि ऑक्सीजन प्लांट को बचाया जा सके।
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ऑक्सीजन प्लांट के लिए नहीं है कोई केयर-टेकर
ऑक्सीजन प्लांट के लिए आईटीआई समकक्ष तकनीकी जानकारी रखने वाले को केयर टेकर के रूप में रखे जाने का प्रावधान है। लेकिन यहां पर कोई केयर टेकर नहीं रखा गया है। इसकी वजह से प्लांट में आए दिन खराबी आती है।
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कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की मारामारी बहुत ज्यादा रही थी। दूसरी कोरोना लहर बीत जाने के बाद जुलाई 2021 में मेडिकल कॉलेज के अंदर 3.50 करोड़ रुपये से अधिक लागत के दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किए गए। एक जिला महिला अस्पताल में लगा है जबकि दूसरा मेडिकल कॉलेज इमरजेंसी के पीछे स्थापित किया गया।
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यहां के ऑक्सीजन प्लांट की स्थिति अच्छी नहीं है। इसके संचालन में हो रही दिक्कतों को देखने टाटा एडवांस सिस्टम कंपनी के इंजीनियर पांच अप्रैल को आए। इंजीनियर राजेश यादव ने डीएम को पत्र लिखा कि प्लांट का रखरखाव अत्यधिक दयनीय है। इस हालत में प्लांट कुछ वर्ष में ही कबाड़ हो जाएगा। रखरखाव के अभाव में पीएम केयर फंड से लगाई गई रकम बर्बाद हो जाएगी। आग्रह किया गया कि अपने स्तर से दिशा-निर्देश जारी करें ताकि ऑक्सीजन प्लांट को बचाया जा सके।
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ऑक्सीजन प्लांट के लिए नहीं है कोई केयर-टेकर
ऑक्सीजन प्लांट के लिए आईटीआई समकक्ष तकनीकी जानकारी रखने वाले को केयर टेकर के रूप में रखे जाने का प्रावधान है। लेकिन यहां पर कोई केयर टेकर नहीं रखा गया है। इसकी वजह से प्लांट में आए दिन खराबी आती है।